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प्रदेश में नए जिलों के लिए अभी करना होगा लंबा इंतजार, विधानसभा में उठा मुद्दा 

प्रदेश में नए जिलों के लिए अभी करना होगा लंबा इंतजार, विधानसभा में उठा मुद्दा 

जयपुर: प्रदेश में नए जिलों के गठन के लिए लगातार मांग उठ रही है, लेकिन फिलहाल नए जिलों के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा. राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में बताया कि नवीन जिलोें के गठन एवं पुनर्गठन समिति की रिपोर्ट अभी तक विभाग को प्राप्त नहीं हुई है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट और गुणा व गुणन के आधार पर नवीन जिलों के निर्माण पर फैसला किया जाएगा. 

विधायक मदन प्रजापत ने उठाया मुद्दा:
विधायक मदन प्रजापत ने बालोतरा को जिला बनाने के संबंध में प्रश्न लगाया था. मदन प्रजापत ने बुधवार को अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान हुई यह मांग उठाई थी. इसके जवाब में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय कुछ भी हो सकती है, लेकिन मंत्री के रूप में मुझे नियमों के अनुसार ही काम करना पड़ेगा. चौधरी ने बताया कि समिति का गठन आदेश दिनांक 20.01.2014 के द्वारा किया गया था. उन्होंने बताया कि समिति के अध्यक्ष द्वारा वर्ष 2018 में सरकार को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में नवीन जिला बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के एक्टिव कंसीडरेशन में नहीं है. प्रशासनिक आवश्यकता एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर सक्षम स्तर पर विचार कर यथोचित निर्णय लिया जाएगा. 

धारियावद को नगरपालिका बनाने के बारे में भी प्रश्न: 
सदन में आज प्रतापगढ जिले के धारियावद को नगरपालिका बनाने के बारे में भी प्रश्न पूछा गया. स्वायत्त शासन मंत्री  शांति धारीवाल ने कहा है कि सरकार किसी ग्राम पंचायत को नगरपालिका बनाने के लिए जिला कलक्टर द्वारा निर्धारित बिन्दुओं के आधार पर तथ्यात्मक टिप्पणी के साथ अनुशंसा प्राप्त होने पर ही विचार कर सकती है. प्रतापगढ जिले के धारियावद को नगरपालिका बनाने के लिए भी जिला कलक्टर की अनुशंसा आवश्यक है. 

सीपी जोशी का मामले में हस्तक्षेप:
धारीवाल ने कहा कि धारियावद की जनसंख्या केवल 11 हजार 368 है. इसे नगरपालिका बनाने के लिए पूर्ववर्ती सरकार के समय भी वस्तुस्थिति की जानकारी के साथ अनुशंसात्मक टिप्पणी के लिए तत्कालीन जिला कलक्टर को बार-बार लिखा गया, लेकिन कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ. विधानसभा अध्यक्ष सी.पी.जोशी ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जनजातीय उप योजना का पैसा राज्य सरकार को मिलता है. प्रतापगढ जिले में प्रतापगढ कस्बे के बाद धारियावद ही सबसे बड़ा कस्बा है. उन्होंने कहा कि अगर धारियावाद को नगरपालिका बनाया जाता है तो इसे लेकर आदिवासी इलाके के लोगाें में अच्छा संदेश जाएगा. 
 

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जयपुर: देशभर के साथ राजस्थान में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में कोरोना के चलते 4 मरीजों ने दम तोड़ा है. इसमें भरतपुर-धौलपुर-जोधपुर और नागौर में एक-एक मौत हुई है. वहीं 234 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. इसमें अलवर 36, बाड़मेर 8, भीलवाड़ा 2, बीकानेर 29, चूरू 2, गंगानगर 3, जयपुर 22, झुंझुनूं 2, जैसलमेर 1, जालोर 9, जोधपुर 57, कोटा 5, नागौर 34, सीकर 2, सिरोही 19, पाली 1, उदयपुर 2 और अन्य राज्य से 1 पॉजिटिव मरीज मिला है. ऐसे में अब प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ बढ़कर 20922 पहुंच गया है. वहीं मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़कर 465 हो गया है. 

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एक्टिव केस की संख्या बढ़कर हुई 4 हजार 137: 
लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या के चलते प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 4 हजार 137 हो गई है. वहीं राहत वाली खबर यह है कि 16320 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए हैं. इसमें से 15966 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं. ऐसे में अब अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 4137 हो गई है. 

