VIDEO: कोटा पुलिस बनी इंसानियत की मिसाल, 5 दिनों में बचाई 5 लोगों की जिंदगी

कोटा: जां को राखे सांईयां,,,,,,,,,,,,मार सके ना कोई. जी हां यह कवाहत इन दिनों कोटा शहर पर फिट बैठ रही है.  क्योंकि यहां कोई मुसीबत में फंसता है तो उसके लिये खाकी वर्दी मददगार,,,,,,,,या फिर यूं कहें की फरिश्ता बनकर सामने आ रही है. बीते 5 दिनों में कोटा पुलिस के जवान वाकई फरिश्ता बनकर मददगार बने हैं. कोटा के पुलिस जांबाजों ने एक नहीं बल्कि 05 जिंदगियां बचाई है. 3 अप्रैल से लेकर 7 अप्रैल के बीच नहर में महिलाओं के गिरने और चंबल नदी में युवक के कूदने के बाद शहर पुलिस के कांस्टेबल होने पर अपनी जान की बाजी लगाते हुए महिला और युवक को बचाया है.

3 अप्रैल को कुन्हाड़ी थाना इलाके के सकतपुरा में 60 फीट गहरी नहर में गिरे 5 साल के मासूम को बचाने के लिये नहर में एक मां कूदी तो वह संभल नहीं पाई. यह माजरा देख वहा भीड़ एकत्र हो गई लेकिन नहर की गहराई देख कोई तैराक सामने नहीं आया. इलाके में ही ड्यूटि पर तैनात कांस्टेबल किशनगोपाल को इसकी सूचना मिली तो मौके पर पहुंचते ही उसने बगैर देर किये नहर में छलांग लगा दी और फिर मां और बेटे को बचाया. जब महिला को बाहर निकाला गया तो पता चला की वह गर्भवती थी. यानि किशनगोपाल ने दो नहीं बल्कि एक साथ 3 जिंदगियों को अपनी जान पर खेलकर बचाया. 

कचरा बीनते वक्त एक महिला नहर में गिर गई जिसे कॉन्स्टेबल ने जान पर खेलकर बचाया:
ठीक इसी तरह गुमानपुरा नहर में भी 4 अप्रैल को कचरा बीनते वक्त एक महिला नहर में गिर गई जिसे रवि कुमार नाम के कॉन्स्टेबल ने जान पर खेलकर बचाया. वहीं 7 अप्रैल को शहर में घटी तीसरी घटना वह है ,,,,,,जब एक युवक ने नयापुरा चंबल पुलिया से छलांग लगा दी. युवक मरने के लिये कूद तो गया था लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था. पुलिया से कूदते वक्त वहां मौजूद कांस्टेबल ने उसे देख लिया. जैसे ही युवक चंबल नदी में कूदा तो उसके चंद सैंकडों बाद ही कांस्टेबल चेतराम चैधरी ने भी युवक को बचाने के लिये चंबल नदी में छलांग लगा दी और आत्महत्या के इरादे से कूदे युवक की जान बचाई.  

5 जिंदगियों को बचाने की यह मिसाल कोटा पुलिस महकमें का अब मान बढ़ा रही:
5 दिनों में 5 जिंदगियों को बचाने की यह मिसाल कोटा पुलिस महकमें का अब मान बढ़ा रही है. और बढ़े भी क्यों ना,,,,,फरिश्ता बनकर जांबाज सिपाहियों ने ऐसा काम जो कर दिखाया है. 

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