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नई आबकारी नीति के विरोध में उतरे शराब ठेकेदार, मुख्यमंत्री के नाम आबकारी अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

नई आबकारी नीति के विरोध में उतरे शराब ठेकेदार, मुख्यमंत्री के नाम आबकारी अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

जैसलमेर: सरकार ने नई आबकारी नीति घोषित करने के साथ ही शराब की दुकानों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए है. लेकिन अब इस नीति का विरोध और आवेदनों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है. जैसलमेर में शराब ठेकेदारों ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आबकारी अधिकारियों को ज्ञापन दिया. जिसमें कहा गया है कि नई आबकारी नीति शराब ठेकेदारों के खिलाफ है. जिसे स्थगित कर पुरानी नीति या फिर नई नीति में परिवर्तन करना चाहिए. 

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दुकानों की संख्या व बेसिक लाइसेंस फीस बहुत ज्यादा: 
शराब ठेकेदारों ने बताया कि अंग्रेजी शराब की दुकानों की संख्या व बेसिक लाइसेंस फीस बहुत ज्यादा है, जबकि आबकारी नीति के दिशा निर्देश अनुसार पास में स्थित बाड़मेर जिले से भी सात लाख ज्यादा है. जैसलमेर जिले में जनसंख्या अन्य जिलों की अपेक्षा से कम है फिर भी शहर में अंग्रेजी दुकानों की संख्या 12 है जबकि हिसाब से 8 दुकानें होनी चाहिए और गत वर्ष इस बार बेसिक लाइसेंस फीस साढ़े तीन लाख ज्यादा कर दी गई है.

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मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन:
जैसलमेर शहर में टूरिज्म सीजन विशेष समय का होता है फिर भी यहां की फीस अन्य से आबकारी नीति के अनुसार 7 से 9 लाख ज्यादा है. वही शराब ठेकेदारों ने इस वर्ष देसी मदिरा समूह में वार्षिक राशि के साथ लाइसेंस फीस नहीं है जो कि वर्ष 2020 और 21 में लागू की गई है. जिससे जैसलमेर जिले की बड़ी हुई वार्षिक राशि बेसिक लाइसेंस फीस के रूप में अतिरिक्त भार जैसलमेर जिले के दुकानदारों को चुकाने होंगे यह एक सोचनीय बिंदु है. ऐसे ही करीब 18 बिंदुओं पर मुख्यमंत्री के नाम आबकारी विभाग अधिकारी को ज्ञापन सौंपा तथा न्याय दिलाने की मांग की. 

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स्वर्णनगरी के पीले पत्थर को विश्वस्तर पर मिलेगी पहचान !

स्वर्णनगरी के पीले पत्थर को विश्वस्तर पर मिलेगी पहचान !

जैसलमेर: देश के पश्चिमी छोर पर बसा सरहदी जिला जैसलमेर जो अपने विशाल रेगिस्तान और अपनी विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के चलते काले पानी के रूप में जाना जाता था. लेकिन समय और परिस्थितयों के बदलने के साथ साथ जैसलमेर ने अपनी पुरानी पहचान के इतर नई पहचान गढ़ना आरम्भ कर दिया जिसमें पर्यटन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के रूप में जिला विकास की रफ्तार के साथ कदमताल करने लगा है. वैसे तो देश दुनिया से सोने के समान चमकने वाली स्वर्णनगरी को देखने हर साल लाखों की संख्या में लोग आते हैं. इस पीले पत्थर को देख आश्चर्यचकित हो जाते हैं जिसको वह कभी भूल नहीं पाते है लेकिन अब इस पत्थर को और चार चाँद लगने वाले हैं.  

विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू हो गए:  
जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू हो गए हैं. जैसलमेर से राज्य सरकार को पत्र लिखकर पीले पत्थर के राष्ट्रीय प्रचार की मांग की है. इसके अलावा, कई भूविज्ञानी पत्थर पर शोध कर रहे हैं और इसे यूनेस्को विरासत संसाधन के रूप में मान्यता प्राप्त करने के प्रयास कर रहे हैं. जैसलमेर में पाया जाने वाला अजीबो गरीब पीला पत्थर अपनी कला, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है. पत्थर पूरी दुनिया में केवल जैसलमेर में उपलब्ध है और इसका उपयोग सोनार किले और कई अन्य ऐतिहासिक स्मारकों में किया गया है. यह पीला पत्थर 160 मिलियन साल पुरानी समुद्री चट्टान से संबंधित है. फोरमर प्रिंसीपल आफ महाराजा कॉलेज व फोर्मर प्रोफेसर यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के प्रसिद्ध ज्योलोजिस्ट डॉ एम.के.पण्डित की टीम द्वारा किये गए इस संबंध में शोध के यूनियन ऑफ ज्योलोजिकल साईंस की जनरल में इसे प्रमाणित मंजूरी मिलने के बाद यह शोध आने वाले दिनो में जीयोहेरीटेज जनरल में प्रकाशित हो गया है. साईंस जनरल के लेटेस्ट अंक में द्वारा इसे आगामी अंक में प्रकाशन के बाद अब इस यूनिस्को के ग्लोबल हेरीटेल रिर्सोसेज में शामिल करने की प्रकिया शुरु कर दी गई हैं. ग्लोबल हेरीटेज की श्रेणी में शामिल होने के बाद यह पत्थर भारत का दूसरा पत्थर होगा जिसे यह सम्मान हासिल होगा. इससे पहले वर्ष 2019 में मकराना के सफेद संगमर्मर के पत्थर को इन्ही वैज्ञानिकों की टीम के सहयोग से ग्लोबल हेरीटेज का दर्जा मिला था व ग्लोबल हेरीटेज रिर्सोसेज में शामिल किया गया था. 

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इसकी कलात्मकता पूरे देश विदेश में प्रसिद्ध:
जैसलमेर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बातचीत में बताया कि पूरे विश्व में एकमात्र जैसलमेर में पाए जाने वाला पीला पत्थर व इसकी कलात्मकता पूरे देश विदेश में प्रसिद्ध हैं इस पत्थर की खूबसूरती व सचमुच बेमिसाल हैं तथा  इस पत्थर पर की जा रही कारविंग को देखकर जैसलमेर में आने वाले देश विदेश के सैलानी दीवाने हो जाते हैं व खासकर हार्ड पत्थर पर बनी हुई खूबसूरत मूर्ति कला को देखकर कायल हो जाते हैं. यहां पीले पत्थर से बना हुवा सोनार किला भी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इसकी अद्भुत छट्टा दूर से देखने को बनती है. उन्होंने बताया कि यह हर्ष की बात हैं कि इस जैसलमेर के इस पीले पत्थर को विश्वस्तरीय आईडेन्टीफिकेशन मिलने के लिये कंसीडर किया जा रहा हैं, हमनें भी इसके नेशनल प्रमोशन के लिये प्रयास किये हैं जैसलमेर के उद्योग विभाग के जी.एम. ने इस विश्व स्तरीय पत्थर के प्रचार प्रसार व नेशनल प्रमोशन के लिये राज्य सरकार को एक पत्र लिखा हैं और विश्व स्तर की आईडेन्टीफिकेशन मिलने के बाद राज्य सरकार के स्तर पर भी इसको और प्रमोट करने के लिये क्या क्या कदम उठाए जाएंगे इस संबंध में भी विचार विमर्श कर रहे हैं. 

बॉर्डर पर घुसपैठ और मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

बॉर्डर पर घुसपैठ और मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

जैसलमेर: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के बॉर्डर पर घुसपैठ, जासूसी और मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर चिंता जताते हुए जैसलमेर के सीमावर्ती गांवों में संचार, परिवहन और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र व राज्य की सरकार को उसके समाधान के निर्देश दिए है. 

बीएसएफ एवं गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए:  
गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग ने सामाजिक संगठन सीमाजन कल्याण समिति की जिला शाखा को पिछले दिनों भेजे गए मांग प्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अवगत कराया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा क्षेत्रों में प्रायोजित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर सीमा सुरक्षा बल एवं गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए है. 

