जोधपुर जोधपुर: आज पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ होगा शहीद लक्ष्मण का अंतिम संस्कार

जोधपुर: आज पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ होगा शहीद लक्ष्मण का अंतिम संस्कार

जोधपुर: आज पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ होगा शहीद लक्ष्मण का अंतिम संस्कार

जोधपुर: जिले के बिलाड़ा क्षेत्र के रहने वाले भारतीय सेना के जवान लक्ष्मण पिचकिया जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए गोली लगने के कारण शहीद हो गए थे, जिनका आज पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.

कश्मीर में पाकिस्तानी फायरिंग में बुधवार रात को शहीद हो गये थे: 
सीमा पर देश की रक्षा करते हुये राजस्थान के जोधपुर का एक और सपूत शहीद हो गया है. जोधपुर के बिलाड़ा का जवान लक्ष्मण पिचकिया जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी फायरिंग में बुधवार रात को शहीद हो गये थे. भारतीय सेना के जवान लक्ष्मण के कल गांव में इसकी सूचना मिलने के बाद से वहां माहौल गमगीन हो गया है. लक्ष्मण के घर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा हुआ है. इसी सप्ताह प्रदेश के अलवर का एक और लाडला भी सीमा पर देश की रक्षा करते हुये शहीद हो गया था. 

अप्रैल माह में शादी प्रस्तावित थी:
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में जोधपुर जिले के खेजड़ला निवासी 27 वर्षीय लक्ष्मण सीमा पर दुश्मनों का बुलंद हौसले व बहादुरी के साथ मुकाबले करते हुए घायल हो गए. उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें बचाया नहीं जा सका. खेजड़ला में अपने लाड़ले लक्ष्मण के शहीद होने का समाचार मिलते ही शोक छा गया. उसके परिवार में माता-पिता व एक छोटा भाई व बहन है. उनके पिता खेती से जुड़े है. लक्ष्मण की अप्रैल माह में शादी प्रस्तावित थी. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थी. इस माह के अंत तक लक्ष्मण छुट्‌टी पर आने वाले थे. 

शहीद लक्ष्मण को सेना में भर्ती हुए चार वर्षो का समय हो गया था:
गौरतलब है कि, शहीद लक्ष्मण को सेना में भर्ती हुए चार वर्षो का समय हो गया था उन्होने वर्ष 2015 में जॉइनिंग की थी. जानकारी के अनुसार लक्ष्मण जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर के सुंदरबनी में तैनात थे. वहां वे पाकिस्तान की ओर से किये गये सीज फायर के उल्लंघन में पाक को जवाब देते हुये गंभीर रूप से घायल हो गये थे. पाकिस्तानी सेना की ओर से की फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुये लक्ष्मण को सेना के हॉस्पिटल ले जाया गया वहां उन्होंने बुधवार रात को अंतिम सांस ली. 

शहीद लक्ष्मण दिसम्बर 2020 में छुट्टी काटकर गए थे:
शहीद लक्ष्मण के भाई ने कहा कि दिसम्बर 2020 में लक्ष्मण छुट्टी काटकर गए थे. लक्ष्मण की तरह उनका भाई भी देश की सेवा के लिए तैयारी कर रहा है. दो माह बाद लक्ष्मण की शादी भी होनी थी. शहीद लक्ष्मण पहले उत्तराखंड में भी रह चुके है जिसके बाद यह राजौरी में पोस्टिंग हुई. एक साल से राजौरी में ही शहीद लक्ष्मण की पोस्टिंग थी. शहीद लक्ष्मण के गांव में शोक की लहर है. गांव के राजकीय विद्यालय में अवकाश रखा गया है तो वही सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे है. बिलाडा के खेजडला गांव में आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद लक्ष्मण का अंतिम संस्कार किया जाएगा. अपने लाडले सपूत लक्ष्मण के शहीद होने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है.

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