गमगीन माहौल में तीनों बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, बागोरिया की ढाणी में खेलते वक्त हुआ था हादसा

गमगीन माहौल में तीनों बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, बागोरिया की ढाणी में खेलते वक्त हुआ था हादसा

गमगीन माहौल में तीनों बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, बागोरिया की ढाणी में खेलते वक्त हुआ था हादसा

उदयपुरवाटी (झुंझुनूं): प्रदेश के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी थाना इलाके में शनिवार देर शाम को मिट्टी के टीले पर खेल रहे तीन बच्चों की जान चली गई. आज सुबह गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया. पूरे गांव में हादसे के बाद जहां एक ओर सन्नाटा है. वहीं बच्चों के घर में कोहराम मचा हुआ है. मां-बाप और अन्य परिजनों के आंसू नहीं रूक रहे है. वहीं गांव का हर व्यक्ति, महिला और बच्चा बच्चा घटना के बाद से स्तब्ध है. 

कांग्रेस और बीजेपी नेता पहुंचे बागोरिया की ढाणी:
आज अंतिम संस्कार में भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया, कांग्रेस नेता डॉ. राजपाल शर्मा, नवलगढ़ तहसीलदार कपिल उपाध्याय, बागोरिया की ढाणी के सरपंच राजेंद्र सैनी, चिराना सरपंच राजेंद्रसिंह शेखावत आदि शामिल हुए.जिन्होंने घटना पर शोक जताया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार से अधिक से अधिक मदद परिवार को दिलाई जाएगी. ये तीनों ही बच्चें एक ही परिवार के थे. वहीं इनके साथ खेल रहे एक बच्चे का इलाज चौमूं के निजी अस्पताल में चल रहा है. जहां पर उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है. आपको बता दें कि शनिवार को बागोरिया की ढाणी के रहने वाले आठ वर्षीय कृष्ण पुत्र सुरेश, सात वर्षीय प्रिंस पुत्र महेश, 10 वर्षीय निशा उर्फ सोना पुत्री पूर्णमल तथा सात वर्षीय प्रिंस पुत्र पूर्णमल घर के पास ही माटी के टीले पर खेल रहे थे. चारों बच्चे ने मिट्टी में घरोंदे बनाए थे और खेल रहे थे.

अचानक मिट्टी के धंसने के कारण हुआ हादसा:
अचानक मिट्टी के धंसने के कारण चारों मिट्टी में दब गए. उसी वक्त एक और बच्चा उधर से जा रहा था उसने मिट्टी में दबे प्रिंस पुत्र पूर्णमल को देख लिया. उसने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने आकर प्रिंस को निकाला. लेकिन कुछ देर बाद पता चला कि वहां पर तीन और बच्चे प्रिंस के साथ थे. जिसमें एक तो उसकी सगी बहन निशा उर्फ सोना, वहीं परिवार के अन्य कृष्ण व प्रिंस पुत्री महेश थे. ग्रामीणों ने हाथों से मिट्टी हटाकर उन्हें भी निकाला. जिन्हें पहले तो चिराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां से उन्हें सीकर रैफर किया गया. सीकर में तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया. वहीं एक का इलाज जारी है.

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