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डबल रोड के निर्माण में आ रही समस्या का समाधान के निर्देश: 
सीमाजन कल्याण समिति के जिला मंत्री शरद व्यास ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने समिति द्वारा भेजे गए मांग पत्र के आधार पर ही भारत माला परियोजना के तहत स्वीकृत जैसलमेर से म्याजलार तक सिंगल रोड़ के स्थान पर डबल रोड के निर्माण में आ रही डीएनपी की आपत्ति के संबंध में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को इस संबंध में अतिशीघ्र समस्या का समाधान के निर्देश दिए है ताकि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण शुरू हो सकें.

सीआईडी बीआई की बंद चौकियों को पुनः खोलने का आग्रह:
उन्होंने बताया कि पश्चिमी सीमा पर सीआईडी बीआई की बंद चौकियों को पुनः खोलने, सीमा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए कृषि आधारित उद्योग व बिक्री केंद्र खुलवाने और पाकिस्तान से आए विस्थापितों को नागरिकता प्रदान करने के लिए भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को इस संबंध में समुचित कार्रवाई का आग्रह किया है. 
 

जैसलमेर: हाईटेंशन लाइन के करंट से मादा गोडावण की मौत, तीन साल में 6 मर चुके

जैसलमेर: हाईटेंशन लाइन के करंट से मादा गोडावण की मौत, तीन साल में 6 मर चुके

जैसलमेर: राज्य पक्षी गोडावण पर बिजली की तारों का खतरा लगातार मंडरा रहा है. देगराय ओरण में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक मादा गोडावण की मौत हो गई. विभाग को घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और गोडावण के शव को अपने कब्जे में ले लिया. मौके पर कई वनयजीव प्रेमी पहुंचे इस घटना पर रोष जताया. 

गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका: 
गौरतलब है कि लगातार कम हो रही गोडावण की संख्या के बीच इस तरह की घटनाएं गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका है. जिस जगह यह घटना हुई है वह डीएनपी क्षेत्र नहीं है. इस जगह से करीब 10 किमी दूर रासला में क्लोजर बना हुआ है जहां कई बार गोडावण देखे जा चुके हैं. इस बीच अब खतरा और भी मंडराने लगा है. आसपास के इलाके में हाईटेंशन तारों का जंजाल है और वर्तमान में चारों तरफ हरियाली होने से गोडावण के यहां आने की संभावना बनी रहती है. तारों की चपेट में आने से गोडावण जैसे लुप्त प्राय पक्षी की मौत ने गोडावण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. पिछले कई चार दशकों से गोडावण संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चल रही है और इस बीच गोडावणों की अकाल मौत विशेषज्ञों को चिंतित कर देने वाली साबित हो रही है. 2017 से लेकर अब तक 6 गोडावण तारों की चपेट में आ चुके हैं. जहां एक तरफ लगातार गोडावण की संख्या कम हो रही है वहीं इस बीच इस तरह से गोडावण के काल का ग्रास बनना और भी परेशान कर देने वाला है. 

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जिम्मेदारों की लापरवाही से घटनाएं बढ़ती जा रही:
जानकारी के अनुसार तारों की चपेट में आने से गोडावण के मौत के मामले बढ़ने के बाद से यह चर्चा चल रही है कि या तो हाईटेंशन तारों को अंडरग्राउंड किया जाए या फिर बर्ड डायवर्टर लगाए जाए. लेकिन तीन चार सालों में जिम्मेदार किसी एक पर सहमत नहीं हो पाए हैं.  इस तरह की घटनाएं लगातार होती जा रही है. आखिरकार हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि अंडरग्राउंड केबलिंग करना आसान नहीं होगा और साथ ही यह प्रोजेक्ट काफी महंगा साबित होगा. इतनी घटनाएं होने के बावजूद बर्ड डायवर्टर नहीं लगाए गए हैं और एक और गोडावण की मौत हो गई. जिम्मेदारों की लापरवाही से घटनाएं बढ़ती जा रही है. जानकारों के अनुसार समय रहते सभी हाईटेंशन लाइनों पर बर्ड डायवर्टर लगा दिए जाते तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था. 

