लोकसभा अध्यक्ष ने विधायकों, अधिकारियों आदि के लिए भाषा सीखने के कार्यक्रम की शुरूआत की

लोकसभा अध्यक्ष ने विधायकों, अधिकारियों आदि के लिए भाषा सीखने के कार्यक्रम की शुरूआत की

लोकसभा अध्यक्ष ने विधायकों, अधिकारियों आदि के लिए भाषा सीखने के कार्यक्रम की शुरूआत की

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संसद सदस्यों, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों, अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए भाषा सीखने के कार्यक्रम की डिजिटल माध्यम से शुरूआत की. आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भाषा लोगों और संस्कृतियों को साथ जोड़ता है.

लोकतंत्र को एक दूसरे के अच्छे अनुभवों का लाभ उठाना चाहिए और भाषा सीखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा की जानकारी से लोकतंत्र को एक दूसरे के करीब लाने और दुनिया भर में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. बिरला ने कहा कि भारत में समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और बहुलतावाद यहां बोली जाने वाली अनेक भाषाओं में जीवंत स्वरूप में है.

उन्होंने पंचायत से संसद तक लोगों के प्रतिनिधित्व को मजबूत बनाने पर जोर दिया. उन्होंने लोगों से कम से कम एक भारतीय एवं एक विदेशी भाषाएं सीखने पर भी जोर दिया. लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान लोकतंत्र (प्राइड) ने लोकसभा सचिवालय सांसदों, राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों, अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के लिए ऑनलाइन भारतीय व विदेशी भाषा सीखने का कार्यक्रम आयोजित किया है. सत्र में फ्रांस, जर्मनी, जापान, पुर्तगाल, रूस और स्पेन के राजदूत विशेष आमंत्रित थे और उन्होंने आभासी माध्यम से इसमें भाग लिया.

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