जानिए, अभिनेत्री दीक्षा सक्सेना ने शाहजहांपुर से सपनों की नगरी मुंबई तक सफर कैसे किया तय

जानिए, अभिनेत्री दीक्षा सक्सेना ने शाहजहांपुर से सपनों की नगरी मुंबई तक सफर कैसे किया तय

जानिए, अभिनेत्री दीक्षा सक्सेना ने शाहजहांपुर से सपनों की नगरी मुंबई तक सफर कैसे किया तय

शाहजहांपुर (अक्षय मिश्रा ): अपनी मेहनत और टैलेंट के बलबूते अभिनेत्री दीक्षा सक्सेना  ने यह कर दिखा दिया है की अगर आपके इरादे मजबूत हो तो कोई भी काम कठिन नहीं है. फिल्म इंडस्ट्री में उभरती हुई हस्ती और अदाकारा है. नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज में नजर आएंगी.एक्टिंग व रंगमंच से लगाव हमेशा से रहा है स्कूल के समय से ही रंगमंच मैं बढ़चढ़कर हिस्सा लेती थी शाहजहांपुर से निकल कर 

दीक्षा सक्सेना ने वर्ष 2012 मैं दिल्ली से इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स किया उसके बाद दीक्षा सक्सेना ने जॉब की.दीक्षा सक्सेना ने बताया जीवन मे अधूरापन लगता था रोजमर्रा की तरह जीवन चला जा रहा था एक दिन दोस्तों के साथ  रँगमचं देखने गए.1 घण्टे के रँगमचं ने मेरी अधूरी जिन्दगी में फिर से रंग भर दिए थे मैंने फैसला कर लिया था अब जॉब नही एक्टिंग ही करनी है.

अगले दिन ही दिल्ली से जॉब छोड़कर घर शाहजहांपुर आ गयी पिताजी का नाम राजीव कुमार सक्सेना है माँ अंजू सक्सेना है.जब मैंने उनसे कहा कि मुझे एक्टिंग करनी है एक्टिंग फील्ड में जाना है तो इस फैसले  के लिए वह बहुत नाराज हुए और बल्कि उन्होंने साफ-साफ इंकार कर दिया था कि इस तरीके की कोई भी हरकत आपको नहीं करनी .रंग मंच ने जिन्दगी जीने का सही मायने सिखाये. 

 मुझे  मोटिवेट किया एक्टिंग को लेकर कि तुम्हें वही करना चाहिए जो तुम्हारा दिल कहता है. मेरे जहन में एक्टिंग को लेकर कभी  कोई सवाल नहीं आया क्योंकि मेरे परिवार व  दूर-दूर तक किसी का  बॉलीवुड इंडस्ट्री से रिश्ता नही रहा.  और मैंने लखनऊ में जाकर  रंगमंच करना शुरू किया.तो बस  ऐसे करके  मुंबई तक आ गई मुम्बई में मेरा कोई अपना नहीं था न ही फ़िल्म लाइन में कोई गॉडफादर था.

अगर था कोई,  तो वो था मेरा हौसला और रँगमचं से सीखी एक्टिंग की  बारीकियां.जब मैं मुम्बई आईं तो मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं रहूंगी कहाँ. मैंने सभी  प्रोडक्शन हाउस में ऑडीशन दिए,  फिर वहां से धीरे-धीरे मेरी एक्टिंग की शुरुआत होने लगी. आज मुझे मुम्बई मे रहते हुए 6 वर्ष पूरे हो गए.  

अभी तक सीरियल 24 किए हैं मुख्य सीरियल बावले उताबले.हप्पू की उलटन पलटन, डॉ०भीमराव अम्बेडकर, राम सिया के लवकुश, विघ्नहर्ता गणेशा, भाभीजी घर पर है और सरगम की साढ़ेसाती और इमली.अभिनेत्री दीक्षा  Voice Over  आर्टिस्ट  भी है अभी तक हॉलीबुड से लेकर साउथ की तमाम फिल्मों की अहम किरदारों को अपनी आवाज दी है. सीरियल भाभीजी घर पर है, हाल ही मैं टेलीकास्ट हुआ और  जिसमे दीक्षा सक्सेना ने हप्पू सिंह और टिका सिंह के साथ अहम किरदार निभाया जिसको  दर्शकों ने खूब सराहा. शुरुआती दौर में "क्राइम पेट्रोल सावधान इंडिया" मे भी काम किया.जो  कलाकार बनना चाहते है उन्हें मुम्बई आना चाहिए क्या?

नए एक्टर से  बस  यही कहूंगी कि मेहनत और सब्र दोनों को ही अपने साथ लेकर आए मुम्बई मे, और सही तरिके से सही काम करें, मेहनत से किया गया कोई भी काम बिना फल दिये नहीं जाता हैं.  और स्ट्रगल तो हर लाइन में होता है,  तो डरना नहीं चाहिए कि स्ट्रगल करना पड़ेगा,  स्ट्रगल सभी कामों में है,  हमें हर चीज के लिए स्ट्रगल करना पड़ता है,  बस सपने को पूरा करने की हिम्मत रख कर आइए और जब आप हिम्मत और सब्र  करेंगे तो आपका सपना  ज़रूर  पूरा होगा.दीक्षा सक्सेना जी का परिवार व पूरा शहर गर्व महसूस करता है सभी का सहयोग भी है.

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