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सोमवार को सामने आए 524 नए पॉजिटिव केस: 
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में 5 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 524 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. अजमेर में दो, जयपुर में एक, नागौर में एक और राज्य से बाहर के एक मरीज की मौत हो गई. जबकि सर्वाधिक 80 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाली में मिले है. अजमेर- 28, अलवर- 55, बाड़मेर- 25, भरतपुर- 65 पॉजिटिव, भीलवाड़ा- 2, बीकानेर- 26, दौसा- 5, धौलपुर- 11 पॉजिटिव, डूंगरपुर- 7, हनुमानगढ़- 4, जयपुर- 47,जालोर- 58 पॉजिटिव, झुंझुनूं- 9,जोधपुर- 25, करौली- 3, कोटा- 9, नागौर- 21 पॉजिटिव, राजसमंद- 6,सवाई माधोपुर- 4, सीकर- 8, सिरोही- 9, टोंक- 1 पॉजिटिव, उदयपुर- 10,BSF- 1 और दूसरे राज्य के 5 मरीज पॉजिटिव मिले. 


 

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जयपुर: UDH मंत्री शांति धारीवाल ने सोमवार को मानसरोवर के सिटी पार्क और फाउंटेन स्क्वायर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया. मंत्री ने खुली जिप्सी में बैठकर प्रमुख सचिव भास्कर सावंत और हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा के साथ पूरी जमीन का जायजा लिया. बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने मंत्री को पार्क की डिजाइन समेत पूरे प्रोजेक्ट के बारे में ब्रीफ़ किया.  

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सिटी पार्क सेंट्रल पार्क से भी बड़ा होगा: 
निरीक्षण बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री धारीवाल ने कहा कि क़रीब 52 एकड़ जमीन में बनने वाला सिटी पार्क सेंट्रल पार्क से भी बड़ा होगा. मंत्री ने कहा कि कोरोना और लॉक डाउन जैसे कठिन समय के बाद भी  हाउसिंग बोर्ड ने पार्क को लेकर पूरी कार्ययोजना बना ली थी. पार्क की साफ-सफाई और मिट्टी डालने के टेंडर भी बोर्ड ने सही समय पर कर लिए, इसका फायदा यह हुआ कि लॉक डाउन हटते ही पार्क में मलबा हटाने का काम बोर्ड ने तेज़ी से शुरू कर दिया. बोर्ड ने पार्क की जमीन पर बने दर्जन भर स्ट्रक्चरो को भी हटाया है. धारीवाल ने बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि बोर्ड ने जमीन की सफाई और मलबा हटाने जैसा काम 2 महीने की जगह 1 महीने में ही पूरा कर लिया है. बोर्ड ने इस जमीन से 12 लाख घनफुट मलबा और 18 लाख वर्गफीट इलाके में सफाई का काम किया है.

जमीन पार्क के लिए उपयुक्त भी दिखने लगी:
मंत्री ने कहा कि अब यह जमीन पार्क के लिए उपयुक्त भी दिखने लगी है. मंत्री धारीवाल ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की जबसे स्थापना हुई है तबसे पार्क के क्षेत्र में यह बोर्ड का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर साउथ को अब तक की सबसे बड़ी सौगात दी है जो कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार नहीं दे पाए थे. 

जॉगिंग और वॉकिंग के लिए पार्क में 2 ट्रैक बनाये जाएंगे:
हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि पार्क में जॉगिंग और वॉकिंग के लिए पार्क में 2 ट्रैक बनाये जाएंगे. इन ट्रैकों की लंबाई साढ़े 3 किलोमीटर की होगी वहीं चौड़ाई 20 फीट होगी. दोनों ट्रैकों को विभाजित करने के लिए हरित पट्टी विकसित की जाएगी जो कि फूलदार पौधों से बनाई जाएगी. अरोड़ा ने कहा कि सिटी पार्क और फाउंटेन स्क्वायर का निर्माण विश्वस्तरीय होगा. जिस तरह के पार्क और फाउन्टेन लोग विदेशों में देखते हैं वैसा ही नजारा जयपुर में देखने को मिलेगा. 

