कुलभूषण जाधव को आज मिलेगा कॉन्सुलर एक्सेस, सिर्फ दो घंटे मिल पाएंगे अधिकारी

कुलभूषण जाधव को आज मिलेगा कॉन्सुलर एक्सेस, सिर्फ दो घंटे मिल पाएंगे अधिकारी

नई दिल्ली: कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के बाद पाकिस्तान एक बार फिर भारत को काउंसलर एक्सेस का प्रस्ताव भेजा है. . पाकिस्तान की तरफ से पहले भी इसका ऑफर दिया गया था, लेकिन इसमें उसने कुछ शर्तें जोड़ दी थीं जिसका भारत ने विरोध किया था. अब रविवार को पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बार फिर कॉन्सुलर एक्सेस की जानकारी दी.

भारत सरकार का कोई आधिकारिक बयान भी नहीं भी आया: 
अदालती निर्णय के डेढ़ महीने बाद इस्लामाबाद की तरफ से आई दूसरी पेशकश को फिलहाल भारत सरकार ने न तो स्वीकार किया है और न ही अस्वीकार. ताजा पाक प्रस्ताव पर भारत सरकार का कोई आधिकारिक बयान भी नहीं भी आया है. हालांकि कश्मीर पर भारत-पाक रिश्तों में जारी तनाव के बीच आए इस प्रस्ताव की टाइमिंग एक बार फिर पाकिस्तनी पैंतरे की ओर ही इशारा कर रही है. ऐसे में शर्तों के पेंचो-खम के साथ आए प्रस्ताव को भारत की तरफ से इसे मंजूर किए जाने की संभावना धुंधली है. वैसे भी भारत यह साफ कर चुका है कि उसे जाधव के लिए ‘अबाध और दबाव रहित’ मुलाकात से कम कुछ मंजूर नहीं.

2017 में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी: 
कुलभूषण जाधव को 2017 में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी, लेकिन भारत ने इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपील की थी और भारत वहां पर केस जीत भी गया था. अब लंबी लड़ाई के बाद पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कॉन्सुलर एक्सेस दे रहा है. सोमवार दोपहर 12 बजे कुलभूषण जाधव को सिर्फ दो घंटे के लिए ये एक्सेस मिलेगा.

क्या होता है कॉन्सुलेर एक्सेस?
दरअसल, अगर किसी देश का कोई नागरिक किसी दूसरे देश में बंद होता है, तब उसे यह सुविधा मिल सकती है. उदाहरण के तौर पर कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं. उन्हें पाकिस्तान ने जेल में कैद कर रखा है. अब दोनों सरकारों की सहमति के बाद जो भारतीय राजदूत या अधिकारी कुलभूषण जाधव से मुलाकात कर पाएगा, उसे कॉन्सुलेर एक्सेस कहा जाता है. इसमें अधिकारी कैदी से उसके साथ किस तरह का व्यवहार हो रहा है, आगे की प्रक्रिया आदि के बारे में पूछताछ कर सकता है.

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