जैसलमेर: कोरोना के योद्धा टैक्सी ड्राइवर, रोजाना पहुंचा रहा बाड़मेर कोविड सैम्पल

जैसलमेर: कोरोना के योद्धा टैक्सी ड्राइवर, रोजाना पहुंचा रहा बाड़मेर कोविड सैम्पल

जैसलमेर: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को चपेट में ले रखा है. दुनिया भर में इस वायरस से संक्रमित होने वालों और जान गंवाने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. भारत समेत तमाम देशों में लोग लॉकडाउन के दौरान घरों में सुरक्षित हैं. वहीं कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे हैं. कुछ ने तो अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए इस युद्ध में जान तक न्योछावर कर दी है. कुछ ऐसे लोग है जिनको इस कोरोना काल में सेवा करने का जज्बा है. उन्ही में से एक जैसलमेर एक टैक्सी ड्राइवर रोहिताश जिन्होंने अब कोरोना के 40 हजार से अधिक सैम्पल बाड़मेर पहुंचाए है ताकि कोरोना ली जांच समय पर हो सके.

सैम्पल एकत्रित करके जांच केंद्र तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी:  
आपको बता दें कि जैसलमेर में कोरोना की जांच नहीं नहीं होती है. जिस कारण जैसलमेर के चिकित्सा केन्द्रों में कोरोना की जांच की जाती है. जिस तरीके से चिकित्सा विभाग की टीम दिन रात कोरोना के बिना संक्रमण के भय के कोरोना सैम्पल ले रहे हैं उसमे से एक सैम्पल को एकत्रित करके जांच केंद्र तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी होती है.  जैसलमेर के रोहिताश जैसलमेर के मेडिकल टीम के साथ इस कोरोना काल में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं. 

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करीब छ महीने से रोहिताश सैम्पल क्लेक्ट कर रहे:
जहां कोरोना से लोग भयभीत है वहीं रोहितास को जब पूछा गया की कोरोना के सैम्पल ले जाने है तो उन्होंने एक सैकंड में हां भर दी वहीं करीब छ महीने से जैसलमेर के तमाम केन्द्रों से रोहिताश सैम्पल क्लेक्ट करते है बिना भय के साथ रोज बाड़मेर के लिए कोरोना के सैम्पल ले जाते है. लेकिन बिना भय के साथ वो दिन रात सेवा करने में जुटे हैं.

परीक्षण के दौरान तोप का बैरल फटने से तीन लोग घायल, पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ हादसा

परीक्षण के दौरान तोप का बैरल फटने से तीन लोग घायल, पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ हादसा

जैसलमेर: जिले के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में मेक इन इंडिया के तहत डी.आर.डी.ओ व सेना के विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों की देखरेख में इन दिनों 2 अलग-अलग निजी भारतीय कंपनियों द्वारा देश में बनाई गई 155 एम.एम की 52 केलीबर की होवितीजर टाऊड गन के चल रहे अन्तिम यूजर ट्रायल के दौरान इनमे से एक कंपनी की गन में फायरिंग के दौरान बैरल फटने से वहां कार्यकरत चार सिविलयन नागरिक घायल हो गए जिन्हें वायुसेना के आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया. डी.आर.डी.ओ ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही हैं. 

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक वर्तमान मे चीन व पाकिस्तान से मिल रही चुनौतियों के मुद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत स्वदेशी हथियार व स्वदेशी गोला बारुद हथियरों के तेजी लाये जाने के संदर्भ में जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में पिछले 3-4 दिनो से डी.आर.डी.ओ व सेना की मौजूदगी में 2 भारतीय कंपनियों द्वारा देश में निर्माण की गई 155 एम.एम की 52 केलीबर होवतीजर टाउड गन के अन्तिम यूजर ट्रायर पिछले 3-4 दिनो से जैसलमेर की पोकरण फायरिंग रेंज में चल रहे हैं, इन दोनों गनों को विभिन्न पेरामीटर पर जांचा परखा जा रहा हैं तथा टार्गेट पर इन गनों द्वारा अचूक निशाने साधे जा रहे हैं.

