न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बालिकाओं को न्याय प्रणाली की दी जानकारी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/02 06:39

देसूरी (पाली)। राजकीय बालिका विद्यालय देसूरी में तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वाधान में शिविर आयोजित हुआ। जिसमें देसूरी न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष जैलिया ने बालिकाओं को न्याय प्रणाली के बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि, "कोई भी महिला अपराध करती है तो उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। 18 साल से कम उम्र का बालक अपराध करता है तो उसका किशोर न्याय बोर्ड फैसला करता है। वहीं महिलाओं के बारे में नारी शक्ति बहुत बड़ी होती है किसी के घर के आंगन में एक बालिका होनी बहुत बड़ी बात है। हमारे जीवन में मां ही होती है जो हमें कुछ बनाती है। आज जो कुछ भी है वो मां के कारण हीं है।"

साथ ही बालिकाओं को कहा कि, "आपके साथ कोई गलत होता है तो डरने की जरूरत नहीं। आप अपने परिवार वालों को बताओं, अन्याय के खिलाफ किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। अब अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है।" इस दौरान एसडीओ हसमुख कुमार ने बालिकाओं को बाल विवाह नहीं करने और कानूनी अपराध के बारे में बताया और देसूरी थाना अधिकारी भंवर चौधरी ने भी बालिकाओं को एफआईआर के बारे में जानकारी दी। बाल श्रम करवाना कानून अपराध इसके बारे में जानकारी दी। इस दौरान देसूरी वकील मण्डल अध्यक्ष व श्रवण सिंह वकील, अध्यापक सहित अध्यापिका भी मौजूद रही।

देसूरी से संवाददाता रमजान की खबर 

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