कोलकाता West Bengal: CM ममता बनर्जी बोलीं- बंगाल में अब हड़ताल, बाधाओं के कारण श्रम दिवस का नुकसान नहीं होता

West Bengal: CM ममता बनर्जी बोलीं- बंगाल में अब हड़ताल, बाधाओं के कारण श्रम दिवस का नुकसान नहीं होता

West Bengal: CM ममता बनर्जी बोलीं- बंगाल में अब हड़ताल, बाधाओं के कारण श्रम दिवस का नुकसान नहीं होता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुनिया के विभिन्न देशों के निवेशकों को राज्य में निवेश के लिये आमंत्रित करते हुए बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने हड़ताल और विभिन्न बाधाओं के कारण श्रम दिवस में होने वाले नुकसान को समाप्त कर दिया है, जबकि पूर्ववर्ती वाम दल की सरकार में यह 75 लाख प्रति वर्ष था.

बनर्जी ने बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन में उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य आने वाले समय में विकास के आठ क्षेत्रों में काम करेगा. इसमें बुनियादी ढांचा, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और कारोबार सुगमता शामिल हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल पहला राज्य है, जिसने कोविड महामारी के बाद आमने-सामने की बैठक के साथ व्यापार सम्मेलन का आयोजन किया है. यह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ बांग्लादेश, भूटान और नेपाल तथा दक्षिण -पूर्व एशिया के लिये द्वार है. बनर्जी ने कहा कि पिछली वाम दलों की सरकार में हर साल 75 लाख श्रम दिवसों का नुकसान होता था लेकिन अब ऐसा नहीं होता. 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 72,000 करोड़ रुपये की लागत से जंगलमहल (दक्षिण बंगाल के चार जिलों का क्षेत्र) में मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाये गये पूर्वी गलियारे से लगा औद्योगिक क्षेत्र बनाएगी. साथ ही शेल गैस की खोज को लेकर तुरंत लाइसेंस देने के लिये नीति तैयार की गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पुरुलिया में ‘जंगलमहल सुन्दरी कर्मनगरी’ परियोजना के लिये 2,483 एकड़ औद्योगिक भूमि आवंटित की है. यह जमीन अमृतसर-दानकुनी पूर्वी मालगाड़ी गलियारे के पास है. उन्होंने कहा कि 2023 तक राज्य राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़ जाएगा. सोर्स- भाषा

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