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सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के दौरान एक निजी कंपनी की गन से फायरिंग के दौरान अचानक बैरल में विस्फोट के बाद उसमें ब्लास्ट हो गया तथा उसके कुछ टुकड़े वहां पास खड़े कुछ सिविलियन व्यक्तियों जो इस ट्रायल से जुड़े हुवें थे इनमें से 4 व्यक्तियों को हल्की चोटे आने की जानकारी मिली हैं, उन्हें वायुसेना के अस्पताल लाकर उपचार करवाया गया हैं. मामले की जांच की जा रही हैं. इसके ट्रायल सफल रहने के बाद सेना की आवश्यकताओं को यह गन कई मायने में पूरा करेगी. 

जैसलमेर में भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत, 6 लोग घायल 

जैसलमेर में भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत, 6 लोग घायल 

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के सांगड थाना क्षेत्र के देवीकोट गांव के केर फकीरी ढाणी के पास भीषण सड़क हादसे में 3 लोगो की दर्दनाक मौत हो गई, कुल छह लोग घायल हो गए. जानकारी के अनुसार गुजरात से जैसलमेर आ रहे सैलानियों की गाडी टैक्टर की ट्रॉली से जा भिड़ी जिससे भीषण सड़क हादसे में मोके पर तीन लोगों की मौत हो गई.

घायलों को किया जैसलमेर रैफर:
बताया जा रहा है गुजराती रामदेवरा दर्शन करने आए हुए थे जैसलमेर आ रहे थे. अलसुबह का समय होने के चलते गाडी टैक्टर की ट्रॉली में जा भिड़ी जिसमें गाडी में सवार 2 लोगो की मौत हो गई वही एक ट्रैक्टर में किसान मजदुर की मौत हो गई. घायलों में 4 गुजराती सैलानी व 2 बाड़मेर के किसान है जो अपने खेती के कार्य के लिए मुरब्बे जा रहे थे. जिनका देवीकोट अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जैसलमेर के राजकीय अस्पताल में रैफर किया गया.

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कोतवाली पुलिस पहुंची मौके पर:
जहां उनका उपचार जारी है. पुलिस के जानकारी के अनुसार गुजरात के अमरावाणी से जिगर भाई पटेल, रमेश भाई की मौत हो गई. वही एक बाड़मेर के निवासी की मौत हो गई मृतकों के शव को जैसलमेर के मोर्चरी में रखवाया गया है. उनके परिजनों को बाड़मेर और गुजरात में सूचित कर दिया है. घटना की जानकारी मिलते ही सांगड पुलिस और कोतवाली पुलिस मोके पर पहुंची मामले की जांच में जुट गई है.

मोहनगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : एक क्विंटल 10 किलो डोडा व 400 ग्राम अवैध अफीम दूध के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

मोहनगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : एक क्विंटल 10 किलो डोडा व 400 ग्राम अवैध अफीम दूध के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

जैसलमेर: जिले के मोहनगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 110 किलो अवैध डोडा पोस्त व 400 ग्राम अवैध अफीम का दूध जब्त करने के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. एसपी डॉ अजयसिंह के आदेशानुसार एएसपी राकेश बैरवा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत मोहनगढ़ थानाधिकारी मय टीम ने कार्रवाई की.

हनुमान से 1 क्विंटल 10 किलो डोडा व मानाराम से 400 ग्राम अफीम का दूध बरामद:  
हनुमान पुत्र बिरधाराम निवासी माडपुरा नागाणा बाड़मेर हाल 1 तुली जवाहर नगर मोहनगढ़ व मानाराम पुत्र राणाराम विश्नोई निवासी सोढ़ादडा बाप जोधपुर को गिरफ्तार किया. हनुमान से 1 क्विंटल 10 किलो डोडा व मानाराम से 400 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया. मोहनगढ़ थानाधिकारी माणकराम विश्नोई टीम ने मुकदमे में वांछित अपराधी की तलाश में सुथारमण्डी के पास तुली नहर के पास एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो पुलिस को देखकर भागने लगी. जिस पर पीछा करने पर हनुमान गाड़ी छोड़कर भागने लगा तो उसे पकड़ लिया.

