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कर्नाटक: कांग्रेस ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, राज्यपाल ने विश्वास मत के लिए दिया 6 बजे तक का वक्त

कर्नाटक: कांग्रेस ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, राज्यपाल ने विश्वास मत के लिए दिया 6 बजे तक का वक्त

बेंगलुरु: कर्नाटक की सियासत में चल रही उठापठक अभी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही. गुरुवार को विधानसभा में विश्वास मत पर शुरू हुई बहस आज भी जारी है. राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को एक और चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में विश्वास मत के लिए वोट करने के लिए 6 बजे तक का वक्त दिया गया है. इससे पहले राज्यपाल ने दोपहर 1.30 बजे तक का वक्त दिया था, लेकिन स्पीकर ने वोटिंग नहीं करवाई.

कांग्रेस ने फिर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख: 
वहीं कांग्रेस ने इस मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने अदालत में याचिका दायर की है कि उनके पिछले आदेश से उनकी पार्टी के अधिकार का हनन हुआ है. SC ने अपने आदेश में विधायकों को व्हिप से छूट दी थी.

सोमवार तक जारी रहेगी बहस: 
विश्वास मत चर्चा पर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा, 'चर्चा अभी भी पूरी नहीं हुई है और अभी 20 सदस्यों का भाग लेना बाकी है. मुझे नहीं लगता कि यह आज खत्म होगा और यह सोमवार को भी जारी रहेगा.'

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जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट के चलते पार्टी आलाकमान एक्शन मोड में आ गया है. दिल्ली से कांग्रेस के 3 बड़े नेता जयपुर आएंगे. सोनिया गांधी ने अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे को जयपुर जाने को कहा है. तीनों नेता कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक करेंगे. कल सुबह 10:30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर विधायक दल की बैठक होगी.

आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं:
वहीं सूत्रों की माने तो पार्टी ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट को भी निर्देश दिया है. ऐसे में आज रात तक पायलट भी जयपुर पहुंच सकते हैं. सचिन पायलट कांग्रेस के भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों के साथ मीटिंग करेंगे और कल विधायक दल की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. बता दें कि अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. पायलट पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली में हैं. पायलट खेमे के 12 विधायक भी दिल्ली में हैं. 

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई:
जानकारों की माने तो स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के नोटिस के बाद ये पूरी जंग शुरू हुई है. विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने सचिन पायलट को भी नोटिस भेजा था और बयान दर्ज कराने को कहा. कहा जा रहा है कि नोटिस मिलने के बाद पायलट, सीएम अशोक गहलोत से नाराज हैं. सचिन पायलट खेमे को उपमुख्यमंत्री से पूछताछ के लिए एसओजी का नोटिस स्वीकार्य नहीं है.


 

Rajasthan Political Crisis: बीजेपी ज्वॉइन करेंगे सचिन या ​फिर राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात !

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जयपुर: मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रेसवार्ता करके बीजेपी पर आरोप लगाया था कि राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. जानकार सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार नजरें बनाए हुए है और पर्दे के पीछे से पार्टी बड़ा गेम खेल रही है. सूत्रों के मुताबिक ITC भारत ग्रैंड होटल एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बन सकता है.

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राहुल से करेंगे सचिन मुलाकात:
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सचिन पायलट को रविवार शाम को मिलने के लिए बुलाया है. इससे पहले रविवार सुबह राहुल की पायलट से फोन पर बात हुई थी. लेकिन अब जानकार सूत्रों ने खुलासा किया है. सूत्रों ने कहा कि मुलाकात के लिए अभी तक समय तय नहीं हुआ है. इस प्रकार राहुल-पायलट की मुलाकात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है. फिर भी यदि राहुल और पायलट की मुलाकात हुई, तो शायद ही कोई नतीजा निकलेगा. या फिर पायलट विधायकों के साथ बीजेपी ज्वॉइन कर सकते है?

पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग:
सूत्रों के अनुसार पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग है, लेकिन ये फैसला लेना अकेले राहुल के हाथ में नहीं है. क्योंकि सोनिया, प्रियंका और आलाकमान के अधिकांश सदस्य गहलोत के पक्ष में है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा जा रहा है, जिससे वह नाराज है, जबकि, दूसरी तरफ ये भी खबर सामने आई कि, दूसरा खेमा सीएम बदलने की कोशिश में लगा हुआ. 

