जस्टिस मोहम्मद रफीक होंगे उड़ीसा के नए सीजे, मेघालय हाईकोर्ट से उड़ीसा हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश

जयपुर: राजस्थान हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे जस्टिस मोहम्मद अब उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस मोहम्मद रफीक के मेघालय हाईकोर्ट से उड़ीसा हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश की है. राजस्थान हाईकोर्ट से उड़ीसा के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले वे दूसरे न्यायाधीश है इससे पूर्व जस्टिस के एस झवेरी भी उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायााधीश रहे है. 5 फरवरी 2020 को उनकी सेवानिवृति के बाद से ही उड़ीसा हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त चल रहा था.फिलहाल जस्टिस संजू पाण्डा उड़ीसा हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश है. 

-जस्टिस मोहम्मद रफीक होगे उड़ीसा हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश
-मेघालय हाईकेार्ट से उड़ीसा हाईकोर्ट में तबादले की कि गयी सिफारिश
-सीजेआई एस ए बोबड़े की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने की है सिफारिश
-जस्टिस मोहम्मद रफीक ने किया है जूनियर वकील से सीजे तक का सफर
-दो बार रहे है राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
-देश के तीन हाईकेार्ट में है वर्तमान में राजस्थानी मुख्य न्यायाधीश
-राजस्थान हाईकेार्ट के मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति है उड़ीसा हाईकोर्ट से
-पहली बार राजस्थान-उड़ीसा में एक दूसरे हाईकोर्ट के जज है मुख्य न्यायाधीश

साल 1984 में वकालत की शुरूआत की:
एक जूनियर वकील से केरियर से शुरुआत करने वाले चुरू के सुजानगढ़ में जन्मे जस्टिस मोहम्मद रफीक ने साल 1984 में अपनी वकालत की शुरूआत की थी. वकालत के समय में जस्टिस रफीक एकमात्र ऐसे अधिवक्ता थे,जो कांग्रेस और भाजपा दोनों के शासनकाल में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे। 15 मई 2006 को वे राजस्थान हाई कोर्ट में जज नियुक्त किये गये थे. फिलहाल जस्टिस मोहम्मद रफीक मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश है.सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मेघालय हाईकोर्ट से उड़ीसा हाईकोर्ट में तबादले की सिफारिश की है.

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-जस्टिस मोहम्मद रफीक का जूनियर वकील से मुख्य न्यायाधीश तक का सफर
-25 मई 1960 को सुजानगढ़,चुरू में जन्म हुआ।
-1984 में राजस्थान यूनिवर्सिटी से वकालत की डिग्री ली
-8 जुलाई 1984 को वकालत के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया
-राजस्थान हाईकोर्ट में सरकारी अधिवक्ता के कई पदो पर किया कार्य 
-अस्सिटेंट गर्वेमेंट एडवोकेट और डिप्टी गर्वमेंट एडवोकेट रहे
-7 जनवरी 1999 में सरकार में एएजी बने
-जज बनने तक इस पद पर बने रहे
-15 मई 2006 को राजस्थान हाई कोर्ट में जज नियुक्त हुए
-14 मई 2008 को राजस्थान हाईकोर्ट के बने परमानेंट जज
-3 अप्रेल 2019 को हाई कोर्ट में बने एक्टिंग चीफ जस्टिस
-23 सितम्बर 2019 को दूसरी बार बने एक्टिंग चीफ जस्टिस
-13 नवंबर 2019 को बने मेघायल हाईकेार्ट के मुख्य न्यायाधीश

4 माह बाद ही इनके तबादले की सिफारिश:
राजस्थान हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज रहते हुए जस्टिस मोहम्मद रफीक को कई सुधारों के लिए जाना जाता रहा है.जेल सुधार से लेकर राज्य में रालसा के जरिए सर्वाधिक पौधारोपण कराने, देश में रालसा को प्रथम स्थान दिलाने और गांव गांव -ढाणी ढाणी तक विधिक सेवा के प्रसार में किये गये प्रयास के लिए भी उनकी महती भूमिका रही है.मेघालय हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद मेघालय में विधिक सेवा से लेकर केस निस्तारण सिस्टम को लागू करने में बड़ी भूमिका निभायी है.मेघालय मुख्य न्यायाधीश बनने के 4 माह बाद ही इनके तबादले की सिफारिश उड़ीसा हाईकोर्ट में एक पदोन्नति के रूप में देखा जा रहा है.

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