सीएम गहलोत से पार्क में वृक्षारोपण की शुरुआत कराई जाएगी:
धारीवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में सीएम गहलोत से पार्क में वृक्षारोपण की शुरुआत कराई जाएगी. सीएम से कल्प वृक्ष और रुद्राक्ष के पेड़ लगाकर पार्क में इस अभियान की शुरुआत कराई जाएगी. मानसून में इस पार्क में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाएगा वृक्षारोपण में आमजन, स्वयंसेवी संस्था,सामाजिक संस्थाओं की भी जोड़ा जाएगा. रोटरी क्लब ऑफ इंडिया, इंडिया इंटरनेशनल कॉलेज, ब्रह्मकुमारी संस्था की ओर से बोर्ड को अपनी तरफ से पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का प्रस्ताव मिल भी चुका है. 

यह होगा पार्क में खास-

- पार्क में थीम बेस्ड प्लांटेशन किया जाएगा. जिसमे अलग रंग के फूलों वाले पेड़ लगाए जाएंगे. 

- पार्क में मुख्य प्रवेश मध्यम मार्ग से होगा, यहां एक बड़ा एंट्रेंस प्लाजा बनाया जाएगा,,,पार्क में प्रवेश के लिए 3 गेट और होंगे जो न्यू सांगानेर रोड, अरावली रोड और वीटी रोड पर होंगे. 

- सभी गेटों के पास अलग अलग पार्किंग विकसित की जाएंगी. 

- पार्क के चारों तरफ़ फ़ूड कोर्ट और रेस्टोरेंट के लिए भी जगह रखी गई है. 

- पार्क में सेंट्रल पार्क जितनी ऊंचाई का राष्ट्रीय ध्वज भी लगाया जाएगा. 

- पार्क में कोरोना को देखते हुए सेंसर युक्त सेनेटाइजेशन स्टेशन भी बनाये जाएंगे. 

- पार्क में अलग अलग प्रजातियों के 21 हजार पौधे लगाए जाएंगे. 40 हजार झाड़ियां और फूलदार पौधे भी लगाए जाएंगे. 

- यहां वुडलैंड पार्क, वाटर बॉडीज, फार्म हाउस, पाम गार्डन, मेज गार्डन, लेब्रोलिक गार्डन, लोटस पांड, स्कल्पचर्स, बॉटनिकल गार्डन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, आउटडोर जिम, ओपन जिम, फर्नीचर समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. 

आमजन के मनोरंजन के लिए मध्यम मार्ग के दूसरी तरफ़ करीब 40 हजार वर्गमीटर जमीन पर फाउंटेन स्क्वायर बनाया जाएगा. यह जयपुर में अब तक का सबसे शानदार फाउंटेन स्क्वायर होगा जो सिटी पार्क की खूबसूरती में 4 चांद लगाएगा. यहां हर सप्ताह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे. इससे यह जगह सिर्फ मानसरोवर के लिए नहीं बल्कि पूरे जयपुर और पर्यटकों के लिए पिकनिक स्पॉट की तरह विकसित होगी. 

लॉक डाउन का हाउसिंग बोर्ड पर कोई असर नहीं हुआ: 
मंत्री धारीवाल ने निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लॉक डाउन का हाउसिंग बोर्ड पर कोई असर नहीं हुआ है. बोर्ड के सभी प्रोजेस्ट समय पर ही पूरे होंगे. बोर्ड की परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए धारीवाल ने कहा कि बोर्ड ने किश्तों में आवास योजना से 12 दिनों में 1213 मकान बेचकर अपना ही बनाया हुआ विश्व रिकॉर्ड तोड़ा है. आने वाले दिनों में भी  बोर्ड का यह अच्छा काम ऐसे ही जारी रहेगा. बोर्ड ने राजस्व प्राप्ति में भी अब तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. 

10 हजार में 1 करोड़ के सोने की तस्करी ! दुबई से लेकर भारत तक जुड़े हैं तस्करों के तार 

राजधानी के सभी बड़े प्रोजेक्टस हाउसिंग बोर्ड के ही पास:
मौज़ूदा सरकार के कार्यकाल में राजधानी के सभी बड़े प्रोजेक्टस हाउसिंग बोर्ड के ही पास हैं. कोचिंग हब, चौपाटी, के बाद सिटी पार्क वह प्रोजेक्ट है जो आने वाले कई सालों तक मानसरोवर समेत आस पास के लोगों को अच्छी फीलिंग देता रहेगा. जैसी मॉनीटिरिंग इस प्रोजेक्ट की पवन अरोड़ा कर रहे हैं उससे यह भी तय है कि तय समय मे ही मानसरोवर को सबसे बड़े गिफ़्ट सिटी पार्क की सौगात मिल जाएगी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट

10 हजार में 1 करोड़ के सोने की तस्करी ! दुबई से लेकर भारत तक जुड़े हैं तस्करों के तार

10 हजार में 1 करोड़ के सोने की तस्करी ! दुबई से लेकर भारत तक जुड़े हैं तस्करों के तार

जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट पर तस्करी कर लाए गए 32 किलो सोने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक 1 करोड़ रुपए के सोने की डिलीवरी करने वाले एक व्यक्ति को 10 से 15 हजार रुपए दिए जाते हैं. यह खुलासा कस्टम अधिकारियों द्वारा तस्करों से की गई पूछताछ में हुआ है. 

