कोटा: चंबल नदी के हालात बिगड़े

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/12 06:38

कोटा। हरिद्वार में  गंगा की सफाई के लिए अनशनकारी पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल ने अपने प्राण त्याग दिए। वहीं प्रदेश की बड़ी नदियों में शुमार व कोटा की लाइफ लाइन कही जाने वाली चंबल नदी भी इन दिनों बुरे हालातों से गुजर रही है। 

बता दें कि चंबल नदी में प्रदूषण इस कदर हो रहा है कि अब जलीय जीव का पानी के अंदर दम घुट रहा है। शहर के बीच किशोरपुरा मुक्तिधाम के निकट वाला चंबल तट  आज इतना मेला दिखाई दिया कि पानी से सड़ांध आने लगी और चंबल तट पूरी तरह गंदगी से अटा दिखाई दिया। यह देख वहां मौजूद लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। 

पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यहां आए दिन मछलियों और अन्य जलीय जीवो की मौतें हो रही है लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि चंबल नदी में गिरने वाले नालों में नगर निगम के सीवरेज टैंक खाली किये जाते। इस कारण से लगातार चंबल नदी मेली होती नजर जा रही है। आज सुबह भी कई मछलियां चंबल तट पर मरी हुई मिली जो पानी के तेज बहाव में बह कर आगे निकल गई।

कोटा से गुल मोहम्मद

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