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जानिए क्यों चीनी ऐप TikTok को टक्कर देने के लिए सुर्ख़ियों में आया 'Mitron' ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया

जानिए क्यों चीनी ऐप TikTok को टक्कर देने के लिए सुर्ख़ियों में आया 'Mitron'  ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटाया

नई दिल्ली: चीनी ऐप tiktok के विकल्प में और उसे टक्कर देने के लिए तैयार किया गया mitron ऐप को गूगल ने प्ले स्टोर से हटा दिया है. कई लोगों में यह विचार था की mitron स्वदेशी ऐप है, जिसके चलते यह ऐप बहुत ही कम समय में धमाल मचा कर सुर्ख़ियों में आ गया. आपको एक रोचक बात बता दे की यह ऐप नया नहीं है तो सवाल यह है की फिर कंपनी ने इसे पहले क्यों नहीं हटाया.

भारतीय ऐप होने की धारणा के चलते हुआ 'हिट': 
भारत में चीनी प्रोडक्ट्स और ऐप को बॉयकॉट करने की मुहीम जोर पकड़ रही है ओर ऐसे में  धीरे धीरे लोगों ने चीनी ऐप और प्रोडक्ट्स के विकल्प खोजना चालू कर दिया है. यही बड़ा कारण है की गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप की रेटिंग्स 4.8 थी और इसे बहुत ही कम समय में  50 लाख से ज्यादा लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका था, हालांकि यह ऐप भारतीय हे या नहीं इस पर बहस जारी है.  

'Mitron' ऐप को क्यों हटाया गया: 
इसे स्पैम और मिनिमम फंक्शनैलिटी पॉलिसी के वॉयलेशन के लिए गूगल प्ले स्टोर से हटाया गया. Google प्ले स्टोर की नीति में कहा गया है कि किसी भी मूल परिवर्तन किए बिना या अन्य मूल्य से सामग्री को कॉपी करना एक उल्लंघन है, “हम उन ऐप्स की अनुमति नहीं देते हैं जो केवल Google Play पर पहले से ही अन्य एप्लिकेशन के समान अनुभव प्रदान करते हैं। 

मित्रों का पाकिस्तान की एक कंपनी से सामने आया कनेक्शन: 
दरअसल पाकिस्तान की Qboxus नामक सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी ने दावा किया हे की उन्होंने ऐप का सोर्स कोड मित्रों के प्रमोटर को करीब 2,600 रुपये में बेचा है और उनके द्वारा मित्रों ऐप को केवल रीब्रैंड किया गया है.Qboxus कंपनी के सीईओ इरफान शेख का कहना है की यह सीधे तौर पर नकल की श्रेणी में आता है, फ़िलहाल मित्रों ऐप की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. 

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गोबर के चिप से मोबाइल फोन विकिरण कम होने के सबूत दे कथीरिया: IMOS वैज्ञानिक

गोबर के चिप से मोबाइल फोन विकिरण कम होने के सबूत दे कथीरिया: IMOS वैज्ञानिक

नई दिल्ली: देश की राजधानी में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया द्वारा किए गए दावे में नया मोड़ आया है. असल में करीब छह सौ वैज्ञानिकों और विज्ञान के शिक्षकों ने को पत्र लिखकर कहा है कि वह गोबर की चिप से मोबाइल फोन विकिरण कम करने में मदद मिलने संबंधी अपनी दावों को साबित करने के लिए जल्दी से जल्दी साक्ष्य पेश करें. 

‘इंडिया मार्च फॉर साइंस’ की मुंबई शाखा ने एक बयान में कहा कि वैज्ञानिकों ने यह भी जानकारी मांगी है कि इस संबंध में वैज्ञानिक प्रयोग कब एवं कहां हुए और मुख्य जांचकर्ता कौन था. जिसके पीछे ये जानना है कि कहीं भ्रामकता फैलाने के लिहाज से तो कहीं ऐसे दावे नहीं किए जा रहे है. 

उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि इस संबंधी अध्ययन के परिणाम कहां प्रकाशित हुए. आपको बता दे कि कथीरिया ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि घरों में गोबर रखने से विकिरण कम होता है और एक गोबर की चिप बनाई गई है जो मोबाइल फोन से होने वाले विकिरण को कम कर सकती है. फिलहाल सभी को कथीरिया  की ओर से रिपोर्ट का इंतजार है. (सोर्स-भाषा)

 

गोबर के चिप से मोबाइल फोन विकिरण कम होने के सबूत दे कथीरिया: IMOS वैज्ञानिक

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नई दिल्ली: देश की राजधानी में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष वल्लभभाई कथीरिया द्वारा किए गए दावे में नया मोड़ आया है. असल में करीब छह सौ वैज्ञानिकों और विज्ञान के शिक्षकों ने को पत्र लिखकर कहा है कि वह गोबर की चिप से मोबाइल फोन विकिरण कम करने में मदद मिलने संबंधी अपनी दावों को साबित करने के लिए जल्दी से जल्दी साक्ष्य पेश करें. 

‘इंडिया मार्च फॉर साइंस’ की मुंबई शाखा ने एक बयान में कहा कि वैज्ञानिकों ने यह भी जानकारी मांगी है कि इस संबंध में वैज्ञानिक प्रयोग कब एवं कहां हुए और मुख्य जांचकर्ता कौन था. जिसके पीछे ये जानना है कि कहीं भ्रामकता फैलाने के लिहाज से तो कहीं ऐसे दावे नहीं किए जा रहे है. 

उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि इस संबंधी अध्ययन के परिणाम कहां प्रकाशित हुए. आपको बता दे कि कथीरिया ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि घरों में गोबर रखने से विकिरण कम होता है और एक गोबर की चिप बनाई गई है जो मोबाइल फोन से होने वाले विकिरण को कम कर सकती है. फिलहाल सभी को कथीरिया  की ओर से रिपोर्ट का इंतजार है. (सोर्स-भाषा)

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जियो की ढाई-तीन हजार रुपए में 5जी स्मार्टफोन बेचने की योजना: कंपनी अधिकारी

जियो की ढाई-तीन हजार रुपए में 5जी स्मार्टफोन बेचने की योजना: कंपनी अधिकारी

नई दिल्ली: रिलायंस जियो के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी 5,000 रुपए से कम कीमत में 5जी स्मार्टफोन पेश करने की योजना बना रही है, और आगे बिक्री बढ़ने पर इसकी कीमत घटाकर 2500-3000 हजार रुपए तक की जाएगी. कंपनी इस पहल के तहत वर्तमान में 2जी कनेक्शन का इस्तेमाल करने वाले 20-30 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ताओं को लुभाने की कोशिश करेगी.

कंपनी के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि जियो उपकरण की कीमत 5,000 रुपए से कम रखना चाहती है. जब हम बिक्री बढ़ा लेंगे, तो इसकी कीमत 2,500-3,000 रुपए हो सकती है. रिलायंस जियो ने इस संबंध में भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया. इस समय भारत में मिलने वाले 5जी स्मार्टफोन की कीमत 27,000 रुपए से शुरू है.

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जियो भारत में उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त में 4जी मोबाइल फोन पेश करने वाली पहली कंपनी. इसके तहत जियो फोन के लिए 1,500 रुपए देने थे, जो बाद में वापस हो सकते थे. रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कंपनी की 43वीं वार्षिक आम बैठक में भारत को 2जी मुक्त (2जी कनेक्शनों से मुक्त) बनाने की बात कही थी और एक सस्ते 5जी स्मार्टफोन की जरूरत पर जोर दिया था.

