टीकाकरण की कहानी के ‘जुमला संस्करण’ से लोगों का जीवन नहीं बचेगा - राहुल गांधी

टीकाकरण की कहानी के ‘जुमला संस्करण’ से लोगों का जीवन नहीं बचेगा - राहुल गांधी

टीकाकरण की कहानी के ‘जुमला संस्करण’ से लोगों का जीवन नहीं बचेगा - राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण की कहानी के ‘जुमला संस्करण’ से लोगों की जिंदगी नहीं बचाई जा सकती. उन्होंने एक चार्ट साझा कर यह दावा भी किया कि भारत में ऐसे लोगों की संख्या दूसरे देशों के मुकाबले बहुत ज्यादा है जिन्हें अब तक टीके की एक भी खुराक नहीं मिली है.

राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा एक अंग्रेजी दैनिक में लिखे गए लेख को भी ट्विटर पर साझा किया. इस लेख में सोनिया गांधी ने टीकों की 100 करोड़ से अधिक खुराक दिए जाने को लेकर वैज्ञानिकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की है. लेख में हालांकि उन्होंने यह उल्लेख भी किया है कि बड़ी संख्या में वयस्कों और बच्चों को अब तक टीका नहीं लग पाया है.

राहुल गांधी ने कहा कि टीकाकरण की कहानी के जुमला संस्करण से जिंदगियां नहीं बचाई जा सकतीं. असल में टीकाकरण करने से ऐसा होगा, लोगों की जान बचेगी. कांग्रेस ने सोनिया गांधी के लेख के जो अंश अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा किए उसके मुताबिक, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस बात पर जोर देते हैं कि टीकाकरण मुफ्त है, लेकिन अपनी सहूलियत के हिसाब से यह बताना भूल जाते हैं कि टीके सदा मुफ्त ही रहे हैं. यह भाजपा सरकार है जो भारत की सार्वभौमिक मुफ्त टीकाकरण नीति से अलग चली गई. 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पार्टी अध्यक्ष के लेख को साझा किया और कहा कि बच्चों और वयस्कों, सभी के लिए तेज गति से टीकाकरण करने की जरूरत है. सोर्स- भाषा 

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