नई दिल्ली देश में टीबी उन्मूलन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बड़ी पहल, संसद भवन परिसर में सांसदों के लिए आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम

देश में टीबी उन्मूलन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बड़ी पहल, संसद भवन परिसर में सांसदों के लिए आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम

नई दिल्ली: देश में टीबी उन्मूलन के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बड़ी पहल की है. उन्होंने संसद भवन परिसर में सांसदों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है. इस दौरान बिरला ने कहा कि अब समय आ गया है उन महामारियों का अंत करें जो हर वर्ष लाखों लोगों की जान ले रही है. संसद देश की 130 करोड़ से अधिक जनता की प्रतिनिधि संस्था है. ऐसे में सांसद जनता की सेवा, उनके अभावों को दूर करने और समस्याओं का अंत करने के लिए संकल्पित है. 

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश में एकजुटता के संकल्प के साथ संदेश संसद के माध्यम से ही संभव है. विविधता भरे देश में सामूहिकता से काम करें तो निश्चित रूप से हर चुनौती से जीत सकते हैं. कोविड के दौरान हम भारतीयों की यह सामूहिक संकल्पशक्ति स्पष्ट दिखाई दी. बिरला ने कहा कि विकसित देशों का आधुनिक चिकित्सा सिस्टम भी कोरोना महामारी की चुनौती के सामने चरमरागया. लेकिन हमने सामूहिकता की शक्ति से कोरोना की चुनौती पर काफी हद तक सफलता प्राप्त की. भारत में जिस तेजी से वैक्सीनेशन किया जा रहा है उससे हम कोरोना पर जल्द नियंत्रण पा लेंगे. 

जनता के स्वास्थ को सुरक्षित रखना हम सांसदों की प्राथमिक जिम्मेदारी: 
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार, जागरूकता तथा रोकथाम के प्रयासों में भी भारत विश्व में अग्रणी है. 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य, जिसे हम सामूहिक प्रयासों से प्राप्त करेंगे. जनता के स्वास्थ को सुरक्षित रखना हम सांसदों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. ओम बिरला ने कहा कि कुपोषण टीबी के प्रमुख कारणों में एक है, जिसे हमें दूर करना होगा. महामारी के रोकथाम में सांसदों को पहल करनी होगी. ऐसे में सरकार और प्रशासन के बीच कड़ी बन हम टीबी मुक्त लोकसभा क्षेत्र के लिए प्रतिस्पर्धा करें. 

सरकार संसाधन देने के साथ, तहसीलवार टीबी रोगियों की जानकारी सांसदों को देगी:
बिरला ने कहा कि सरकार संसाधन देने के साथ, तहसीलवार टीबी रोगियों की जानकारी सांसदों को देगी. हमें टीबी रोगियों को नियमित दवा और जांच की उपलब्धता का ध्यान रखना है. हमारी सक्रिय मॉनिटरिंग से ही टीबी मुक्त भारत का सपना सच होगा. ऐसे में सरकार विभिन्न बीमारियों तथा उनके उपचार व उन्मूलन की योजनाओं की जानकारी सांसदों को दें. इससे टीबी सहित अन्य बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता उत्पन्न करने में सहायता मिलेगी. 

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