जानें सीएम के गृह जिले झालावाड़ के सियासी समीकरण

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/10/15 11:01

झालावाड़(आरिफ मंसूरी)। झालावाड़ जिले में 4 विधानसभा क्षेत्र है - झालरापाटन, खानपुर, डग, मनोहरथाना। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 9 लाख 88 हजार 49 है। जिनमें पुरुषों की संख्या 5 लाख 4 हजार 796 है और महिला मतदाता की संख्या 4 लाख 38 हजार 253 है। 

सबसे पहले बात करते है झालरापाटन विधानसभा की। जहां कुल मतदाता 2 लाख 73 हजार 404 मतदाता है जिनमें... 

--पुरुष मतदाता -- 1 लाख 39 हजार 477 पुरुष
--महिला मतदाता -- 1 लाख 33 हजार 927 महिला मतदाता है। 

झालरापाटन विधानसभा के जातिगत आंकड़े
--मुस्लिम मतदाता 45000 है 
--दागी मतदाता 30000
--पाटीदार मतदाता  21000 
--ब्राह्मण मतदाता28000
--वैश्य महाजन जैन 18000
--सोंधिया 18000
--गुर्जर समाज 17000
--तेली राठौर समाज 15000
--राजपूत समाज 14000
--एससी समाज 20000
--धाकड़ समाज 20000
--एसटी 5000

यही जातिगत आंकड़े है को सत्ता तक पहुचने में मदद करते है। मुस्लिम कांग्रेस का वोट बैंक है लेकिन पिछली बार बीजेपी ने सेंध मारी कर दी और मुस्लिम ने बीजेपी को वोट किया। झालरापाटन से सीएम लड़ रहा है इसके लिए लोग सीएम को वोट करते है क्योंकि जानते है कि यहां जो विकास होगा खुद सीएम करवाएंगे उसके अलावा कोई नहीं। 

झालावाड का इतिहास
झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र पहले झालावाड़ नगर के रूप में जाना जाता था। झालावाड नगर की स्थापना 1791 में कोटा राज्य के प्रबंधक झाला जालिम सिह ने करवाई। झालावाड़ नगर में कुछ ऐसी चीजें हैं जो देश में कहीं नहीं है। झालरापाटन देश की पहली नगर पालिका है। झालावाड़ का म्यूजियम जहां नवग्रह चामुंडा अर्ध नागेश्वर की मूर्ति जो सात समंदर के बाहर भी अपनी खुबिया बटोर रही है। झालावाड़ का गागरोन किला जो बिना नीव का बना है। जो देश मे ही नहीं विदेशों में अपनी चमक के लिए मशहूर है। भवानी नाट्यशाला और झालरापाटन का सूर्य मंदिर भी देश में अलग पहचान रखते हैं।  

झालरापाटन विधानसभा
--1993 विधान सभा चुनाव 
--अंनग कुमार जैन 37113 वोटों से बीजेपी जीत
--कांग्रेस के सुजानसिंह गुर्जर 33916 हारे 

1998 में विधान सभा 
--मोहनलाल राठौर 37212 जीत कांग्रेस 
--अंनग कुमार बीजेपी 33898 हार

2003 विधानसभा 
--वसुंधरा राजे बीजेपी 72760 जीत 
--कांग्रेस रमा पायलेट 45385 हार

2008 विधानसभा
--वसुंधरा राजे बीजेपी 81593 जीत
--कांग्रेस मोहनलाल राठौर 49012 कांग्रेस हार

2013 विधानसभा
--वसुंधरा राजे बीजेपी 114384 जीत
--मीनाक्षी चन्द्रावत कांग्रेस 58709 हार 

1993 विधानसभा
--1993 में पिड़ावा विधानसभा भी थी जो 1998 में तक रही इसके बाद परिसीमन में खत्म हो गई और झालरापाटन विधान सभा ओर डग से चली गई 
--1993 में कनैया लाल पाटीदार बीजेपी 47912 जीत 
--नफीस अहमद कांग्रेस 21004 हार 

1998 में 
--मानसिह कांग्रेस 33898 जीत 
--कनैयालाल पाटीदार बीजेपी 23166 हार 

इस तरह झालावाड जिले के समीकरण है, पिछले 5 विधानसभा चुनाव के आकलन किया जाए तो अभी तक बीजेपी 12 सीटों पर व कांग्रेस 5 सीटों पर जीती है। 2013 के चुनाव में विधानसभा ने चारों सीट पर कब्जा किया है। इस बार बीजेपी अपनी सीटे बचाने में लगी है तो वही कांग्रेस भी दमखम लगा रही है कि किसी तरह कुछ सीट उन्हें मिल जाये। पिछली बार मोदी लहर थी अबकी बार यह लहर नही है इस बार युवा मतदाता की संख्या भी बड़ी है। ऐसे में कई समीकरण बनेगे। 