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सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा: 
जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार देर रात सोने की तस्करी करते हुए पकड़े गए सभी 14 आरोपियों को आज आर्थिक मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया. जहां सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. कस्टम विभाग के अधिकारियों ने सभी तस्करों से प्राथमिक पूछताछ कर कोर्ट के समक्ष प्राथमिक सबूत भी पेश किए. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इन डायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) मामले की सीधी निगरानी कर रहा है.

पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई: 
कस्टम विभाग के सूत्रों के मुताबिक सभी 14 आरोपियों से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं. जिन 14 लोगों को तस्करी के मामले में गिरफतार किया गया है, वे इरादतन तस्कर नहीं हैं. सभी 14 लोग राजस्थान के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं. सभी खाड़ी देशों में कामकाज के सिलसिले के आते-जाते रहते हैं. सभी को भारत में सोना लाने के लिए 10 से 15 हजार रुपए और टिकट का भुगतान करने का लालच दिया गया था. जिसके बाद सभी अपने साथ सोना ले आए. प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का सोना लेकर आया था. पूछताछ में उन्होंने उन लोगों की भी पहचान बताई है, जिन्होंने उन्हें सऊदी से जयपुर ले जाने के लिए सोना दिया था. इसके साथ ही उन्होंने उस व्यक्ति के बारे में भी जानकारी दी जो उनसे जयपुर में सोने की डिलीवरी लेने वाला था. हालांकि कस्टम विभाग अब यह जांच कर रहा है कि तस्करों द्वारा दी गई जानकारी सही है या गलत.

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नेटवर्क जयपुर सहित देश के कई अन्य शहरों के बड़े व्यापारियों से जुड़ा: 
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि तस्करी का सोना भेजने वाले लोगों का नेटवर्क जयपुर सहित देश के कई अन्य शहरों के बड़े व्यापारियों से जुड़ा हुआ है. विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तस्करों ने जयपुर के भी कुछ बड़े सराफा कारोबारियों का नाम लिया है. जिसकी जांच की जा रही है. जयपुर से ही अन्य शहरों के लिए सोना सप्लाई किया जाना था. अब प्रकरण में आगामी जांच सीबीआईसी कर रहा है और इस मामले में जल्द ही अन्य खुलासे होने की उम्मीद है. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 5 मौत, 524 नए पॉजिटिव केस, पाली में मिले सर्वाधिक 80 कोरोना पॉजिटिव मरीज

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है. पिछले 24 घंटे में 5 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 524 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. अजमेर में दो,जयपुर में एक,नागौर में एक और राज्य से बाहर के एक मरीज की मौत हो गई. जबकि सर्वाधिक 80 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाली में मिले है. अजमेर- 28, अलवर- 55, बाड़मेर- 25, भरतपुर- 65 पॉजिटिव, भीलवाड़ा- 2, बीकानेर- 26, दौसा- 5, धौलपुर- 11 पॉजिटिव, डूंगरपुर- 7, हनुमानगढ़- 4, जयपुर- 47,जालोर- 58 पॉजिटिव, झुंझुनूं- 9,जोधपुर- 25,करौली- 3, कोटा- 9, नागौर- 21 पॉजिटिव, राजसमंद- 6,सवाई माधोपुर- 4, सीकर- 8, सिरोही- 9, टोंक- 1 पॉजिटिव, उदयपुर- 10,BSF- 1,दूसरे राज्य के 5 मरीज पॉजिटिव मिले. प्रदेश में मौत का आंकड़ा 461 पहुंच गया है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 20 हजार 688 हो गई है.

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पॉजिटिव से नेगेटिव हुए 16 हजार 278 मरीज:
राजस्थान में कुल 16 हजार 278 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. वहीं कुल 15 हजार 929 लोग इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है.3 हजार 949 मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 5 हजार 546 पहुंच गई है.