कंपनी अपने 5जी नेटवर्क उपकरण पर भी काम कर रही है और उसने दूरसंचार विभाग से इन उत्पादों के परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने के लिए कहा है. सरकार ने अभी रिलायंस जियो के अनुरोध पर फैसला नहीं किया है. इस समय भारत में 5जी सेवाएं नहीं हैं और सरकार ने 5जी तकनीक के परीक्षण के लिए दूरसंचार परिचालकों को स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं किया है. (भाषा)

स्पेशल 5जी वायरलेस नेटवर्क एप्रोच लेकर मार्केट में आया Iphone 12, साथ में है तीन और नये मॉडल्स

स्पेशल 5जी वायरलेस नेटवर्क एप्रोच लेकर मार्केट में आया Iphone 12, साथ में है तीन और नये मॉडल्स

वाशिंगटन: एप्पल एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ मार्केट में उतरने के लिए तैयार है. इस बार कंपनी ने तेज 5जी वायरलेस नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए जरूरी तकनीक से लैस चार आईफोन पेश किए हैं. इनमें पहला मॉडल 6.1 इंच डिस्प्ले वाला आईफोन 12 है, जो आईफोन 11 की तरह ही है, लेकिन उससे हल्का और पतला है. इसकी कीमत 800 अमेरिकी डॉलर से शुरू है. दूसरा मॉडल 5.4 इंच डिस्प्ले के साथ आईफोन 12 मिनी है, जिसकी कीमत लगभग 700 डॉलर है. उच्च श्रेणी वाला आईफोन 12 प्रो अधिक बेहतर कैमरे के साथ आता है और इसकी कीमत करीब 1000 डॉलर है.
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चौथा मॉडल 6.7 इंच डिस्प्ले वाला 12 प्रो मैक्स है, और इसकी कीमत 1,100 डॉलर से शुरू है. मगर इस बार एप्पल के कुछ ग्राहकों को यह जानकार नाराजगी भी हो सकती है क्योंकि कंपनी फोन के साथ एडॉप्टर नहीं दे रही है. कंपनी का कहना है कि ऐसा करने से फोन की पैकिंग वाला डिब्बा छोटा और हल्का रहेगा, जो पर्यावरण के अनुकूल और निर्यात के लिए लिहाज से भी सुविधाजनक रहेगा. एप्पल हालांकि पावर एडॉप्टर अगल से बेच रहा है, जिसकी कीमत 20 डॉलर से 50 डॉलर के बीच है. आईफोन लवर्स जल्दी ही अपने पसंद के फोन का आनंद उठा सकते है. (सोर्स-भाषा)

ट्राई की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, 40 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार करने वाली पहली कंपनी बनी JIO

ट्राई की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा,  40 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार करने वाली पहली कंपनी बनी  JIO

नई दिल्ली: रिलायंस जियो देश में 40 करोड़ ग्राहक का आंकड़ा पार करने वाली देश की पहली दूरसंचार सेवा कंपनी बन गयी है. दूर संचार विनियामक ट्राई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने जुलाई में शुद्ध रूप से 35 लाख नए ग्राहक कंपनी से जुड़े है. इस रिपोर्ट  के मुताबिक कुल देश में कुल दूरसंचार ग्राहकों की संख्या जुलाई थोड़ी बढ कर 116.4 करोड़ हो गयी. जुलाई में यह संख्या 116 करोड़ थी. 

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा रपट के अनुसार जुलाई में मोबाइल फोन कनेक्शन बढ़ कर 114.4 करोड़ हो गए. जून में यह संख्या 114 करोड़ थी। इनमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कनेक्शन क्रमश: 61.9 करोड़ और 52.1 करोड़ थे. स्थिर लाइन कनेक्शन की संख्या कई वर्ष बाद जुलाई में हल्की बढ कर 1,98,20,419 हो गयी. इसमें जियो और अन्य निजी कंपनियों का बड़ा योगदान रहा है. इस दौरान सरकारी क्षेत्र की भारत संचार निगम लि. और एमटीएनएल तथा रिलायंस कम्यूनिकेशन्स तथा टाटा टेली सविसेज के स्थिर लाइन कनेक्शनों की संख्या में गिरावट का सिलसिला लगातार बना रहा. 
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अगर भारत की बात करे तो यहां के मोबाइल बाजार में रिलायंस जियो का हिस्सा 40,08,03,819 ग्राहकों के साथ 35.03 प्रतिशत पर पहुंच गया है. भारती एयरटेल ने जुलाई में 32.6 बीएसएनएल ने 3.88 लाख मोबाइल ग्रहक जोड़े गये है . इसी दौरान वोडाफोन ने 37 लाख से अधिक और एमटीएनएल ने 5,457 लाख मोबाइल ग्राहक गंवा दिए है. आलोच्य माह में ब्राडबैंड कनेक्शन की संख्या 1.03 प्रतिशत से बढ़ कर 70.54 करोड़ हो गयी.  आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जून में यह 69.82 करोड़ थी. (सोर्स-भाषा)

