राज्यसभा चुनाव खरीद फरोख्त प्रकरण पर लेटेस्ट अपडेट! SOG ने दो मोबाइल नंबरों की जांच के बाद दर्ज किया मुकदमा

जयपुर: राज्यसभा चुनाव खरीद फरोख्त प्रकरण पर लेटेस्ट अपडेट सामने आया है. इस मामले पर शुक्रवार को SOG ने FIR दर्ज की है. सूत्रों के मुताबिक दो मोबाइल नंबरों की जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है. ये दो लोगों के नंबर बताएं जा रहे है, जो अजमेर और उदयपुर के निवासी बताए जा रहे है. 

एक महिला विधायक और एक पूर्व मंत्री-मौजूदा विधायक को फोन:
सूत्रों के मुताबिक इन दोनों व्यक्तियों ने एक महिला विधायक और एक पूर्व मंत्री-मौजूदा विधायक को फोन फोन किया था. इन दोनों विधायकों से तालमेल बैठाने की बात की और बाद में फोन करने वाले लोगों ने अपने "बॉस" को रिपोर्ट दी है. कहा कि पूर्व मंत्री और एक महिला विधायक राजी हो गए हैं. हालांकि अभी तक SOG ने किसी के नाम उजागर नहीं किए है. अलबत्ता दोनों विधायक आदिवासी क्षेत्र से आते हैं. फिलहाल एसओजी पूरे मामले की जांच कर ही है.

BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी: 
गौरतलब है कि महेश जोशी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पुलिस महानिदेशक, एसीबी से एक आधिकारिक शिकायत की थी और उन बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी, जो धनबल के जरिए निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहे थे. 

राजस्थान में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश:
महेश जोशी ने डीजी कि एसीबी को संबोधित अपने पत्र में कहा था, 'हमें अपने विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि मध्यप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक की तर्ज पर बीजेपी, कांग्रेस के विधायकों के साथ ही हमारी सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों को लालच देकर राजस्थान में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है.

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सीएम गहलोत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आरोप: 
वहीं इससे पहले आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भाजपा विधायक अशोक लाहोटी, सुभाष पूनिया, रामलाल शर्मा और निर्मल कुमावत ने विशेषाधिकार हनन का आरोप लगाया है. विधायकों ने इसको लेकर विधानसभा सचिव को पत्र सौंपा है. इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के भी हस्ताक्षर है. आरोप में मुख्यमंत्री के 35 करोड़ वाले बयान को कोट किया गया है. इस बारे में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कटारिया के कक्ष में एक बड़ी बैठक भी हुई है. 

सतीश पूनिया पर भी विशेषाधिकार हनन आरोप:
निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने भी बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया. लोढ़ा ने शिकायत में कहा है कि, सतीश पूनिया ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान 23 विधायकों को वोट के बदले खान, रिको प्लॉट देने और कैश ट्रांजैक्शन से लाभान्वित किया गया है. 

21 जून को विधानसभा में दी थी शिकायत:
दरअसल, कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय संयम लोढ़ा ने पूनिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की शिकायत 21 जून को विधानसभा में दी थी. विधानसभा सचिवालय ने अध्यक्ष के समक्ष फाइल पुटअप किया था. ऐसे में अब दोनों ही मामलों में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को फैसला करना है. 

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