ब्रिसबेन जोश हेजलवुड ने की शार्दुल व वाशिंगटन की बल्लेबाजी की तारीफ, कहा- हम योजना का कार्यान्वयन नहीं कर सके

जोश हेजलवुड ने की शार्दुल व वाशिंगटन की बल्लेबाजी की तारीफ, कहा- हम योजना का कार्यान्वयन नहीं कर सके

जोश हेजलवुड ने की शार्दुल व वाशिंगटन की बल्लेबाजी की तारीफ, कहा- हम योजना का कार्यान्वयन नहीं कर सके

ब्रिसबेनः ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने चौथे टेस्ट के तीसरे दिन भारत को अपनी शतकीय साझेदारी से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का श्रेय वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर को दिया लेकिन कहा कि मेजबान टीम के गेंदबाज रविवार को विपक्षी टीम के पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेजने की योजना का कार्यान्वयन नहीं कर सके.

वाशिंगटन और शार्दुल के बीच पहली पारी में हुई 123 रनों की साझेदारीः
ऑस्ट्रेलिया के 369 रन के पहली पारी के स्कोर के जवाब में भारतीय टीम का स्कोर एक समय छह विकेट पर 186 रन था तब पदार्पण करने वाले वाशिंगटन (62) और शार्दुल (67) ने सातवें विकेट के लिए 123 रन की अहम साझेदारी के दम पर भारत को पहली पारी में 336 रन बनाने में मदद की.

हेजलवुड ने कहा- शार्दुल और वाशिंगटन ने की शानदार बल्लेबाजीः
हेजलवुड ने 57 रन देकर पांच विकेट चटकाए, उन्होंने दिन का खेल समाप्त होने के बाद वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हां, यह (शार्दुल और वाशिंगटन के बीच) निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साझेदारी है लेकिन फिर हमने उनके विकेट झटक लिए. मुझे लगता है कि जब स्कोर 200 रन पर छह विकेट था तो हमने सोचा कि हम वहां हावी थे लेकिन सच कहूं तो इन दोनों ने सचमुच शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने कहा कि हम शायद उस समय में अच्छी तरह से अपनी योजना का कार्यान्वयन नहीं कर सके जैसा कि हम चाहते थे लेकिन हमें कुछ मौके मिले थे. उम्मीद करता हूं कि हम आगे इन मौकों का फायदा उठा सकेंगे लेकिन श्रेय इन दोनों (शार्दुल और वाशिंगटन) को जाता है. उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की और मुझे लगता है, इससे दिखता है कि यह विकेट काफी अच्छा है. 

हेजलवुड ने कहा- खिलाड़ियों ने अच्छी गेंदबाजी कीः
हेजलवुड ने स्वीकार किया कि आस्ट्रेलिया ने दिन कुछ मौके गंवा दिए जिससे अंत में अंतर पैदा हो सकता था. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने फिर अच्छी गेंदबाजी की और हर किसी ने हमारा सहयोग किया. लेकिन कुछ मौकों पर चूक गए और मुझे लगता है कि कुछ मौके हमने बनाए थे. अगर हम इन मौकों को हासिल कर लेते तो इससे थोड़ा अंतर पैदा हो सकता था.
सोर्स भाषा

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