कांग्रेस में औपचारिकता बनी स्टार प्रचारकों की सूची, आधे भी नहीं आए प्रचार करने !

Naresh Sharma Published Date 2019/05/07 09:26

जयपुर। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने राजस्थान में 40 स्टार प्रचारकों की घोषणा की थी, लेकिन हकीकत यह है कि इन 40 में से 24 स्टार प्रचारक राजस्थान के बाहर से थे और महज आठ स्टार प्रचारक ही प्रचार करने राजस्थान में आए। यानी आधे से ज्यादा स्टार प्रचारकों ने चुनाव के दौरान राजस्थान का रूख ही नहीं किया। राजस्थान में प्रचार की कमान मुख्य रूप से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही संभाली। उनके अलावा डिप्टी सीएम सचिन पायलट, अविनाश पांडे व कैंपेन कमेटी के प्रमुख रघु शर्मा ने सबसे ज्यादा चुनावी सभाएं की। राहुल गांधी ने प्रदेश में लगभग एक दर्जन सभाएं की। 

40 में से 24 स्टार प्रचारक थे राजस्थान के बाहर से:
राजस्थान में लोकसभा चुनाव होने से 20 दिन पहले एआईसीसी ने प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचारकों की घोषणा की थी। इनमें से 24 स्टार प्रचारक प्रदेश के बाहर से थे और शेष 16 स्टार प्रचारक प्रदेश के नेता थे। अब राजस्थान में चुनाव खत्म हो गए हैं, लेकिन खास बात यह है कि बाहर के 24 में से आधे स्टार प्रचारक भी प्रदेश में चुनाव प्रचार करने नहीं आए। महज आठ स्टार प्रचारक ही प्रदेश में चुनावी सभाओं में आए। इन आठ में राहुल गांधी ने प्रदेश सबसे ज्यादा 13 सभाएं की। उनके अलावा आनंद शर्मा, रणदीप सूरजेवाला, नवजोत सिंह सिद्धू, भूपेंद्र हुड्डा, हार्दिक पटेल, कुलदीप विश्नोई व दीपेंद्र हुड्डा राजस्थान में चुनाव प्रचार करने आए। बाहर के स्टार प्रचारकों में अविनाश पांडे व विवेक बंसल के नाम भी थे, लेकिन इन दोनों को राजस्थान की जिम्मेदारी मिली हुई है ऐस में ये तो पूरे चुनाव के दौरान ही प्रदेश में रहे।

प्रियंका गांधी नहीं कर सकी राजस्थान में प्रचार:
स्टार प्रचारकों की सूची में तो सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी के नाम भी शामिल थे, लेकिन इनमें से एक भी नेता प्रदेश में चुनाव प्रचार करने नहीं आया। तीन प्रदेशों के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, कमलनाथ व भूपेश बघेल का नाम भी स्टार प्रचारकों की सूची में था। ज्योतिरादित्य सिंधिया, गुलामनबी आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा, नारायण भाई, कुमारी शैलजा व राज बब्बर का नाम भी लिस्ट में था, लेकिन इनमें से एक ने भी राजस्थान का रूख नहीं किया। प्रियंका गांधी की राजस्थान में सबसे ज्यादा डिमांड थी। सभी 25 प्रत्याशियों ने अपने यहां प्रियंका का रोड शो या जनसभा कराने की अपील की थी। जयपुर व जोधपुर में रोड शो की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन यूपी में व्यस्तता के चलते प्रियंका एक बार भी राजस्थान नहीं आ सकीं। कांग्रेसियों का मानना है कि प्रियंका यदि राजस्थान आती, तो चुनाव का माहौल कुछ अलग ही होता।

100 से ज्यादा सभाएं की मुख्यमंत्री गहलोत ने:
राजस्थान में सभी 25 सीटों पर चुनाव प्रचार की कमान खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कंधों पर ही रही। गहलोत ने सवा सौ से ज्यादा सभाएं पूरे प्रदेश में की। उन्होंने प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में चुनावी सभा की और जोधपुर व जयपुर में तो घर-घर जाकर वोट मांगे। राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान ही वे गुजरात में भी जनसभा को संबोधित करके आए। प्रचार के दौरान ही गहलोत ने सभी प्रत्याशियों के नामांकन में पहुंचने का प्रयास किया। गहलोत के बाद सचिन पायलट, अविनाश पांडे व कैंपेन कमेटी के प्रमुख रघु शर्मा ने सबसे ज्यादा जनसभाएं की। गहलोत, पायलट व पांडे ने ही एक साथ लगभग 50 सभाओं को संबोधित किया। कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में राजस्थान से घनश्याम तिवाड़ी, जितेन्द्र सिंह, रामेश्वर डूडी, मोहन प्रकाश, रघु शर्मा, अश्क अली टाक, धीरज गुर्जर, दीपेन्द्र सिंह, मास्टर भंवरलाल, हरीश चौधरी, रमेश मीणा, गिरिजा व्यास, बीडी कल्ला और महेन्द्रजीत मालवीया के नाम भी शामिल थे, लेकिन ये सभी अपने क्षेत्रों तक ही सीमित रहे। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में स्टार प्रचारक ज्यादा संख्या में राजस्थान आए थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या कम दिखी। ऐसे में सवाल यह है कि स्टार प्रचारकों की सूची महज औपचारिकता के लिए बनती है?

... संवाददाता नरेश शर्मा की रिपोर्ट 
 

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