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मुखबीर से मिली सूचना पर पुलिस ने दी दबिश:
इससे पहले हनुमान ने पुलिस से दूरी होने पर उसे चक 1 एसबीएस में श्रवणराम के मुरबे में डोडा पोस्त एक कट्‌टे में शिफ्ट कर दिए. पुलिस को देखकर अभियुक्त श्रवणराम प्रजापत व नारणाराम स्कार्पियों लेकर तथा सत्ताराम डोडा पोस्त के कट्‌टे को ट्रेक्टर ट्रॉली में रखकर भागने लगे. पुलिस ने सत्ताराम पुत्र राजूराम निवासी डाबलीपुरा चवा के कब्जे से 5 कट्‌टों में 110 किलो अवैध डोडा पोस्ट बरामद किए गए. वहीं थानाधिकारी पुलिस थाना मोहनगढ़ माणकराम विश्नाई को मुखबीर से मिली सूचना पर चक 3 बीडी 6 आरडी में एक खेत में दबिश देकर मानाराम पुत्र राणाराम विश्नोई निवासी सोढादडा बाप जिला जोधपुर के कब्जे से उसकी रहवासी ढाणी से 400 ग्राम अफीम का दूध जब्त किया. 

सेना के वाहन और बोलेरो कैम्‍पर में हुई भीषण भिड़ंत, बाड़मेर के पांच लोगों की दर्दनाक मौत

सेना के वाहन और बोलेरो कैम्‍पर में हुई भीषण भिड़ंत, बाड़मेर के पांच लोगों की दर्दनाक मौत

जैसलमेर: जिले के मोहनगढ़ थानांतर्गत नहरी क्षेत्र सुल्ताना के पास बुधवार को सेना के ट्रक और बोलेरों वाहन के बीच हुई भीषण भिड़ंत के कारण पांच लोगों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार सेना के एक ट्रक और बोलरों कैम्पर गाड़ी की मोकला-सुल्ताना रोड़ पर इतनी भीषण टक्कर हुई कि बोलेरों पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी जिससे बोलेरों में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और एक गंभीर घायल को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहर चिकित्सालय में उपचार के लिए लाया गया जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.  

पनराजसर फांटा के पास हुआ हादसा: 
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना का वाहन जैसलमेर से सुल्ताना की से आगे की ओर सीमावर्ती क्षेत्र के लिए तथा बोलेरों गाड़ी नहरी क्षेत्र से जैसलमेर की तरफ आ रही थी कि सुल्ताना गांव से कुछ दूरी पर बुइली रोड पर पनराजसर फांटा के पास यह भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें बाड़मेर के आदर्श चवा गांव के पांच लोगों की मौत हो गयी है. 

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जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए दोनों वाहनों को अलग किया: 
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे जिन्होंने सेना के जवानों के साथ मिलकर जेसीबी मशीन की सहायता से फंसे हुए दोनों वाहनों को अलग किया. हादसे की सूचना पर मोहनगढ़ थानाधिकारी माणकराम मय जाब्ता मौके पर पहुंचा है और घटना की जानकारी में जुटाई साथ ही घायल युवक को जैसलमेर रैफर किया. हादसे के दौरान मूलाराम पुत्र उदाराम, केशराराम पुत्र नगाराम, खेताराम पुत्र माधुराम और सताराम पुत्र बालाराम की मौके पर ही मौत हो गयी. वहीं एक अन्य 16 वर्षीय युवक लालाराम पुत्र ईशराराम की उपचार के दौरान मौत हो गई. मृतकों के शवों को राजकीय जवाहर चिकित्सालय स्थित मोर्चरी रखवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किये गए.

फ़िलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला: 
जानकारी के अनुसार बाड़मेर निवासी मृतक जैसलमेर के नहरी क्षेत्र में मुरब्बों पर कृषि करते थे और किसी काम से जैसलमेर आ रहे थे. वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा पुलिस अधिकारियों के साथ घटना स्थल पहुंचे और दुर्घटना की जानकारी ली. फ़िलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला की भीषण भिड़ंत का क्या कारण रहा.