कपिल सिब्बल ने कांग्रेस की स्थिति को लेकर उठाये सवाल, इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर भी कसा तंज

कपिल सिब्बल ने कांग्रेस की स्थिति को लेकर उठाये सवाल, इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर भी कसा तंज

कपिल सिब्बल ने कांग्रेस की स्थिति को लेकर उठाये सवाल, इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर भी कसा तंज

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए और कहा कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए. उन्होंने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख करते हुए गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में कटाक्ष किया कि  जो लोग इनके खासमखास थे वो छोड़कर चले गए, लेकिन जिन्हें वे खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर सिब्बल ने कहा कि इस सीमावर्ती राज्य में ऐसी कोई भी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसका पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सीमापार के दूसरे तत्व फायदा उठा सकें.

पूर्व केंद्रीय मंत्री कापिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि मैं निजी तौर पर बात कर रहा रहा हूं और उन साथियों की तरफ बोल रहा हूं जिन्होंने पिछले साल अगस्त में पत्र लिखा था. हम अपने नेतत्व की ओर से अध्यक्ष का चुनाव, सीडब्ल्यूसी और केंद्रीय चुनाव समिति के चुनाव कराने से जुड़े कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं भारी मन से आप लोगों से बात कर रहा हूं. मैं एक ऐसी पार्टी से जुड़ा हूं जिसकी ऐतिहासिक विरासत है और जिसने देश को आजादी दिलाई. मैं अपनी पार्टी को उस स्थिति में नहीं देख सकता जिस स्थिति में पार्टी आज है. उनके मुताबिक देश बड़े संकट का सामना कर रहा है. चीन घुसपैठ कर रहा है. तालिबान के अफगानिस्तान में आने से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हुआ है. करोड़ों लोग गरीबी से घिरे हैं. ऐसे हालात में में कांग्रेस इस स्थिति में है, यह दुखद है. यह ऐसा समय है कि हमें इस सरकार के खिलाफ मिलकर लड़ना चाहिए.

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक तत्काल बुलाई जाए
सिब्बल ने कहा कि हमारे लोग हमें छोड़कर जा रहे हैं. सुष्मिता (देव) जी चली गईं और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री (लुईजिन्हो) फालेरयो भी चले गए. जितिन प्रसाद चले गए, (ज्योतिरादित्य) सिंधिया चले गए, ललितेश त्रिपाठी चले गए, अभिजीत मुखर्जी भी चले गए. कई अन्य नेता चले गए. सवाल उठता है कि ये लोग क्यों जा रहे हैं? हमें यह खुद सोचना होगा कि शायद हमारी भी कोई गलती रही होगी. उन्होंने कहा कि इस समय हमारे यहां अध्यक्ष नहीं है. हम जानते भी हैं और नहीं भी जानते हैं कि फैसले कौन कर रहा है. सिब्बल ने कांग्रेस नेतृत्व का आह्वान किया कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक तत्काल बुलाई जाए ताकि इस पर चर्चा की जा सके कि पार्टी में क्या हो रहा है. उन्होंने गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में तंज कसते हुए कहा कि जो लोग इनके खासमखास थे वो तो इन्हें छोड़कर चले गए. जिन्हें ये खासमखास नहीं समझते हैं वे इनके साथ खड़े हैं. यह एक विडंबना है.

कांग्रेस ही इस देश के गणराज्य को बचा सकती है
सिब्बल ने कहा कि जो कांग्रेसजन चले गए, वो साथ आएं. कांग्रेस ही इस देश के गणराज्य को बचा सकती है क्योंकि मौजूदा सरकार गणतंत्र को कमजोर कर रही है. पंजाब के घटनाक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य है. वहां आईएसआई फायदा उठा सकती है. हम जानते हैं कि सीमापार के तत्व वहां अस्थिरता पैदा कर सकते हैं कांग्रेस को सुनिश्चित करना है कि सब एकजुट रहे हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर खुलकर चर्चा हो, एक दूसरे के विचार को सुने जाएं. संगठन का ढांचा होना चाहिए. सीडब्ल्यूसी का चुनाव हो. सिब्बल उन 23 प्रमुख नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने पिछले वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में संगठन चुनाव करवाने की मांग की थी. इन नेताओं में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलामनबी आजाद भी शामिल थे. सोर्स- भाषा
 

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