किशनगढ़ के नेशनल हाईवे स्थित बड़गांव के बाहर जिस्मफरोशी का धंधा जोरों पर

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/16 06:47

किशनगढ़। किशनगढ़ के नेशनल हाईवे स्थित बड़गांव के बाहर बने हुए मकानों में इन दिनों जिस्मफरोशी का धंधा जोरों पर चल रहा है। ताज्जुब की बात ये है कि जिस जगह पर ये काला धंधा फल-फूल रहा है, वहां से कुछ दूरी पर ही गांव के ग्रामीण रहते है लेकिन वह भी अपना जीवन नरक में जी रहे है। 

पिछले कई सालो से चल रही इस तरह की अनैतिक गतिविधियों के बारे में स्थानीय लोगों ने पुलिस को कई बार सूचना दी, पर इन पर अभी तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। जिस्मफरोशी के इस धंधे में मुंबई, दिल्ली, सवाई माधोपुर एवं अन्य जगहों से लाई गई ज्यादातर लड़कियां नाबालिग हैं। 1st इंडिया की टीम  की पड़ताल में सामने आया सच देखने लायक था।

जिस्मफरोशी वाली जगह पर ग्राहकों की भीड़ धंधे के जोरों से चलने की तरफ साफ इशारा कर रही थी। यही नहीं काफी वीआईपी ग्राहक वहां अपने चौपहिया वाहन से पहुंचते हैं। जो कि दलालों के मार्फत लड़कियों को गाड़ी में ही बुलाकर खुद को संतुष्ट करते हैं। यही नहीं दलाल ग्राहक के आने पर सभी लड़कियों को एक लाइन में खड़ा करवाकर उसे पसंद करने का इशारा करते हैं।जिस लड़की को ग्राहक ने छू लिया वो उसके साथ हो जाती है। इन सभी कामों के लिए दलाल अच्छा खासा कमीशन ग्राहक से ले लेता है। दलालों में भी अधिकतर नाबालिग हैं।

अधिकतर लड़कियां नाबालिग
किशनगढ़ के बड़गांव  में चल रहे इस जिस्मफरोशी के धंधे में करीब 40 से 45 लड़कियां सक्रिय है। जिनमें से करीब बीस लड़कियां नाबालिग हैं। जिनकी उम्र महज 14 से 16 साल के बीच है। ग्राहकों के आने पर लड़कियां उन्हें चारों तरफ से घेरकर अपने साथ ले जाने का प्रयास करती हैं। लेकिन ग्राहक उनमें से पसंद करके लड़की अपने साथ ले जाता है।

किशनगढ़ संवाददाता इंद्रजीत उबाना  ने मौके पर जाकर देखा तो वहां पहले से हटनुमा करीब 20 मकान तैयार हैं। जिनमें  छोटी-छोटी कोठरियां बनी हुई थी, जिनमें वैश्यावृत्ति करवाई जाती है। इन मकानों के अलावा अन्य कई मकानों का नवनिर्माण कार्य मौके पर जारी था। जब नवनिर्माण के बारे में पड़ताल की गई तो पता चला कि कुछ दिनों बाद और भी लड़कियां इस धंधे में शामिल होने आ रही हैं। जिनके लिए पहले से व्यवस्था की जा रही है।

यहां पर आने वाले ग्राहक इस गांव के अंदर भी दाखिल हो जाते हैं और गांव की महिलाओं के साथ छेड़छाड़ से भी बाज नहीं आते। हालात इस कदर उस वक्त बेकाबू हो जाते हैं जब मनचले गांव की बस्तियों में पहुंचकर यहां की महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं। मामले की जानकारी पुलिस को दी जाती है तो पुलिस भी चांदी की चमक के है आगे बोनी साबित हो जाती है। गांव में रहने वाले लोगों की सुरक्षा की बजाय पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले जाती है और बाद में ग्राहक बनकर आए कथित लोगों से सौदा कर गांव वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लेती है। इस तरह के हालात एक बार नहीं अनेकों बार बन चुके हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गांव में यह अवैध कारोबार नहीं होता यह अवैध कारोबार गांव से कुछ दूर एक बस्ती में होता है। लेकिन गांव का नाम इस बस्ती से जुड़ा होने के कारण यह गांव भी बदनाम है यहां पर आए दिन इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बदनाम गांव होने के कारण यहां से कहीं ग्रामीण पलायन करने पर मजबूर है।

यहां से आती हैं लड़कियां
पड़ताल में सामने आया कि दलाल जिस्मफरोशी के धंधे के लिए लड़कियां मुंबई, दिल्ली, सवाईमाधोपुर सहित अन्य कई जगहों से ग्राहक की पसंद के हिसाब से मंगाते हैं। ग्राहक की पसंद से मंगवाई गई लड़कियों का रेट भी अलग होता है। कभी-कभी बीच में खास ग्राहकों के लिए लड़कियां नेपाल से भी मंगवाई जाती हैं। जिनकी रुकने की व्यवस्था यहां न कर होटल में की जाती है।

जबरन वसूली का खेल
वैश्यावृत्ति के अड्डे पर आए ग्राहकों से पड़ताल में सामने आया कि दलाल के मार्फत लड़कियां बाहर 350 रुपए में रेट तय करती हैं। लेकिन ग्राहक को अंदर ले जाकर उससे जबरन कमरा चार्ज एवं अन्य खर्चे के नाम पर वसूली की जाती है। एक ग्राहक ने बताया कि बाहर उससे 350 रुपए तय किए गए लेकिन अंदर जबरन उससे एक हजार रुपए और ऐंठ लिए गए।

सोशल मीडिया पर भी दलाल सक्रिय
दलाल आने वाले ग्राहकों को अपने व्हाट्सअप नंबर उपलब्ध करवा देते हैं और ग्राहक के नंबर ले लेते हैं। मंडी में जब कोई नई लड़की आती है तो दलाल उसकी फोटो ग्राहकों के नंबर पर भेज देते हैं। ताकि ग्राहक लड़की की फोटो देखकर वहां दुबारा आए और दलालों का धंधा अनवरत चलता रहे।

बड़गांव में  वैश्यावृत्ति के इस अड्डे पर ग्राहकों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां दिनभर में करीब 40 से 100 लोग आते हैं। ग्राहकों में नाबालिगों की संख्या ज्यादा रहती है। दिन भर ग्राहकों की आवाजाही से स्थानीय लोगों में कौतुहल का माहौल बना रहता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद प्रशासन और पुलिस इस और किस तरह से कार्रवाई कर पाते हैं।

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