Rajasthan Lockdown: भेड़ बकरियों के जैसे लोगों को भरकर ला रहे है लोडिंग वाहन, जिम्मेदार कौन?

Rajasthan Lockdown: भेड़ बकरियों के जैसे लोगों को भरकर ला रहे है लोडिंग वाहन, जिम्मेदार कौन?

Rajasthan Lockdown: भेड़ बकरियों के जैसे लोगों को भरकर ला रहे है लोडिंग वाहन, जिम्मेदार कौन?

झालावाड़: पूरे देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन है. शासन और प्रशासन समेत पूरी दुनिया इस कोरोनावायरस के कहर से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात कर रहे है. सरकार की तरफ से सोशल डिस्टेंस को लेकर कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. समझाइश की जा रही है. वहीं दूसरी तरफ सारे प्रयासों को विफल कर देने वाली एक भयावह तस्वीर यह भी है. मजदूरी करने गए कुछ लोग टोंक से मनोहरथाना तक भेड़ बकरियों की जैसे भरकर इस लोडिंग वाहन में लाए गए. जब इसको रोककर पूछा गया तो वाहन चालक ने 17 लोगों को टोंक से लाने की परमिशन दिखाई. जो इसको मनोहरथाना एसडीएम के द्वारा दी गई. लोडिंग वाहन में लोग भेड़ बकरियों के जैसे ठसाठस भरे हुये थे.

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लोगों की जिंदगी से खिलवाड़:
परमिशन मात्र 17 लोगों को लाने की थी जो कि 17 लोग तो वाहन के बाहर ही लटके हुए थे. वाहन में परिमिशन से करीब तीन से चार गुना लोगों को भरकर यह लोडिंग माल वाहन लेकर आ रहा था. सबसे बड़ा सवाल टोंक से लेकर मनोहरथाना तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है, लेकिन कहीं पर भी पुलिस ने नहीं रोका. रोका तो छोड़ कैसे दिया? झालावाड़ में वाहन का 300 रुपए का चालान बनाया गया और छोड़ दिया गया. ऐसे ड्राइवर थोड़े से पैसे के लालच में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसे में क्या ऐसे वाहन चालकों को परमिशन देना उचित है. सरकार बार-बार कह रही है कि जो जहां है वही रहे सभी को खाने-पीने के बंदोबस्त किए जा रहे.

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प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती:
समाजसेवी संस्था समाजसेवी लोग राशन सामग्री बांट रही है. बावजूद इसके लोग अपने अपने घरों पर पहुंचने के लिए जिद पर अड़े हुए हैं. और इस तरह से भेड बकरियों के जैसे भरकर अपने गांव में पहुंच रहे हैं जो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. यह तस्वीर जो हम आपको दिखा रहे हैं यह तस्वीर है अकलेरा के भोपाल नाका की जहां ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल ने इसे लेकिन लोडिंग वाहन चालक ने बात नहीं सुनी और आगे बढ़ गया.

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