लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार से किडनी दान की प्रक्रिया त्वरित कराने के लिए राज्यों को निर्देश देने को कहा

लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार से किडनी दान की प्रक्रिया त्वरित कराने के लिए राज्यों को निर्देश देने को कहा

लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार से किडनी दान की प्रक्रिया त्वरित कराने के लिए राज्यों को निर्देश देने को कहा

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से कहा कि गुर्दा प्रतिरोपण के लिए अंगदान की प्रक्रिया को तेज करने के लिहाज से राज्यों को निर्देश दिये जाएं. लोकसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल में उस समय यह निर्देश दिया जब भाजपा के उदय प्रताप सिंह ने परिवार के सदस्यों से इतर किसी अंगदाता की किडनी रोगी में लगाये जाने की प्रक्रिया के संबंध में पूरक प्रश्न पूछा.

सिंह ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि जब किसी किडनी रोगी के निकट संबंधी का अंग मैच नहीं करता या कोई उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में बाहरी अंगदाता की किडनी रोगी को लगाई जा सकती है. लेकिन इसके लिए अनुमति की जो प्रक्रिया है, वह बहुत लंबी है और कई बार रोगी की मृत्यु भी हो जाती है. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार का इस प्रक्रिया को सरल बनाने का कोई विचार है.

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उत्तर देते हुए कहा कि 2014 में अंगदान से संबंधित कानून के नियम बनाये गये थे, इसके तहत निकटस्थ संबंधियों के अलावा भावनात्मक लगाव रखने वाले लोग भी किडनी या अन्य कोई अंग दान कर सकते हैं और उन्हें विभिन्न दस्तावेजों के माध्यम से सत्यापित करने के लिए आवेदन करना होता है. 

उन्होंने कहा कि जैसा कि सदस्य ने आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया में महीनों या सालों लगते हैं, ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है. इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति होती है जो अस्पताल स्तर पर भी बनी हुई हैं और स्वास्थ्य मंत्रालय के स्तर पर भी बनी हुई है. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार का प्रयास होता है कि जल्दी से जल्दी प्रक्रिया पूरी कराई जाए. इस पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि यह बात सही है कि इसमें समय बहुत लगता है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि आप राज्यों को निर्देश दें कि राज्यों की समिति समयावधि के अंदर इस तरह की प्रक्रिया को पूरा कराएं.(भाषा) 

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