दिल्ली पहुंचे 20 से 25 विधायक:
हालांकि, इस पर बयान देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सीएम पद के दावेदार भले ही कई हों, लेकिन बनता तो कोई एक ही है. इस बीच राजस्थान एसओजी ने उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस भेज करके पूछताछ के लिए बुलाया. इससे पायलट नाराज बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पायलट 20 से 25 विधायक लेकर इस बीच दिल्ली पहुंच गए हैं और पार्टी हाईकमान को सारी स्थितियों से अवगत करा दिया है.

तो सचिन पायलट इन विधायकों के साथ ज्वॉइन कर सकते हैं BJP !

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जयपुर: विधायकों के खरीद फरोख्त प्रकरण मामले ने तूल पकडने के बाद राजस्थान की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अब सचिन पायलट प्रकरण पर नया लेटेस्ट अपडेट मिला है. सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में पायलट नहीं है. शनिवार देर रात तक 21 पायलट समर्थक विधायक दिल्ली पहुंच चुके थे. दो दूसरे विधायक भी आस-पास के इलाके में  थे. इस प्रकार कुल 23 विधायक पायलट के खेमे में थे. जबकि पायलट का टारगेट 30 असंतुष्ट कांग्रेसी मंत्रियों-विधायकों को दिल्ली में जुटाने का था. इस प्रकार 7 विधायक शनिवार की मानेसर स्थित ITC भारत होटल की परेड में कम पड़ गए थे. 

12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में:
इन 7 विधायकों के नहीं पहुंचने के बारे में पायलट कैम्प के सूत्रों ने खुलासा किया है. कहा कि गहलोत द्वारा बॉर्डर सील कर दिए जाने के कारण कुल 12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में ही रह गए. अब इन 12 विधायकों में से कम से कम 7 विधायकों के आज किसी भी समय दिल्ली पहुंचने का इंतजार हो रहा. और यदि इस प्रकार ये सभी 30 विधायक कल दिल्ली में मौजूद रहे, तो पायलट इन सभी के साथ भाजपा ज्वॉइन कर सकते है. ऐसी सूरत में गहलोत सरकार को अल्पमत में लाने के लिए पांच विधायकों की कमी रहेगी और इस कमी को पूरा करने के लिए 7 गैर कांग्रेसी विधायकों को पायलट के पक्ष में लाने का जिम्मा जयपुर में अज्ञात शक्तियों ने लिया. अब इन UNKNOWN FORCES के निशाने किशनगढ़बास के 82 वर्षीय विधायक दीपचंद खैरिया, राजगढ़ के 85 वर्षीय विधायक जौहरीलाल मीणा, कठूमर के 70 वर्षीय बीमार चल रहे विधायक बाबूलाल बैरवा, मूलत: भाजपाई और मौजूदा तिजारा के बसपा से कांग्रेस में आए विधायक संदीप यादव,
बानसूर के गुर्जर विधायक शकुंतला रावत, चाकसू के कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी और एक विधायक उदयपुर संभाग से हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग:
इनमें से अधिकांश विधायक गहलोत और पायलट दोनों खेमों के संपर्क में है, लेकिन अब गुर्जर समुदाय का जबरदस्त दबाव है. सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी गुर्जर विधायकों पर पायलट का समर्थन देने के लिए दबाव है और ये दबाव अब सचमुच काम कर भी रहा है. इसकी पहली कड़ी गुर्जर विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह बने. सूत्रों के अनुसार गहलोत कैम्प में रहते हुए भी इन्होंने अपने समर्थन का पत्र पायलट कैम्प को सौंपा. शनिवार देर रात दिल्ली में एक फॉर्म हाउस पर पायलट की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग होनी थी.

