विभिन्न मांगों को लेकर लैब टेक्नीशियन व एक्स-रे टेक्नीशियन ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/06 03:46

हनुमानगढ़: नियमों में शिथिलता देते हुए अनुभव के आधार पर पंजीकृत किए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर लैब टेक्नीशियन व एक्स-रे टेक्नीशियन ने राजस्थान एसोसिएशन ऑफ एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स टैक्नोलॉजिस्ट के बैनर तले आज मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा. कलक्टर से मिले लैब टेक्नीशियन व एक्स-रे टेक्नीशियन का कहना था कि पैरा मैडिकल काउंसिल के गठन से पूर्व कोई भी वैधानिक संस्था प्रशिक्षण एवं पंजीकरण के लिए निश्चित नहीं थी न ही कोई गाइड लाइन उपलब्ध थी. सरकारी अस्पतालों में भी 10वीं व 12वीं पास व्यक्तियों को 9 माह का प्रशिक्षण देकर लैब टैक्नीशियन एवं रेडियो ग्राफर पद पर लगाया जाता था.

डिप्लोमा करने के बाद कर रहे कार्य: 
निजी क्षेत्र में इसी का अनुसरण करते हुए 10वीं या 12वीं पास व्यक्ति किसी भी निजी संस्थान से 9 माह का डिप्लोमा करने के बाद इस कार्य को कर रहे हैं. आज भी सरकार की विभिन्न योजनाओं में संचालित लैबोरेट्रीज में जांच का कार्य ज्यादातर इसी तरह के योग्यताधारी व्यक्ति स्थाई व अस्थाई पदों पर कार्य कर रहे हैं. अब पैरा मेडिकल काउंसिल का गठन होने के बाद पैरा मेडिकल काउंसिल की ओर से बनाए गए नियमों के अनुसार पूर्व में वर्षों से इस कार्य में कार्यरत लोगों को पंजीयन के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है. क्योंकि उनकी ओर से डिप्लोमा विभिन्न निजी संस्थानों से किया गया है. उन संस्थानों को काउंसिल मान्यता प्रदान नहीं कर रही है.

हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट: 
इस कारण हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है. उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित नए नियम के अनुसार लैब को बेसिक, मीडियम एवं एडवांस तीन श्रेणियों में बांटा गया है. बेसिक लैब में ज्यादातर कार्य ऑटोमैटिक मशीनों की मदद से टेक्नीशियन की ओर से किए जाने की मांग की.  

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