कोटा Kota: सुकेत रेप केस में 13 लोगों को 20 साल और 3 को चार साल की सजा, 12 लोगों को किया बरी; नाबालिग से 9 दिन तक किया था रेप

Kota: सुकेत रेप केस में 13 लोगों को 20 साल और 3 को चार साल की सजा, 12 लोगों को किया बरी; नाबालिग से 9 दिन तक किया था रेप

Kota: सुकेत रेप केस में 13 लोगों को 20 साल और 3 को चार साल की सजा, 12 लोगों को किया बरी; नाबालिग से 9 दिन तक किया था रेप

कोटा: जिले की एक अदालत ने इस साल की शुरुआत में नौ दिनों तक एक किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म करने के जुर्म में शनिवार को 13 लोगों को 20-20 साल और दो अन्य को चार-चार साल की सजा सुनाई.

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण प्रदान करने संबंधी अधिनियम (पॉक्सो) के तहत गठित एक विशेष अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अशोक चौधरी ने यहां 15 वर्षीय एक लड़की को उसके घर से अपहरण करने और उसे झालावाड़ ले जाकर दुष्कर्म के वास्ते कई लोगों को बेचने को लेकर एक महिला को भी चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई.

कथित रूप से अपराध में शामिल 12 अन्य लोगों को बरी कर दिया:
अदालत ने 16 लोगों को सजा सुनायी जबकि कथित रूप से अपराध में शामिल 12 अन्य लोगों को बरी कर दिया. चार नाबालिग अपराधी अभी भी स्थानीय किशोर न्याय बोर्ड में अलग से मुकदमे का सामना कर रहे हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चौधरी ने 20 साल की सजा पाने वालों पर 10-10 हजार रुपये और चार साल की सजा पाने वालों पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

छह मार्च को सुकेत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी:
किशोरी के सामूहिक दुष्कर्म मामले में इस साल छह मार्च को सुकेत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. किशोरी ने शिकायत की थी कि कोटा में एक महिला बुलबुल उर्फ पूजा जैन उसे बैग खरीदने का झांसा देकर घर से ले गई थी. किशोरी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जैन उसे झालावाड़ ले गई जहां उसने एक के बाद एक कई लोगों को उसे सौंप दिया, जिन्होंने नौ दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया.

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