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घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर:
सूत्रों के मुताबिक अलबत्ता शनिवार को पायलट की जेपी नड्डा से फोन पर बात होने की खबर मिली है, लेकिन अभी तक इस बारे में शायद भाजपा कोई अंतिम फैसला नहीं कर पाई. क्योंकि अभी तक पायलट REQUIRED NUMBER नहीं जुटा पाए हैं. इस समूचे घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर है. पिछले दो दिनों से गजेन्द्र सिंह शेखावत-सतीश पूनिया-राजेन्द्र राठौड़ खासे सक्रिय है, लेकिन वसुंधरा कैम्प ने मौन साध रखा है. अब कुल मिलाकर सब लोगों को एक ही बात का इंतजार है, क्या सचमुच 30 बागी कांग्रेस विधायकों का समर्थन जुटाकर सोमवार को भाजपा में पायलट चले जाएंगे ? वैसे पायलट का खुद का मन शायद एक थर्ड फ्रंट बनाने का है, यदि सचमुच पायलट खेमा भाजपा में चला गया ? तो फिर मध्यप्रदेश पैटर्न पर इन सभी लोगों का "राजनैतिक पुनर्वास" होगा. इनमें से कुछ विधायक बनेंगे मंत्री, कुछ को बोर्ड और कॉर्पोरेशन में चेयरमैन का पद मिलेगा और कुछ दूसरे लोगों के सरकार में पेंडिंग पड़े काम पूरे होंगे.

कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं:
गहलोत सरकार का साथ छोड़कर जाने वाले ऐसे सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का टिकट भी मिलेगा. इस सारे घटनाक्रम पर जानकार सूत्रों ने खुलासा किया. सूत्रों ने कहा कि वैसे तो गहलोत सरकार से निराश होकर कांग्रेस छोड़ने का मन पायलट बना चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ शुभचिंतक और मध्यस्थ  एक आखिरी प्रयास कर रहे. इन प्रयासों के चलते आज राहुल और पायलट के बीच फोन पर लंबी बात हुई, लेकिन पायलट ने राहुल को उनके पुराने वायदे याद दिलाए और फिर से अपनी मांग दोहराई. लेकिन कांग्रेस आलाकमान के अधिकांश नेता नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है.

गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध:
जिस भाषा और जिस ढंग से SOG ने जारी किया नोटिस उस पर भी आपत्ति पायलट ने जताई. ऐसे में अब शायद ही कोई हल मौजूदा राजनीतिक संकट का निकले? फिर भी औपचारिकता के नाते पायलट समर्थक सभी विधायक एक बार सोनिया गांधी से मिल सकते है और अपने "मिशन" में सफलता न मिलने पर ये लोग फिर BJP ज्वॉइन कर सकते है, लेकिन अभी तक न तो इन लोगों ने मांगा सोनिया से समय और न ही सोनिया ने आगे बढ़कर इन लोगों को बुलाया. इस प्रकार गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध अभी भी बरकरार चल रहा है.

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राजस्थान का मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम! कपिल सिब्बल का दिलचस्प ट्वीट, तो ओम माथुर ने री-ट्वीट कर कसा तंज

जयपुर: राजस्थान में विधायकों के खरीद फरोख्त प्रकरण तूल पकडता जा रहा है. वहीं राजस्थान के मौजूदा राजनीति घटनाक्रम पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का दिलचस्प ट्वीट सामने आया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि हमारी पार्टी के लिए चिंताजनक है. क्या घोड़ों के अस्तबल से उछलने के बाद ही हम जागेंगे ? और कुछ देर बाद ही सिब्बल के ट्वीट पर बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने री-ट्वीट करते हुए तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जहां हरियाली होगी,वहीं कुलांचे भरने का मज़ा है,सूखे में खुर टूट जाते है. 

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

अंतर्कलह पहले दिन से ही हो गई थी शुरू:
बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर ने कहा कि सरकार बनने के साथ ही सत्ताधारी पार्टी में  कलह शुरू हो गई थी. कांग्रेस को बीजेपी पर आरोप मढ़ने से पहले अपने घर में झांकना चाहिए. जिसने पांच साल मेहनत की उसे मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. जो दिल्ली में थे उन्हें सीएम बना दिया गया. उसी दिन से साफ हो गया कि मेहनत किसी और ने की और फल कोई और खा रहा है. इनकी अंतर्कलह पहले दिन से ही शुरू हो गई थी. अभी के सियासी हालात के लिए कांग्रेस को बीजेपी को दोष नहीं देना चाहिए. 

