जानें पायलट ने कैसे भरी राजनीतिक करियर की 'उड़ान'

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/14 05:12

जयपुर। तमाम कशमकश के बाद कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान के नए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राजस्थान के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट होंगे। बात करें अशोक गहलोत की तो गहलोत कांग्रेस के कद्दावर नेता  वे राजस्थान में पहले दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं सचिन पायलट भी राजनितिक पृष्टभूमि से हैं। 

सात सितंबर 1977 को जन्में सचिन पायलट कांग्रेस के कद्दावर नेता स्वर्गीय राजेश पायलट के बेटे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सचिन पायलट को राजस्थान की बागडोर सौंपी थी और उसी का नतीजा है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद हर कोई जीत का श्रेय युवा नेता सचिन पायलट को दे रहे हैं। सचिन पायलट ने राजस्थान की बागडोर अपने हाथ में आने के बाद राज्य की चुनौतियों पर अपना ध्यान लगाया और जमीनी स्तर पर पार्टी को सींच कर उसकी जीत सुनश्चित की।

पायलट की शिक्षा 

पायलट ने दिल्ली के एयर फॉर्स बाल भारती स्कूल से अपनी शिक्षा प्राप्त की है। सचिन पायलट ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद गुडगांव की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में तीन साल काम किया। इनके पास एमबीए की डिग्री है जो कि इन्होंने पेंसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल से हासिल की है। इसके अलावा इनके पास मार्केटिंग में डिप्लोमा भी है। सचिन पायलट ने बीबीसी के दिल्ली ब्यूरो में और फिर जनरल मोटर्स कॉरपोरेशन में काम किया। सचिन पायलट ने विमान उड़ाने के लिए पायलट' का अपना निजी लाइसेंस 1995 में अमेरिका से हासिल किया था।

सचिन पायलट का राजनीतिक करियर

सचिन ने शादी से पहले पॉलिटिक्स में कदम रखने के बारे में कभी नहीं सोचा था। लेकिन पिता राजेश पायलट की मौत के बाद उन्हें राजनीति में उतरना पड़ा। सचिन पायलट साल 2004 में अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र दौसा से 26 वर्ष की आयु में सांसद चुने गए, इसके साथ ही सचिन पायलट संसद के सबसे युवा सदस्य बने थे। सचिन पायलट दूसरी बार 2009 में अजमेर सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। दो बार सांसद रहे सचिन पायलट ने अपना पहला विधानसभा चुनाव दिसंबर में टोंक सीट से लड़ा और जीत हासिल की।

सचिन पायलट संप्रग सरकार में मंत्री और विभिन्न संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं। सचिन पायलट केंद्र सरकार के गृह विभाग के स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य एवं नागरिक उड़्डयन मंत्रालय के सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। सचिन पायलट को 2008 में विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) ने यंग ग्लोबल लीडरों में भी चुना था।

—नागरिक उड्डयन मंत्रालय में परामर्श समिति का सदस्य-साल 2006
—संचार और आईटी राज्य मंत्री-साल 2009
—कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री-साल 2012
—गृह मामलों पर लोकसभा की स्थायी समिति के सदस्य-साल 2014
—राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष-साल 2014

राजस्थान में 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त (भाजपा की 163 सीटों के मुकाबले महज 21 सीट) के बाद राहुल गांधी ने राज्य की बागडोर सचिन को सौंपी थी। 
 

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