जयपुर July Month Predictions: जुलाई में प्रमुख ग्रहों की बदलेगी चाल, इन राशियों के जीवन में होगा बड़ा बदलाव

July Month Predictions: जुलाई में प्रमुख ग्रहों की बदलेगी चाल, इन राशियों के जीवन में होगा बड़ा बदलाव

July Month Predictions: जुलाई में प्रमुख ग्रहों की बदलेगी चाल, इन राशियों के जीवन में होगा बड़ा बदलाव

जयपुर: जुलाई महीने के पहले सप्ताह से ग्रहों का परिवर्तन (July month prediction) आरंभ होगा. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से जुलाई का महीना काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. जुलाई के महीने में कई बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन देखने को मिलेगा. जिसका आम जनमानस से लेकर देश-दुनिया पर व्यापक असर रहेगा. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि जुलाई माह के शुरुआती दिनों में सबसे पहले 02 जुलाई 2022 को ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध ग्रह मिथुन राशि में गोचर करेंगे. फिर इसके बाद माह का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन देखने को मिलेगा. 

12 जुलाई को वक्री शनि स्वंय की राशि मकर में गोचर करेंगे. फिर इसके अगले ही दिन यानी 13 जुलाई को सुख और ऐशोआराम प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह मिथुन राशि में विराजमान होंगे. ऐसे में बुध और शुक्र ग्रह की युति मिथुन राशि में देखने को मिलेगी. 16 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में अपनी यात्रा को आरंभ करेंगे. जुलाई के आखिर दिनों में गुरु ग्रह स्वराशि मीन में वक्री हो जाएंगे. जुलाई में ग्रहों का राशि परिवर्तन का असर सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा. ग्रहों की चाल बदलने से अनचाहे मौसमी बदलाव होंगे. प्राकृतिक आपदा आ सकती है. साथ ही देशभर में हिंसा और उपद्रव बढ़ने की भी आशंका बन रही है.

पांच बुधवार: 
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि बुध की प्रधानता और अधिक बढ़ जाएगी. जिसके फलस्वरूप व्यापारिक क्षेत्र में आयात-निर्यात बढ़ने से आय के साधनों में वृद्धि होने के आसार हैं. इस योग के कारण व्यापार में प्रगति और खाद्य सामग्री की उपलब्धता भरपूर होने के संकेत हैं.

मिथुन राशि में सूर्य का होना शुभ:
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि मिथुन में सूर्य का भ्रमण शुभ कार्यों के लिए फलदायी माना जाता है. इस समय मुंडन, यज्ञोपवीत संस्कार, विद्यारंभ, सगाई, नए व्यापारिक प्रतिष्ठान की शुरुआत, चीजों की खरीदी-बिक्री और विवाह जैसे मांगलिक कार्य हो सकेंगे. मिथुन राशि में सूर्य के चलते विवाह जैसे मांगलिक कामों के लिए देवशयनी एकादशी से पहले तक शुभ मुहूर्त रहेंगे. इसके बाद चातुर्मास शुरू होने से 4 माह के लिए विवाह जैसे शुभ कामों पर रोक लग जाए

बुध का राशि परिवर्तन:
कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया किजुलाई महीने में वाणी और बुद्धि के देव ग्रह बुध तीन बार राशि बदलेंगे, जो बहुत ही महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन है. बुध ग्रह सबसे पहले 02 जुलाई को सुबह 9:42 मिनट के आसपास वृषभ राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मिथुन राशि में गोचर करेंगे. मिथुन राशि बुध ग्रह की स्वराशि है. इस कारण से भी बुध का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण है. फिर इसके बाद बुध ग्रह 16 जुलाई को कर्क राशि में आ जाएंगे और माह के आखिर में 31 जुलाई को सिंह राशि की यात्रा प्रारंभ कर देंगे. 

शनि का राशि परिवर्तन:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि जुलाई माह में सभी ग्रहों में न्याय और कर्मफलदाता माने जाने वाले शनि मकर राशि में वक्री चाल चलेंगे. मकर राशि शनिदेव की ही राशि है. शनि 12 जुलाई 2022 को दोपहर 02:58 मिनट पर मकर राशि में उल्टी चाल से चलते हुए गोचर करेंगे. इसके पहले शनि इसी साल ढाई साल बाद अपना राशि परिवर्तन किया था. अब इसके बाद शनि 23 अक्तूबर को मकर राशि में ही मार्गी हो जाएंगे. शनि के राशि परिवर्तन या चाल बदलने पर सभी राशियों के जातकों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है.

शुक्र का गोचर:
कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सुख-सुविधा, सौंदर्य और ऐशोआराम प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह मिथुन राशि में गोचर करते हुए त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे. शुक्र 13 जुलाई को अपनी राशि यानी वृषभ की यात्रा को विराम देते हुए सुबह 10:50 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. शुक्र के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही सूर्य और बुध के साथ त्रिग्रही योग का निर्माण होगा. जब भी किसी एक राशि में तीन ग्रहों का मिलन होता है तो इसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. शुक्र ग्रह किसी एक राशि में करीब 23 दिनों तक ही रहते हैं. 

सूर्य का राशि परिवर्तन:
भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य हर एक महीने में अपनी राशि बदलते हैं. सूर्य के राशि बदलने पर सभी राशियों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में इस बार ग्रहों के राजा सूर्य 16 जुलाई को मिथुन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे. सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है. जिसमें से कुछ का विशेष महत्व होता है.

गुरु की वक्री चाल:
कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सभी 9 ग्रहों में बृहस्पति को सबसे शुभ और अच्छा फल प्रदान करने वाले ग्रह माना गया है. गुरु किसी एक राशि में करीब 12 महीनों तक रहते हैं. गुरु जुलाई के आखिरी दिनों में यानी 28 जुलाई को रात में मीन राशि में उल्टी चाल से चलना आरंभ कर देंगे. फिर इसके बाद ये 24 नवंबर 2022 को मार्गी होंगे. 

राशियों पर असर:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि जुलाई में ग्रहों के राशि परिवर्तन का असर सभी राशियों पर दिखाई देगा. इसमें प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन है और कुछ ग्रह वक्री चाल से चलेंगे. ऐसे में सभी राशियों के ऊपर इसका प्रभाव पड़ेगा. कुछ राशियों पर शुभ, कुछ पर अशुभ और बाकी पर मिलाजुला प्रभाव देखने को मिलेगा. जुलाई के महीने में मेष, मिथुन ,कर्क, सिंह और मकर राशि वालों के लिए महीना बहुत ही अच्छे से बीतेगा. धन लाभ और भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा. वहीं कन्या,तुला और वृश्चिक राशि वालों का कुछ कष्टों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा वृषभ, धनु, कुंभ और  मीन राशि वालों के लिए महीना मिलाजुला रहने वाला होगा. 

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