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. 

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: सचिन पायलट को मिल चुका SOG का नोटिस, तब से ही खफा हैं पायलट !

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

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शनिवार को भी इन मंत्रियों और विधायकों ने की सीएम से मुलाकात: 
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने की साजिश के खुलासे के बाद राजस्थान सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में एक दर्जन मंत्री और एक दर्जन विधायक मौजूद रहे. बसपा से आए 6 में से 4 विधायक और आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय विधायक सीएम से मिले. मुख्यमंत्री से करने वालों में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम मंत्री टीकाराम जूली, महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल रहे. 

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करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

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विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण पर सबसे बड़ा अपडेट! गुड़गांव में हो रही विधायकों की बाड़ेबंदी 

जयपुर: राजस्थान में विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण तूल पकडता जा रहा है. अब जानकार सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मिली है कि गुड़गांव में विधायकों की बाड़ेबंदी हो रही है. 17 से 18 विधायक बाड़ेबंदी में पहुंचे. हालांकि सवाई माधोपुर विधायक दानिश अबरार बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे. 

प्रदेश की सीमाओं पर कड़ी नाकाबंदी:
राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा और डीडवाना विधायक चेतन डूडी भी बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे है. तीनों विधायक दानिश अबरार के निजी आवास पर मौजूद हैं.फिलहाल तीनों विधायक बाड़ेबंदी से अलग हैं. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के कुछ विधायकों के फोन बंद है. आज दिन भर से फोन बंद आ रहे है.इस बीच प्रदेश की सीमाओं पर कड़ी नाकाबंदी कर दी गई है.

20 से 25 विधायकों के ठहरने की व्यवस्था:
जानकार सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर मिली है कि ITC ग्रांड भारत होटल में बाड़ेबंदी की गई है. होटल में 20 से 25 विधायकों के ठहरने की व्यवस्था है. बाड़ेबंदी का उद्देश्य सभी विधायकों को लाना नहीं है. एमपी फॉर्मूले के तहत 20-25 विधायकों को लाने की रणनीति बनाई गई है. राजस्थान सरकार को अस्थिर करने का फॉर्मूला बताया जा रहा है, लेकिन इस बीच एक बड़े सूत्र ने संकेत दिए है. गुड़गांव होटल से विधायकों को एकत्रित कर दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है.

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कुछ मंत्रियों और विधायकों ने की CM से चर्चा:
सूत्रों के मुताबिक वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर मानेसर की भी चर्चा चल रही थी. कुछ मंत्रियों और विधायकों ने CM से चर्चा भी की है. मानेसर में एक होटल बुक होने के इनपुट दिए गए है.मुख्यमंत्री आवास पर भोपाल की भी चर्चा चली. प्रदेश के कुछ विधायकों को वहां ले जाने की चर्चा भी चली. गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रेसवार्ता की. जिसमें उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हम कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे है तो दूसरी तरफ ये लोग सरकार गिराने में लगे हैं. हम सबको सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. सब कोरोना की तरफ ध्यान दे रहे हैं लेकिन ये लोग सरकार कैसे गिरे, कैसे तोड़फोड़ करें इसमें लगे हैं. बीजेपी के लोग धर्म, जाति के नाम पर लोकतंत्र की हत्या करने में जुटे हुए हैं. 

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उदयपुर: प्रदेश में विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा पर सरकार को गिराने के प्रयास करने के आरोप लगाने के बाद गुलाबचंद कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी. 

पलभर की देर किए बिना ले लेंगे राजनीति से संन्यास:
उदयपुर पहुंचे गुलाबचंद कटारिया ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में साफ किया कि यदि सरकार बहुमत में है तो उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है. साथ ही कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि इस बात को साबित कर दें की कटारिया का इसमें जरा सा भी हाथ है तो वह पलभर की देर किए बिना राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: एसओजी ने कहा-हमने फोन पर बातचीत के आधार पर दर्ज की है FIR 

कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी:
कटारिया ने साफ किया कि कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी है और जिस को छुपाने के लिए सत्ताधारी दल इस तरह के हथकंडे अपना रहा है. कटारिया ने कहा कि एसओजी पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सब साफ हो जाएगा.

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