नाबालिग से रेप के दोषी आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुनवाई 21 मई तक स्थगित

नाबालिग से रेप के दोषी आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुनवाई 21 मई तक स्थगित

जोधपुर: अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की ओर से स्वास्थ्य कारणों को लेकर अंतरिम जमानत के लिए दायर की गई. याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां 21 मई तक याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया गया. राजस्थान हाईकोर्ट में एम्स की तरफ से पेश इस रिपोर्ट के बाद उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई 21 मई तक स्थगित कर दी गई. हाईकोर्ट ने 21 मई से पहले एम्स से उसके स्वास्थ्य को लेकर नई रिपोर्ट मांगी है. तब तक आसाराम को एम्स में ही रखा जाएगा. 

कोरोना संक्रमित होने के बाद आसाराम ने अपनी अन्य बीमारियों का इलाज कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत याचिका पेश की थी. आसाराम की तरफ से इलाज कराने के लिए दो महीने की अंतरिम जमानत देने की मांग की गई. इस पर हाईकोर्ट ने एम्स से आज आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा था. हाईकोर्ट में आज न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई. ऑनलाइन हुई सुनवाई में आसाराम की तरफ से दिल्ली के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पैरवी की. उन्होंने तर्क दिया कि आसाराम को हार्ट में तकलीफ है. साथ ही वे कई बीमारियों से परेशान है. ऐसे में वे आयुर्वेद पद्धति से अपना इलाज केरल जाकर कराना चाहते है. इस कारण मानवीय आधार पर जमानत दी जाए. 

राज्य सरकार की तरफ से जमानत का विरोध किया गया:
वहीं राज्य सरकार की तरफ से जमानत का विरोध किया गया. वकील अनिल जोशी ने कहा कि एम्स की तरफ से पेश आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट में उसे किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं बताई गई है. फिलहाल उसका सिर्फ कोरोना संक्रमण का इलाज किया जा रहा है. वहीं, कोरोना संक्रमित व्यक्ति को 14 दिन तक आइसोलेट रहना अनिवार्य है. ऐसे में जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं बनता. दोनों पक्ष के तर्क सुनने के बाद खंडपीठ ने अगली सुनवाई तिथि 21 मई तय कर दी. तब तक आसाराम के कोरोना संक्रमित होने के बाद के 14 दिन भी पूरे हो जाएंगे. साथ ही एम्स से उस दिन आसाराम के स्वास्थ्य की ताजा रिपोर्ट पेश करने को कहा है. इसके आधार पर तय किया जाएगा कि आसाराम को जमानत दी जाए या नहीं.

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