पुष्कर में कार्तिक महास्नान आज, दुर्लभ संयोग में लाखों श्रद्धालु लगा रहे डुबकी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/12 07:11

पुष्कर(अजमेर): करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र पुष्कर सरोवर में आज कार्तिक मास की पावन पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर महास्नान हो रहा है. कार्तिक मेला दुर्लभ पद्म योग कार्तिक पूर्णिमा 12 नवंबर 2019 को रात 8:01 पर प्रारंभ होकर 13 नवंबर 2019 बुधवार को रात 10:00 बजे तक यह योग रहेगा. ज्योतिष शास्त्र एवं निर्णय सिंधु धर्मसिंधु अनेकों शास्त्रों में वर्णित है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा पर कृतिका नक्षत्र होवे एवं सूर्य विशाखा नक्षत्र में चंद्रमा कृतिका नक्षत्र में होने पर पद्मा नामक योग जो दुर्लभ योग है जो वर्षों के बाद आता है वह इस वर्ष बन रहा है. तीर्थराज पुष्कर में इस पद्मयोग में स्नान कर परिक्रमा करने से दान करने से, धर्म करने से यज्ञ करने से अक्षय कोटि गुना फल लिखा है. 

ब्रह्मा जी पुष्कर की परिसीमा में भ्रमण करते हैं: 
इस योग में परम ब्रह्मा जी महाराज, सावित्री माता एवं गायत्री के साथ हंस की सवारी पर पुष्कर की परिसीमा में भ्रमण करते हैं. पुष्कर राज के जल में निवास करते हैं इसलिए यह योग परम श्रेष्ठ कार्य होता है. ब्रह्मा विष्णु एवं 33 करोड़ देवी देवता ब्रह्मा जी की स्तुति करते हैं. पूजन करते हैं एवं स्वर्णा करके इस तीर्थराज पुष्कर में स्नान करते हैं. ऐसी योग में स्नान करने से मनुष्य पाप मुक्त होता है. परिवार में सुख समृद्धि एवं परमात्मा के चरणों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कुंभ के समान स्नान का पुण्य फल मिलता है चार धाम सप्तपुरी यात्रा पूरी करने के बाद भी अगर पुष्कर में स्नान नहीं करते हैं तो उसकी यात्रा अधूरी रहती है. इसी दिन मत्स्य अवतार का भगवान का जन्मदिन भी है. ऐसा लिखते हैं कि इस दिन त्रिपुर उत्सव मनाना चाहिए, दीप दान करना चाहिए. ऐसा लिखते हैं कि दीपदान करने से कीट, पतंग, मच्छर, वृक्ष व जल व स्थल में जीव विचरण करते हैं. दीपदान करने से पद्म पुराण. विष्णु पुराण. अग्नि पुराण में लिखा है कि मनुष्य को पुनर्जन्म नहीं लेना पड़ता है. एवं अंत समय में वैकुंठ लोक में प्रकाश उनको मिलता है.

सात जन्म के पाप क्षीण होकर पुण्य के भागीदार बनते हैं: 
साथ ही इस दिन स्वामी कार्तिक भगवान का पूजन करने से दर्शन करने से जनमानस में सात जन्म के पाप क्षीण होकर पुण्य के भागीदार बनते हैं एवं श्रेष्ठ पुरुषों में महा धनी उम्मीदवार बनने का सहयोग मिलता है. पद्म योग सर्वश्रेष्ठ योग है यह वर्षों के बाद ज्योतिष मत के अनुसार रात्रि में आया है. अतः जिनकी कुंडली में सूर्य और चंद्रमा अशुभ योग है वक्र गति पर है इस दिन स्नान दान करने से सूर्य चंद्रमा का आशीर्वाद मिलता है एवं ब्रह्मा जी विष्णु, शंकर और 33 करोड़ देवी देवताओं के साथ में आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
 

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