जोधपुर Jodhpur: वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे रक्षा मंत्री

Jodhpur: वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे रक्षा मंत्री

Jodhpur: वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे रक्षा मंत्री

जोधपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को जिले के निकट सालवा कला में वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोई कुछ भी कहे लेकिन हमने किसी को देश की सीमा के अंदर नहीं आने दिया है. चीन सीमा विवाद के  दौरान कुछ घटनाएं तो ऐसी घटित हुई जो हम दो या तीन लोग जानते हैं जिसे मैं सबके सामने सार्वजनिक नहीं कर सकता. लेकिन मान कर चलिए अगर वह बातें आप सबको पता हो तो सबका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. 

हम देश की आन-बान शान पर आंच कभी नहीं आने देंगे. रक्षा मंत्री ने कहा कि दुर्गादास वह व्यक्ति थे जिन्होंने जो वचन दिया वह पूरा किया। हम भी उसी तरह से राजनीति करते हैं जो वादा करते हैं उसे निभाते हैं. पहले नेताओं की कथनी और करनी में अंतर होता था जिससे जनता में विश्वास का संकट पैदा हो गया. हमने उस संकट को खत्म किया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी समय में देश 60 फीसदी से ज्यादा हथियार आयात करता था. हमने इसमें बदलाव किया है अब हम सिर्फ 35 फीसदी ही आयात करते हैं. 

हमने दुनिया के बड़े हथियार निर्माताओं से कहा है कि अगर भारत को हथियार देना है तो भारत की धरती पर आकर हथियार बनाना होगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि दुर्गादास एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने स्वामी भक्ति और कर्तव्यनिष्ठ रहते हुए मारवाड़ की सुरक्षा की. हिंदुत्व की रक्षा की वे सफल कूटनीतिज्ञ थे जिसके बदौलत उन्होंने औरंगजेब को भी मात दी. उनका शौर्य पराक्रम बहुत बड़ा था. उन्होंने मारवाड़ को एकता के सूत्र में बांधा दक्षिण में भी काम किया वे राष्ट्रीय वीर थे. उन्होंने दुर्गादास की मूर्ति लगाने वाले डॉ दलीप करण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि 37 साल तक अमेरिका में रहने के बावजूद वे अपने गांव और अपनी परंपराओं से जुड़े हैं. 

रक्षा मंत्री ने कहा कि हम सभी को सौहार्द और भाईचारा बना कर रखना है. उदयपुर जैसी घटनाएं सबको विचलित करती है. दिल दहलाने वाली है. सभी धर्मों के लोगों को इसकी आलोचना करनी चाहिए. हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कुछ ताकतें दूरी पैदा कर रही है हमे उनसे बचकर रहना है. समारोह में पाली सांसद पीपी चौधरी ने रक्षा मंत्री से कहा कि इस गांव से एक हजार से ज्यादा सैनिक देश सेवा में कार्यरत है. हमें यहां पर सैनिक स्कूल की आवश्यकता है. 

राज्य सरकार के प्रस्ताव से ही सैनिक स्कूल खुलता है:

इस मांग को ग्रामीणों को भी दोहराया. इस पर रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव से ही सैनिक स्कूल खुलता है. लेकिन अगर कोई अच्छा निजी विद्यालय है तो केंद्र सरकार उस विद्यालय में सैनिक स्कूल जैसी ही व्यवस्था अपने स्तर पर करने केंद्र सरकार सहयोग कर सकती है. इसके लिए मैं तैयार हूं.

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