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अलविदा कादर खान: अमिताभ को 'महानायक' बनाने में था बड़ा योगदान 

अलविदा कादर खान: अमिताभ को 'महानायक' बनाने में था बड़ा योगदान 

मुंबई। कई दशकों से बॉलीवुड में अपने उम्दा अभिनय और जिंदादिली के लिए पहचान रखने वाले दिग्गज अभिनेता कादर खान कल देर शाम इस दुनिया से रुखसत हो गए। कादर खान ने कनाडा में अपने बेटे के पास आखिरी सांसे ली। 81 साल के अभिनेता कादर खान का फिल्म इंडस्ट्री में योगदान कोई नहीं भूल पाएगा। मगर अमिताभ बच्चन को 'महानायक' बनाने में कादर खान का बड़ा योगदान रहा है। 

गौरतलब है कि कादर खान उन चंद हुनरमंदों में शुमार हैं, जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। कादर खान ने पांच दशकों से ज्यादा लम्बे करियर में तकरीबन हर तरह का किरदार बड़े पर्दे पर निभाया। खलनायक बने, कॉमेडी की और चरित्र रोल भी निभाये। मगर उनकी सबसे अधिक चर्चा उनके खास तरह के संवादों के लिए होती है। उनके संवादों में जिंदगी का एक फलसफा छिपा रहता था। कादर खान को सबसे ज्यादा अमिताभ बच्चन और गोविंदा के साथ काम करने के लिए जाना जाता है। गोविंदा के साथ कादर खान ने जहां अधिकतर कॉमेडी फिल्में की, वहीं अमिताभ के साथ संजीदा क़िस्म के किरदार निभाये। 

कादर खान ने अमिताभ की कई फिल्मों में एक्टिंग करने के साथ संवाद भी लिखे। उन्ही संवादों की वजह से आज अमिताभ को सदी के महानायक के रूप में जाना जाता है। कादर खान ने अमिताभ की कालिया, परवरिश, मिस्टर नटवरलाल, सुहाग, सत्ते पे सत्ता, नसीब और मुकद्दर का सिकंदर, हम, शहंशाह जैसी सफल फिल्मों के लिए संवाद लिखे थे। कादर खान का पहला बड़ा किरदार 'खून पसीना' में ठाकुर जालिम सिंह था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन लीड रोल में थे। 'खून पसीना' के लेखक कादर खान ही थे।

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