बात करें विकास कार्यो की तो खुद सीएम वसुंधरा राजे का जिला है। लगभग 20 हजार करोड़ के विकास कार्य हुए है। सड़क बिजली शिक्षा स्वास्थ में स्थिति बेहतर हुई है। जिले में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियर कॉलेज, वानिकी विद्यालय, पुलिस टेनिंग सेंटर, SRJ अस्पताल, केसर अस्पताल डायलिसिस यूनिट, जिले में सभी विधानसभा पर कॉलेज जहां आधुनिक सुविधाएं लोगों को मिल रही है। 

--2 इकाइयां 600 - 600 मेगावाट की थर्मल पावर 
--बल्ल्प पित्ती ग्रुप कारखाना 
--सभी डेम फोरलेन सिक्स लेन 
--यही नहीं कोलाना हवाई पट्टी का निर्माण साथ ही एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस सेंटर की तैयारी 
--मुकन्दरा टाइगर रिजर्व सेन्टर गागरोन में इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
--गाव गाव गौरव पथ जैसी मूलभूत सुविधाएं झालावाड जिले को मिली है। 

कमियां 

कुछ कमियां भी है  जैसे  कोई उधोग धंधा नहीं खुल पाया। जिससे बड़ा रोजगार के साधन उपलब्ध हो सके। स्थानीय युवकों को रोजगार की कमी है। 
यहां धनिया और सन्तरा उत्पादन बहुत है। इसके लिए कोई ठोस कार्य योजना बनाने की जरूरत है। ट्रेन का झालावाड से भोपाल तक जल्द से जल्द विस्तार हो, जिससे आवागमन में राह आसान होगी। 

किसानों की फसलों की मार का मुवावजा नहीं मिला, अपराधों में बढ़ोतरी, डीजल पेट्रोल गैस नोटबन्दी ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। किसानों को उचित मुवावजे की दरकार है। साथ ही बड़े उधोग धंधे की दरकार, जिससे युवाओ को रोजगार मिल सके। 


कोटा संभाग हमेशा से बीजेपी का गढ़ रहा है और अधिकतर बीजेपी का यहां दबदबा कायम रहता है। राजस्थान विधानसभा चुनाव निकट है जिले में गत 5 विधानसभा बारे में जाने तो आंकड़ा बड़ा ही रोचक रहा।  कौन जीता कौन हारा इसका सटीक विश्लेषण इस खबर में हम करने जा रहे है। झालावाड़ (झालरापाटन) ने दो बार प्रदेश को मुख्यमंत्री दिया। 

झालरापाटन विधान सभा की बात करे तो इस तरह झालावाड जिले के समीकरण है। पिछले 5 विधानसभा चुनाव के आकलन किया जाए तो अभी तक बीजेपी 12 सीटों पर व कांग्रेस 5 सीटों पर जीती है। 2013 के चुनाव में बीजेपी ने चारों सीट पर कब्जा किया है। इस बार बीजेपी अपनी सीटे बचाने में लगी है तो वही कांग्रेस भी दमखम लगा रही है कि किसी तरह कुछ सीट उन्हें मिल जाये। पिछली बार मोदी लहर थी अबकी बार यह लहर नही है तो इस बार युवा मतदाता की संख्या भी बड़ी है ऐसे में कई समीकरण बनेगे। 

लोगों की नाराजगी

किसान परेशान, फसलो का उचित मुवावजा नही मिला, अफीम के पत्ते नही मिले, फसलो का बीमा नही मिला, लहसुन का खराबा बहुत हुआ, किसानों ने जान दी लेकिन कोई फर्क नहीं। अधिकारियों को मौज किसी की कोई सुनवाई नहीं यह मुद्दे होंगे चुनाव में। 

पलड़ा किस का भारी है यह कहना अभी जरा जल्दी होगी। लेकिन 4 सीटों में 1खुद सीएम झालरापाटन की सीट जीत के रूप में देख सकते है। बाकी 3 सीटों ओर मुकाबला कड़ा होने के आसार है। बगावत दोनो दलों को महंगी पड़ेगी टिकट के बाद ही तय हो पायेगा। 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

कोलकाता में मेल है...पीएम पद पर खेल हैं !

इंदिरा गांधी जीवित होतीं तो मैं कांग्रेस में होता : शत्रुघ्न सिन्हा
पश्चिम बंगाल में एक MLA वाली बीजेपी पार्टी ने सभी की नींद हराम कर दी हैं:PM Modi
ममता का मेगा शो विपक्ष को टॉनिक
गणतंत्र दिवस की कार्यक्रम की तैयारियां पूरी,सैन्य ताकत का किया जायेगा प्रदर्शन
मौसम का मिजाज फिर बदलेगा 21 को मावठ की संभावना
बीकानेर : ट्रेलर से टकराई कार, 4 लोगों की मौत
2025 में RSS बनाएगा राम मंदिर !
loading...
">
loading...