डिजिटल बाल मेलाः लिटिल कोरोना वॉरियर्स, शॉर्ट मूवीज़ बनाकर दिखा रहे अपनी प्रतिभा

डिजिटल बाल मेलाः लिटिल कोरोना वॉरियर्स, शॉर्ट मूवीज़ बनाकर दिखा रहे अपनी प्रतिभा

डिजिटल बाल मेलाः लिटिल कोरोना वॉरियर्स, शॉर्ट मूवीज़ बनाकर दिखा रहे अपनी प्रतिभा

जयपुर: राज्यस्तर पर चल रहे 'डिजिटल बाल मेला' का रुझान बढ़-चढ़कर देखा जा रहा है. दस अलग-अलग प्रतियोगिताओं में बच्चे अपनी क्रिएटिविटी दिखा रहे हैं और एंट्री भेज रहे हैं. वैसे तो हर प्रतियोगिता में बच्चे जबरदस्त परफॉरमेंस दिखा रहे हैं. अपनी मन चाही प्रतियोगिता में भाग लेकर विश्व व्यापी कोरोना महामारी से बचने के प्रति जागरूक रहने का सन्देश दे रहे हैं.  वहीं बाल मेला में 'शॉर्ट फिल्म' प्रतियोगिता के माध्यम से कोरोना के प्रति जागरूकता दिखाने का अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है. फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी प्रायोजित देश के पहले डिजिटल बाल मेला में 10 तरह की प्रतियोगिताओं में 'शॉर्ट फिल्म मेकिंग' भी एक है. बच्चे प्रतियोगिता में अवॉर्ड जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं. आज हम उन बच्चो के बारे में बता रहे है जिन्होंने शॉर्ट मूवी के माध्यम से कोरोना से बचने और सावधानी बरतने के बारे में बताया है. बाल मेला मंच पर बच्चे स्वयं ही एक्टिंग और डायरेक्शन कर सीमित संसाधनों के साथ दिमाग की करामात दिखा रहे हैं. बच्चों की इस क्रिएटिविटी का हर कोई कायल है.  

गुलाबी नगरी जयपुर के अखिल कूलवाल ने शॉर्ट मूवी "safety is key to success " बनाईं है. अखिल ने फिल्म के माध्यम से कोरोना महामारी से जीतने का एक मूल सिद्धांत सुरक्षा का संदेश दिया. 

इधर दूसरी शॉर्ट फिल्म भी जयपुर के बाल कलाकर कौस्तुभ चौधरी ने बनाई है. शॉर्ट फिल्म में कौस्तुभ का साथ उनके भाई-बहन ने भी दिया. बाल कलाकारों ने शॉर्ट फिल्म का शीर्षक 'कौन है झूठा' रखा. फिल्म के माध्यम से बच्चों को झूठ बोलने वालों से कैसे बचा जाए..की सीख दी.

वहीं, प्रदेश के बारां जिले से नव्या मित्तल ने शॉर्ट फिल्म में कोरोना के प्रति कैसे जागरूक रहें और घर रहते हुए बीमारी से सावधानी कैसे बरती जाए..का संदेश दिया. नव्या ने फिल्म में कोरोना से बचाव के तरीके भी बताए. 

जयपुर से दिशिता राठौड़ ने भी कोरोना महामारी पर शॉर्ट मूवी बनाईं. फिल्म का शीर्षक "हम होंगे कामयाब एक दिन" रखा गया. फिल्म के माध्यम से दुनियाभर के कोरोना वॉरियर्स का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सलाम किया गया. साथ ही उनके मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से दिशिता ने शॉर्ट फिल्म बनाई.

हम सबको पता है कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है. ऐसे में राजस्थान से डिजिटल बाल मेला के मंच से लिटिल कोरोना वॉरियर्स भी रियल हीरोज की हौसला अफजाही कर रहे हैं. बाल मेला के रचनात्मक मंच से बच्चे अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कोरोना वारियर्स का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज को कोरोना से बचने के उपायों को प्रदर्शित करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं. यही नहीं, राजस्थान के बच्चों के साथ दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से बच्चे एंट्री भेज रहे हैं. प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए बनाए गए शॉर्ट मूवीज डिजिटल बाल मेला के सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं. कॉम्पिटिशन  समाप्त होने के बाद हर प्रतियोगिता के लिए निर्णायक मंडल का गठन कर प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया जाएगा और 25 दिसंबर को विजेताओं की सूची जारी की जाएगी.

बाल मेला प्रतियोगिता का मूल उद्देश्य घर बैठे बच्चों के मनोबल को बढ़ाना और कोरोना के प्रति जागरुकता फैलाना है. देश में पहली बार होने वाले इस digitalbaalmela में हर दिन एक नई गतिविधि का आयोजन किया जा रहा है. बाल मेला में सिर्फ 6 से 14 साल के बच्चे प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं. 'कोरोना के प्रति जागरूकता' थीम पर मेले में विभिन्न विधाओं के लिए दस अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है. जिनमें बच्चे अपनी रचनात्मक पेंटिंग, एक्टिंग, कुकिंग, सिंगिंग, डांसिंग, क्विज़, डिबेट, फैंसी ड्रेस, शॉर्ट फिल्म मेकिंग, कहानी और निबंध लेखन से प्रतिभा निखार सकते हैं. इसी बीच बच्चों के लिए एक खुशखबरी और है..बाल मेला में जल्द ही बच्चे रूबरू म्यूजिक इंडस्ट्री की दिग्गज हस्ती से रूबरू होंगे. जल्द ही इसकी सूचना बाल मेला प्लटफॉर्म पर दी जाएगी.  

डिजिटल बाल मेले की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ऑनलाइन प्रोसेस रखा गया है. इसके लिए वीडियो सबमिट करने की अंतिम तारीख 21  दिसंबर और परिणाम की तिथि 25 दिसंबर, 2020 तय की गई है. जीतने वाले प्रतिभागी को राज्य स्तर पर कैश अवॉर्ड भी दिया जाएगा. डिजिटल मेला वेबसाइट www.digitalbaalmela.com और सोशल मीडिया पेज पर प्रतियोगिता और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सभी जानकारियां दी गईं हैं.
 

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