जोधपुर नगर निगम चुनाव-2020: जोधपुर शहर की सरकार चुनने के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी हुई शुरू

नगर निगम चुनाव-2020: जोधपुर शहर की सरकार चुनने के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी हुई शुरू

नगर निगम चुनाव-2020: जोधपुर शहर की सरकार चुनने के लिए राजनीतिक बिसात बिछनी हुई शुरू

जोधपुर: राजस्थान के दूसरे बड़े जिले जोधपुर में नगर निगम चुनाव को लेकर एक ओर जहां बीजेपी और कांग्रेस के नेता अपना अपना बोर्ड बनाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं पहली बार दो नगर निगम होने की वजह से वार्ड की संख्या भी 180 है, लिहाजा नए प्रयोग को लेकर जनता में इस बात की खुशी है कि कम से कम ज्यादा वार्ड होंगे तो ज्यादा विकास कार्य होंगे. नगर निगम चुनाव के दौरान कोरोनाकाल में संक्रमण रोकने के लिए निर्वाचन विभाग ने जोधपुर शहर में ज्यादा बूथ बनाए हैं. अभी शहर में 647 मुख्य बूथ हैं. एक बूथ पर करीब 1200 से 1400 वोटर्स हैं. इसकाे कम कर एक बूथ पर सिर्फ 800 से 850 तक वोटर्स होंगे. इसके हिसाब से दोनों ही निगम क्षेत्रों में करीब 500 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए है.

पहली बार दो नगर निगम बोर्ड के लिए चुनाव:
दोनों मिलाकर शहर में कुल 1147 बूथ हो जाएंगे. सहायक मतदान केंद्रों का प्रस्ताव बनाकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा गया है. वहां से प्रस्ताव पारित होते ही सरकारी  और सार्वजनिक भवनों में इसका निर्धारण होगा. अगर बात करें 1994 से अब तक की तो जोधपुर में नगर निगम के 5 बोर्ड बने हैं, जिनमें 3 बोर्ड कांग्रेस के और 2 बोर्ड भारतीय जनता पार्टी के बने हैं. सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी कोटे से डॉ. खेतलखानी महापौर बने जिन्होंने 1994 से 1999 मेयर के रूप में दायित्व निभाया. उसके बाद सामान्य ओबीसी कोटे से 1999 से 2004 तक कांग्रेस के शिवलाल टाक मेयर चुने गए. उसके बाद 2004 से 2009 महिला ओबीसी के रूप में ओमकुमारी गहलोत महापौर बनी. उसके बाद सामान्य कोटे से 2009 से 2014 तक रामेश्वर दाधीच ने महापौर के रूप में दायित्व निभाया. वर्ष 2014 से 2019 तक घनश्याम ओझा सामान्य सीट महापौर चुने गए. जोधपुर में पहली बार दो निगम बोर्ड के लिए चुनाव हो रहे हैं,जिनमे
कुल मतदाता 7,27,300 है.

-कुल वार्ड 160 है.
-उत्तर निगम में वार्ड 80 है जबकि
-पुरुष मतदाता 1,98,996 व
-महिला मतदाता 1,88,905 व 
-ट्रांसजेंडर 03 मतदाता है. इस प्रकार उत्तर में कुल मतदाता 3,87,791 है.
-अगर बात करें दक्षिण की तो,दक्षिण निगम में भी 80 वार्ड है. जिनमें
-पुरुष मतदाता 1,75,701,
-महिला मतदाता 1,63,832 व 
-ट्रांसजेंडर 04 है. 
-यहां कुल मतदाता 3,39,537 है.

दोनों बोर्ड कांग्रेस के खाते में डालना बड़ी चुनौती:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में पिछला बोर्ड भाजपा का था, लिहाजा कांग्रेस के लिए राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होते हुए दोनों के दोनों बोर्ड कांग्रेस के खाते में डालने की बड़ी चुनौती है, तो वहीं जोधपुर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत की साख दांव पर लगी हुई है, कि आखिर भाजपा दोनों बोर्ड पर किस तरह से काबिज होती है. जनता की सड़कों संबंधित समस्या से लेकर सीवरेज और ड्रेनेज के अलावा मकान बनाने के नक्शों लिए हाथों-हाथ अनुमति नहीं मिलने और विभिन्न मामलों में नगर निगम के चक्कर काटने जैसी समस्याएं जहां सामने आ रही है. वहीं हमारे संवाददाता राजीव गौड़ ने चुनाव को लेकर जाना जनता का मूड.
 

...फर्स्ट इंडिया के लिए राजीव गौड़ की रिपोर्ट 

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