VIDEO: जलदाय विभाग में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा !

Naresh Sharma Published Date 2019/01/19 11:28

जयपुर। भ्रष्टाचार के लिए बदनाम रहे जलदाय विभाग में फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। कहीं पर बिना ट्यूबवेल खोदे ही करोड़ों रुपए का भुगतान उठाया जा रहा है, तो कहीं पर कर्मचारी फर्जी यात्रा दिखाकर सरकार के खजाने को चूना लगा रहे हैं, लेकिन जलभवन में बैठे अफसरों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही, वे अपनों को बचाने में जुटे हुए हैं। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-

—कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत का खेल
—सरकार के खजाने को लगाया जा रहा है चूना
—CMO तक पहुंची मामलों की शिकायतें
—लेकिन PHED के अधिकारियों ने मूंदी आंखें
—आखिर कौन धणी धोरी है जलदाय विभाग का ?

जलदाय विभाग में भ्रष्टाचार का खेल तो काफी पुराना है और फर्जीवाड़े का सिलसिला भी लंबे समय से चला आ रहा है। नित नए मामले सामने आ रहे हैं और ऐसे ही मामलों का खुलासा आज फर्स्ट इंडिया कर रहा है। सबसे पहला मामला है बालोतरा का, जहां के कर्मचारियों पर फर्जी यात्रा बिल से भुगतान उठाकर सरकार को चूना लगाने का आरोप है। पंप चालक भंवरलाल पालीवाल व चौकीदार घेवरचंद माली पर आरोप है कि इन्होंने गलत तरीके से भुगतान उठाया है। विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी अभेंद्र गौड़ व खंडीय लेखाधिकारी देवीसिंह की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि जो यात्रा बिल प्रस्तुत करके भुगतान उठाया गया है, वह नियम विरुद्ध है। कमेटी ने सिफारिश की थी कि भंवरलाल व घेवरचंद से वसूली की जाए। लेकिन हुआ उल्टा। जयपुर में बैठे मुख्य अभियंता आई डी खान ने जांच पर ही रोक लगा दी और नई जांच कमेटी बना दी। इस कमेटी में ऐसे सदस्य रखे, जो खुद भुगतान की लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं। खान द्वारा बनाई कमेटी ने पूर्व रिपोर्ट को खारिज कर दिया और कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी। अब इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। सीएमओ ने पांच दिन में जांच करने के आदेश दिए हैं।

—बालोतरा खंड से जुड़ा है मामला
—पांच दिन में फिर से जांच करने के आदेश
—दो कर्मचारियों को गलत भुगतान का मामला
—पहले जांच में दोषी पाया गया कर्मचारियों को
—लेकिन मुख्य अभियंता आईडी खान ने जांच रोक लगाई
—फिर अपनी पसंद से बनाई 3 सदस्यीय नई कमेटी
—खान की कमेटी ने कर्मचारियों को दी क्लीन चिट
—अब CMO तक पहुंचा फर्जी भुगतान का मामला
—मुख्य अभियंता आईडी खान पर उठे सवाल

अब चलते हैं बालोतरा से राजस्थान के दूसरे छोर पर। जी हां झुंझुनू जिले का खेतड़ी कस्बा। यहां तो मामला ही पूरा गोलमाल बताया जा रहा है। मामला मैसर्स शेख कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़ा है, शिकायत जयपुर तक आ चुकी है। आरोप है कि इस कंपनी को आठ इंच के ट्यूबवेल खोदने का काम मिला था। लेकिन बिना सक्षम स्वीकृति के 11 करोड़ रुपए का भुगतान उठा लिया गया। कई गांवों में अन्य ठेकेदारों ने पथरीले धरातल में नलकूप खोदने का काम 680 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से किया, लेकिन इस कंपनी ने 1780 रुपए के हिसाब से भुगतान उठाया। मामला यहां तक ही नहीं है। शिकायत तो यह भी हुई है कि 170 ऐसे नलकूप का करीब सात करोड़ रुपए भुगतान उठा लिया गया,  जो वास्तव में खोदे ही नहीं गए। यह पूरा मामला अब मुख्य अभियंता प्रशासन व वित्तीय सलाहकार को भेजा गया है, लेकिन यह देखना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होकर दूध का दूध व पानी का पानी होता है या नहीं।

—खेतड़ी में 8 इंच के ट्यूबवेल खोदने का मामला
—एक ठेकेदार को मिला था 2 करोड़ रुपए का काम
—लेकिन उसने उठा लिया 11 करोड़ का भुगतान
—7 करोड़ का भुगतान ड्राई ट्यूबवेल के नाम पर उठाया
—170 ट्यूबवेल के फर्जी भुगतान का भी आरोप
—बिना खोदे ही हो गया 170 ट्यूबवेल का भुगतान
—मैसर्स शेख कंस्ट्रक्शन कंपनी पर लगे गंभीर आरोप
—अब सतर्कता शाखा से होगी मामले की पूरी जांच

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