Lakhimpur Kheri: मक्खियों के आतंक की वजह से क्षेत्र के कई गांवों में नहीं हो रही युवाओं की शादी, रिश्ते आने हुए बंद

Lakhimpur Kheri: मक्खियों के आतंक की वजह से क्षेत्र के कई गांवों में नहीं हो रही युवाओं की शादी, रिश्ते आने हुए बंद

Lakhimpur Kheri: मक्खियों के आतंक की वजह से क्षेत्र के कई गांवों में नहीं हो रही युवाओं की शादी, रिश्ते आने हुए बंद

लखीमपुर खीरी(गोपाल गिरि): यूपी का जनपद लखीमपुर खीरी यूं तो बाघों के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन इन दिनों जनपद के मितौली तहसील क्षेत्र में लोग बाघों से ज्यादा मक्खियों के आतंक से परेशान हैं और मक्खियों का आतंक भी इतना कि लोग उसके लिए जल सत्याग्रह तक पर आमादा है. लोगों को घरों में अपने दैनिक काम करने के लिए मच्छरदानी लगा कर रहना पड़ता है. बिना मच्छरदानी के खाना खाना तो संभव ही नहीं है. लोगों की माने तो उन्हें बाग से इतना डर नहीं लगता जितना की मक्खियों से परेशान है. इतना ही नहीं इन मक्खियों के आतंक की वजह से इस क्षेत्र की जो सबसे अहम और दिलचस्प समस्या लोगों ने बताई वह यह की मक्खियों के आतंक की वजह से उस क्षेत्र के कई गांव में युवाओं की शादियां नहीं हो रही है. 

जनपद लखीमपुर खीरी के मैगलगंज के पास लगभग आधा दर्जन गांव अब्बासपुर, ददौरा, आलियापुर, हैरम खेड़ा ईछनापुरवा, चपर तला, गांधी ग्राम, महुआ ढाब, सेमरा घाट आदि गांव के लोगों का जीवन मक्खियों ने नर्क बना रखा है. लोगों ने खुले में रहना बंद कर दिया है. गांव में हर घर में मच्छरदानी लगी हुई है. लोग दिन में भी इसी मच्छरदानी में बैठे रहते हैं. लोगों ने अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि खाना बनाते वक्त दो लोग साथ में पंखा लेकर खड़े होते हैं. इसके साथ ही ना तो खुले में कोई खाने की चीज रखी जा सकती है और ना ही बिना मच्छरदानी के खाना खा पाना संभव है. 

बरनाला पोल्ट्री फार्म की वजह से अचानक मक्खियां बढ़ी:
इलाके में मक्खियों का आतंक इतना है कि इसके लिए क्षेत्रीय लोगों सहित कई बार किसान संगठन धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं और जब उससे भी बात नहीं बनी तो लगातार दो दिन का जल सत्याग्रह किया था. जलसा जल सत्याग्रह के बाद प्रशासन ने ज्ञापन लेते हुए समस्या के निदान का आश्वासन भी दिया था लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. लोगों का आरोप है कि पास के बरनाला पोल्ट्री फार्म की वजह से अचानक मक्खियां बढ़ी है मुर्गियों की बीट से मक्खियों का लारवा बन रहा है जिसका पोल्टी फार्म संचालक सही तरीके से आधुनिक संयंत्र ना लगाकर लापरवाही बरत रहे हैं और अपने लाभ के लिए दर्जनों गांव के लोगों की स्वास्थ्य और जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. वहीं बार-बार ज्ञापन और प्रार्थना पत्र देने के बाद भी प्रशासन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा है. 

मक्खियों की आतंक के वजह से इन क्षेत्र में युवाओं की शादी के लाले पड़ रहे:
वहीं लोगों का हाल जानने पहुंचे तो वहां लोग दिन में भी मच्छरदानी लगाए नजर आये. पूछने पर उन्होंने अपने दैनिक जीवन की समस्याएं तो बताई थी लेकिन सबसे अहम और दिलचस्प समस्या यह थी कि मक्खियों की आतंक के वजह से इन क्षेत्र में युवाओं की शादी के लाले पड़ रहे हैं. मक्खियों के चलते ना तो क्षेत्र के गांव में मेहमान आते हैं और ना ही युवाओं के शादी के रिश्ते. लोगों का कहना है कि जो भी गलती आ जाते हैं वो  मक्खियों का आतंक देख कर चले जाते हैं. इछनपुर की रजिंदर कौर और सुखविंदर ने बताया कि उनके खुद के दो बेटों की शादियां इन मक्खियों की वजह से नहीं हो पा रही है. मेहमान आए शादियों की बात चली लेकिन यहां मक्खियों के आतंक को देखकर वापस चलें गए. कोई भी इन मक्खियों के आतंक और गंदगी के बीच अपनी बेटी देने को तैयार नहीं है. 

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