Jodhpur Jodhpur: कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों के प्रति बढ़ी जागरूकता, जड़ी-बूटियों और पुराने घरेलू नुस्खों में काम आते ये पौधे

Jodhpur: कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों के प्रति बढ़ी जागरूकता, जड़ी-बूटियों और पुराने घरेलू नुस्खों में काम आते ये पौधे

Jodhpur: कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों के प्रति बढ़ी जागरूकता, जड़ी-बूटियों और पुराने घरेलू नुस्खों में काम आते ये पौधे

जोधपुर: कोरोना महामारी में लोगों की जड़ी-बूटियों व पुराने घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल होने वाली औषधीय पौधों की नर्सरी के प्रति रुचि बढ़ी है. लोग अपने घर के छोटे बगीचे में औषधीय पौधे लगाना चाहते है जिसको लेकर वन विभाग के पास काफी ज्यादा इंक्वायरी के साथ ही डिमांड भी पहुंच रही है. जिसके लिहाज से पिछले दो वर्षो के मुकाबले इस बार पौधे भी ज्यादा तैयार किए जा सकते है. 

बारिश से पूर्व वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां प्लांटेशन को लेकर की जाती है उसी के तहत प्रक्रिया जारी है. औषधीय पौधों की बागवानी लगाने में लोग रूचि ले रहे हैं. इस महामारी से बचने के लिए लोग प्रकृति का सहारा ले रहे हैं. जोधपुर के कमिश्नर ऑफिस के सामने स्थित वन विभाग के उपवन संरक्षक कार्यालय में औषधीय पौधों की डिमांड लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

वन्यजीव उपवन संरक्षक रमेश कुमार मालपानी की माने तो इस बार जनता औषधियों पौधों की काफी इंक्वायरी कर रही है और बारिश की संभावना के चलते वह जल्द पौधे लेकर भी जाएंगे. हालांकि वन विभाग द्वारा हर साल की तरह इस साल भी बारिश को ध्यान में रखते हुए रूटीन प्रक्रिया के तहत प्लांटेशन का कार्य किया जा रहा है.

डेढ से दो लाख पौधे आमजन में वितरित करने की तैयारी:

इसके साथ ही डेढ से दो लाख के करीब पौधे आमजन में भी वितरित करने की तैयारी चल रही है. उपवन संरक्षक रमेश कुमार मालपानी ने कहा कि कोविड के बाद औषधीय पौधों की काफी जागरूकता बढ़ी है. लोग मुझसे मिलने भी आते है और दो हजार से पांच हजार तक पौधों की डिमांड करते है. दो साल की तुलना में इस साल ज्यादा इंक्वायरी और डिमांड आ रही है.

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