VIDEO: परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा खुलासा, वाहन टैक्स के करोड़ों बकाया

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/13 09:56

जयपुर: परिवहन विभाग को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लग रहा है. राज्य सरकार के दिए हुए लक्ष्य को अर्जित करने में पिछड़े परिवहन विभाग में लगता है जैसे पूरे कुएं में ही भांग घुली हुई है. यह खुलासा परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान हुआ. बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे वाहन थे, जिन पर मार्च तक विभाग टैक्स की वसूली ही नहीं कर पाया. कैसे राज्य सरकार को लगी करोड़ों की चपत, फर्स्ट इंडिया न्यूज की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

अकेले जयपुर रीजन में ही 3860 वाहनों से नहीं हुई टैक्स वसूली:
परिवहन विभाग इस बार राज्य सरकार की उम्मीदों पर पूरी तरह से विफल साबित हुआ था. पिछले वित्त वर्ष में विभाग को 5000 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य दिया गया था और विभाग मात्र 4576.22 करोड़ रुपए ही अर्जित कर सका था. यानी लक्ष्य की तुलना में परिवहन विीााग ने 91.52 फीसदी राजस्व ही अर्जित किया था. इसके पीछे परिवहन विभाग के अधिकारियों ने नई गाड़ियों की बिक्री में कमी समेत कई मुद्दे गिनाए थे. जयपुर आरटीओ भी अपने लक्ष्य को पूरा करने में बहुत पीछे रहा था. जयपुर आरटीओ को राज्य सरकार की ओर से 1020.98 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विपरीत आरटीओ केवल 905.85 करोड़ ही ला पाए थे. लेकिन इस पूरे प्रकरण में अब खुलासा हुआ है कि लक्ष्य से पिछड़ने के पीछे जो कारण गिनाए गए थे, वे वास्तव में सही कारण नहीं थे. परिवहन विभाग के अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाने में नाकाम रहे थे, जिसकी वजह से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा था. परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान खुलासा हुआ है कि हजारों वाहनों से विभाग के अधिकारी टैक्स नहीं वसूल सके. जिन वाहनों काे टैक्स नहीं चुकाने पर सीज कर लिया गया था, उन वाहनों की नीलामी कर राजस्व वसूलने की भी कोई कवायद नहीं की गई. 

राजस्व लाने में आखिर क्यों पिछड़ा परिवहन विभाग ?
—मार्च 2019 तक 3860 वाहनों से टैक्स वसूली नहीं कर पाया जयपुर आरटीओ
—जयपुर आरटीओ रीजन में 2950 यात्री वाहनों से टैक्स वसूली नहीं की गई
—900 भारी वाहन और 10 गैर परिवहन वाहनों से टैक्स नहीं वसूला गया
—इन वाहन मालिकों को नोटिस देने की कवायद भी अभी तक पूरी नहीं हुई
—न ही इन वाहनों को पकड़कर सीज करने या चालान करने की कवायद की गई
—ये वाहन खुले में अभी तक बेरोकटोक सड़कों पर चल रहे

जो वाहन सीज किए, उनकी नीलामी में भी ढिलाई:
न केवल वाहनों के चालान और टैक्स वसूली में जयपुर आरटीओ पिछड़ा है, साथ ही एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है. बकाया टैक्स वाले वाहनों को आरटीओ के उड़नदस्तों ने सीज कर दिया. ऐसे वाहनों को परिवहन विभाग से जुड़े बाड़ों में खड़ा करवा दिया गया. लेकिन इन वाहनों के मालिकों से टैक्स वसूली की दिशा में कवायद नहीं की गई. नियमानुसार इन वाहनों की नीलामी की जानी चाहिए थी, जिसमें विभाग पीछे रहा. यही नहीं, जयपुर आरटीओ के कार्यालय में रद्दी पड़े रिकॉर्ड और नकारा सामान की नीलामी भी नहीं की जा सकी है, जिससे विभाग को कुछ न कुछ प्राप्ति होने की संभावना थी. यह नीलामी भी जुलाई में होने की बात कही जा रही है।

वाहन सीज कर दिए, लेकिन नीलामी करना भूल गए
—जयपुर आरटीओ के उड़नदस्तों ने कुल 321 वाहनों को सीज किया था
—डीटीओ यात्री वाहन प्रथम के अधीन 142 वाहन सीज किए गए
—डीटीओ यात्री वाहन द्वितीय के अधीन 21 वाहन सीज किए गए
—130 भारी वाहन और 10 गैर परिवहन वाहन भी सीज किए
—दूदू डीटीओ ने केवल 1 वाहन सीज किया, शाहपुरा ने एक भी नहीं
—चौमूं डीटीओ ने ऐसे 10 वाहन सीज किए, जबकि कोटपूतली ने केवल 7 वाहन सीज किए
—सीज वाहनों के डिमांड नोटिस वाहन मालिकों को देने की कवायद भी पूरी नहीं हुई
—इस कारण इन वाहनों को नीलाम कर टैक्स वसूली की कार्रवाई भी नहीं की गई

इस साल जब जयपुर में आरटीओ के रूप में राजेन्द्र कुमार वर्मा को लगाया गया था तो उम्मीद की जा रही थी कि राजस्व अर्जन में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राजेन्द्र कुमार वर्मा भी राजस्व को लेकर कुछ खास नहीं कर सके हैं. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कल समीक्षा बैठक में इन मुद्दों पर अधिकारियों को सख्ती करने के निर्देश दिए हैं, देखना होगा कि आगामी दिनों में मंत्री की सख्ती का असर दिखता है या नहीं।

... जयपुर से संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

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