दूरसंचार कंपनियों को अब भी स्पेक्ट्रम मूल्य में कटौती की उम्मीद : सीओएआई

दूरसंचार कंपनियों को अब भी स्पेक्ट्रम मूल्य में कटौती की उम्मीद : सीओएआई

नई दिल्ली: दूरसंचार कंपनियों को अगले दौर की नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में अब भी कटौती की उम्मीद है. उद्योग संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने यह बात कही है. हालांकि, डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) बिक्री को पेश किए जाने वाले स्पेक्ट्रम के लिए कुल 5.22 लाख करोड़ रुपये की न्यूनतम कीमत तय कर चुका है.

सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी बड़ी कंपनियां:  
सीओएआई के महानिदेशक एस पी कोचर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उद्योग संगठन सरकार द्वारा राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी)-2018 में किए गए वादों को लेकर नियमित आधार पर जानकारी हासिल कर रहा है. सीओएआई के सदस्यों में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

स्पेक्ट्रम के मूल्य को तार्किक बनाने की मांग कर रहे: 
दूरसंचार ऑपरेटर सरकार से इस नीति के तहत दो साल पहले किए गए वादों के अनुरूप शुल्कों में कटौती तथा स्पेक्ट्रम के मूल्य को तार्किक बनाने की मांग कर रहे हैं. दूरंसचार विभाग के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय डीसीसी ने मई में स्पेक्ट्रम नीलामी की योजना को मंजूरी दी थी, जिसपर केंदीय मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जानी है. हालांकि, दूरसंचार विभाग अब तक अगले दौर की स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए अधिसूचना जारी नहीं कर पाया है. नीलामी के इस दौर में 5.22 लाख करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम की बिक्री की जाएगी.

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सरकार के समक्ष कई तर्कसंगत दलीलें रखी गई: 
कोचर ने कहा कि डीसीसी की बैठक के बाद काफी पानी बह चुका है. सरकार के समक्ष कई तर्कसंगत दलीलें रखी गई हैं. सरकार ने हमारी दलीलों को खारिज नहीं किया है. न ही सरकार की ओर से मूल्य को लेकर कोई नोटिस जारी किया गया है.

विभाग का अगला कदम क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं: 
दूरसंचार विभाग को अब स्पेक्ट्रम नीलामी की मंजूरी के लिए लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास जाना है. हालांकि, विभाग का अगला कदम क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है. दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस जियो ने वार्षिक स्पेक्ट्रम नीलामी की नीति को रोकने को लेकर विभाग से सवाल किया है. जियो का कहना है कि देश में डेटा सेवाओं की मांग को पूरा करने के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी जल्द आयोजित की जानी चाहिए.

दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश को पत्र लिखा: 
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली जियो ने 28 सितंबर को दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि स्पेक्ट्रम खाली पड़ा रहने से मोबाइल सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मुद्दे पैदा हो सकते हैं और इससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा. जियो का कहना है कि 3.92 लाख करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खाली पड़ा है.

कंपनियां नीलामी में भाग लेने का निर्णय अपनी जरूरत के हिसाब से करेंगी:
वहीं भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया का स्पेक्ट्रम नीलामी के समय को लेकर कुछ अलग विचार है. कोचर ने कहा कि कंपनियां नीलामी में भाग लेने का निर्णय अपनी जरूरत के हिसाब से करेंगी. उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर मतभेद अभी जारी रहेंगे.

पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तिथियों के दौरान बंद रहेगा इंटरनेट, पुलिस मुख्यालय ने मांगी मंजूरी

पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तिथियों के दौरान बंद रहेगा इंटरनेट, पुलिस मुख्यालय ने मांगी मंजूरी

जयपुर: राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के 5438 पदों के लिए होने वाली परीक्षा नवंबर के फर्स्ट वीक यानी कि 6 नवंबर से लेकर 8 नवंबर 2020 तक आयोजित की जाएगी. ऑफलाइन होने वाली इस परीक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने नकल रोकने के लिए तमाम व्यवस्थाएं की है. इसी के चलते परीक्षा की तिथियों के दौरान इंटरनेट बंद रहेगा. इंटरनेट बंद रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग से मंजूरी मांगी है. 

पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को भेजी है फाइल: 
इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को फाइल भेजी है. गृह विभाग से मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा के दौरान इंटरनेट बंद रहेगा. हालांकि इसमे हाईकोर्ट का फैसला रोड़ा बन सकता है. पुलिस मुख्यालय की विधि टीम हाई कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही है. 

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भर्ती परीक्षा मई महीने में हो आयोजित की जानी थी: 
बता दें की राजस्थान कांस्टेबल भर्ती की यह परीक्षा मई महीने में हो आयोजित की जानी थी लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से इस परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था, जुलाई में एक बार फिर से इस परीक्षा को कराने की योजना बनी लेकिन कोरोना से उत्पन्न हालातों को देखते हुए जुलाई में भी यह परीक्षा नहीं हो पाई. इस परीक्षा के कुल हुए आवेदन की बात की जाए तो बता दें कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए कुल करीब 17 लाख 50 हजार अभ्यर्थियों ने अपना आवेदन सबमिट किया हुआ है.

मर्सडीज-बेंज ने पेश की इलेक्ट्रिक एसयूवी, कीमत 99.3 लाख रुपए से शुरू

मर्सडीज-बेंज ने पेश की इलेक्ट्रिक एसयूवी, कीमत 99.3 लाख रुपए से शुरू

नई दिल्ली(भाषा): लक्जरी कार बनाने वाली जर्मनी की मर्सडीज-बेंज ने भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी कार ईक्यूसी बृहस्पतिवार को पेश की. कंपनी ने इसकी पेशकश कीमत 99.30 लाख रुपये रखी है. कंपनी की ईक्यू ब्रांड के तहत यह पहली पेशकश है. यह पूरी तरह से बैटरी पर चलने वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी है. इसमें 80 किलोवाटघंटा क्षमता की लिथियम आयन बैटरी है. यह एक बार चार्ज होने के बाद 445 से 471 किलोमीटर तक जा सकती है. कंपनी का दावा है कि ईक्यूसी 20.8 से 19.7 किलोवाट घंटा प्रति 100 किलोमीटर बिजली का उपभोग करती है.

इसके अगले और पिछले पहियों पर दो इलेक्ट्रिक मोटर लगी हैं. यह दोनों मिलकर 408 अश्वशक्ति का बल पैदा करती है जिससे कार 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार मात्र 5.1 सेकेंड में प्राप्त कर लेती है. अभी कंपनी ने इसे दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई के बाजारों में उतारा है. इसके अलावा अपनी ई-वाणिज्य वेबसाइट से भी बिक्री कर रही है.

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मर्सडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्टिन श्वेंक ने पीटीआई-भाषा से कहा कि हमारे लिए ईक्यूसी को पेश करना, अपने पोर्टफोलियो की कारों का इलेक्ट्रीकरण करना है. हम नया रुख तय करने के लिए फिर से सबसे आगे हैं. मर्सडीज-बेंज ने वैश्विक स्तर पर एंबिशन 2039 कार्यक्रम के तहत अपने सभी मॉडलों को पर्यावरण पर शून्य प्रभाव डालने वाला बनाने का लक्ष्य तय किया है. 

कंपनी ने कहा कि पहली 50 ईक्यूसी की शोरूम कीमत 99.30 लाख रुपये होगी. इसमें एसी वॉल बॉक्स चार्जर, होम इलेक्ट्रिकल चार्जर, पांच साल सड़क पर सर्विस सेंटर की सुविधा, पांच साल की समग्र सर्विस का पैकेज, पांच साल के लिए असीमित किलोमीटर तक वारंटी बढ़ाने की सुविधा और बैटरी पर आठ साल या 1,60,000 किलोमीटर तक का कवर शामिल है.