जयपुर में बढ़ता कोरोना का ख़ौफ़:
जयपुर में लगातार कोरोना वायरस का ख़ौफ़ बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 1 मरीज की मौत हो गई. जबकि 47 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. वैशाली नगर-5,राजापार्क, जवाहर नगर में 4-4,झोटवाड़ा में 3पॉजिटिव, घाटगेट,सिविल लाइंस,मालवीय नगर, जगतपुरा, मानसरोवर, विदेश से आए हुए 2-2 मरीज पॉजिटिव, टोंक फाटक, कोटपुतली, विराट नगर, जालूपुरा, SMS, बापू नगर आमेर, महेश नगर, सुभाष चौक, ब्रह्मपुरी, सोडाला, अजमेर रोड, दुर्गापुरा, गोपालपुरा, बस्सी, सीतापुरा, सांगानेर, लूनियावास, गुर्जर घाटी में 1-1 पॉजिटिव मरीज मिला है. जयपुर में अब तक 164 मरीजों की मौत हो चुकी है. जबकि कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 3 हजार 573 पहुंच गई है. 

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जयपुर: राजस्थान यूनिवर्सिटी समेत प्रदेश के 7 विश्वविद्यालयों में इसी महीने कुलपतियों के पद रिक्त हो जाएंगे. राज्य के चार विश्वविद्यालयों में मौजूदा समय में स्थाई कुलपति नहीं है. जिनके लिए कुलपति चयन की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है. यूनिवर्सिटीज में वाइस चांसलर नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण निर्णय अटके हुए हैं. पेश है एक रिपोर्ट

इन यूनिवर्सिटियों में नहीं है कुलपति

-सीकर यूनिवर्सिटी-बी एल शर्मा के कार्यकाल के बाद खाली पद
फरवरी से पद चल रहा रिक्त 

-बीकानेर यूनिवर्सिटी
भागीरथ बीरजानियां के कार्यकाल के बाद खाली पद

-उदयपुर यूनिवर्सिटी
जेपी शर्मा के कार्यकाल के बाद खाली पद

3 विश्वविद्यालयों में इस वक्त स्थाई कुलपति के पद रिक्त:
राज्य के 3 विश्वविद्यालयों में इस वक्त स्थाई कुलपति के पद रिक्त है. उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय और सीकर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय और जोधपुर के सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी में नए कुलपति की नियुक्ति होना बाकी है. सीकर यूनिवर्सिटी में बी एल शर्मा के कार्यकाल के बाद से फरवरी से पद रिक्त चल रहा है. जबकि बीकानेर में भागीरथ बीरजानियां के कार्यकाल को पूरा हुए भी 3 महीने हो  हो चुके हैं. उदयपुर यूनिवर्सिटी में जेपी शर्मा के बाद नए कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन बाद में स्थगित कर दी गया. अब दोबारा सर्च कमेटी कुलपति पद के लिए योग्य शिक्षाविदों के नाम फाइनल कर रही है. सबसे ताज्जुब की बात तो जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस यूनिवर्सिटी के लिए है जिसमें 4 साल से कुलपति का पद रिक्त चल रहा है. यहां साल 2015 से कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है। लॉकडाउन के कारण यह की सर्च कमेटी की प्रक्रिया भी अटक गई थी. कुलपति के रिक्त पदों को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने भी चिंता जताई है. विभाग के मंत्री भंवर सिंह भाटी का कहना है कि इस दिशा में सरकार अपनी ओर से पूरी कवायद में जुटी है.

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इन यूनिवर्सिटियों में हो रहे खाली पद

-राजस्थान यूनिवर्सिटी में प्रो आरके कोठारी
-राजस्थान स्किल यूनिवर्सिटी में भी ललित के पंवार
-बांसवाड़ा के जनजाति विश्वविद्यालय में प्रो कैलाश सोढ़ानी 
-इनका कार्यकाल 11 जुलाई को पूरा हो जाएगा

नए विश्वविद्यालयों में भी रिक्त होने जा रहे कुलपतियों के पद:
प्रदेश में इन 4 विश्वविद्यालयों के साथ ही अब तीन और नए विश्वविद्यालयों में भी कुलपतियों के पद रिक्त होने जा रहे हैं. राजस्थान यूनिवर्सिटी में प्रो आरके कोठारी और बांसवाड़ा के जनजाति विश्वविद्यालय में प्रो कैलाश सोढ़ानी का कार्यकाल 11 जुलाई को पूरा हो जाएगा. साथ ही राजस्थान स्किल यूनिवर्सिटी में भी ललित के पंवार का भी कार्यकाल पूरा होने जा रहा है. रिक्त पदों के लिए सर्च कमेटियां गठित हो गई है. लेकिन समय पर स्थाई कुलपति का नाम घोषित नहीं होने तक यहां भी कार्यवाहक लगाकर अतिरिक्त चार्ज दिए जाने की व्यवस्था की जानी होगी.

कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर देना होगा गंभीरता से ध्यान:
जहां कुलपतियों के पद रिक्त होने से विश्वविद्यालयाें में टीचिंग - नाॅन टीचिंग की भर्ती से लेकर शाेध व शैक्षणिक कार्य प्रभावित हाे रहे हैंं. साथ ही जिनमें पद रिक्त होने वाले हैं उनमें भी आशंका है कि इसका विपरीत असर नए सत्र में भी यूनिवर्सिटीज के नियमित कामकाज और विद्यार्थियाें पर भी पड़ना तय है. इसके सर्च कमेटियों को भी अपने काम में तेजी लानी होगी. साथ ही सरकार की ओर से भी कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर गंभीरता से ध्यान देना होगा.

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जयपुर: देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान के सबसे बड़े कोरोना एपिक सेन्टर रामगंज से राहत की खबर है. राजधानी जयपुर का रामगंज इलाका कोरोना फ्री होने की राह पर है.जी हां ये कोई हमारा दावा नहीं, बल्कि चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट की बानगी है.रामगंज में 666 कोरोना मरीजों की तुलना में अब सिर्फ तीन एक्टिव केस बचे है.अब इसे चिकित्सा विभाग की मेहतन कहे या फिर सरकार के प्रयास, जिसके चलते रामगंज का मॉडल सभी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.

परकोटा क्षेत्र में राहत की खबर:
कोरोना महामारी में परकोटा क्षेत्र में राहत की खबर है.अनलॉक के बाद जहां शहर के अन्य क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं रामगंज इलाके में  कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या पर ब्रेक लगा है.तीन महीने पहले जहां रामगंज क्षेत्र में कोरोना विस्फोट हुआ और एक के बाद एक कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही थी.पूरे इलाके में तनाव भरा माहौल बन चुका था.लेकिन अब वहां कोरोना की दूसरी तस्वीर उभर नहीं है.तीन महीने पहले रामगंज क्षेत्र में 521 कोरोना पॉजिटिव मरीज थे,वहीं अब घटकर मात्र 3 ही एक्टिव केस है.यह सब संभव हुआ है चिकित्सा विभाग के एक्शन प्लान से.26 मार्च को रामगंज में पहला कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद चिकित्सा विभाग ने संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए युद्व स्तर पर प्रयास शुरू किए.संक्रमितों की पहचान करने की शुरुआत घर-घर सर्वे से की.इसके बाद मास सैम्पलिंग, केस की एक्टिव ट्रेकिंग और पूरे इलाके को सील किया गया.ताकि लोग घरों से बाहर नहीं निकले.इस सख्ती के अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे है.

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थ्री लेयर स्क्रीनिंग से परकोट में कोरोना का थमा कहर:
-सबसे पहले आशा सहयोगिनियों द्वारा उम्रदराज लोग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच कर संदिग्धों की सूची बनाई गई
-इसके बाद एएनएम की टीमों ने पल्स ऑक्सीमीटर से लोगों की जांच की और संदिग्धों को फिर से चिन्हित किया....इनमें लंग्स, हार्ट, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों के मरीज थे
-इसके बाद चिकित्सकों ने इन लोगों को आइडेंटिफाइ किया

कोविड काल में चिकित्सा टीमों की मेहनत की बानगी:
-आंकड़ों के अनुसार मार्च से रामगंज क्षेत्र में 10976 टीमों की ओर से 3084948 लोगों की स्क्रीनिंग की
-इसमें 114781 लोग हाइरिस्क में पाए गए, जिनमें 21659 लोगों की पल्स ऑक्सीमीटर से एएनएम ने स्क्रीनिंग की.7474 लोगों की चिकित्सकों ने स्क्रीनिंग की.
-इस स्क्रीनिंग के दौरान 4439 आइएलआइ के मरीज ढूंढे गए, जिनकी जांच कराई गई तो काफी तादात में मरीज पॉजिटिव निकले.
-लेकिन टीमों ने हार नहीं मानी और जिस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उस कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई एवं क्लॉज कॉन्टेक्ट को क्वॉरंटीन किया गया.
-क्वॉरंटीन लोगों की भी सैम्पलिंग कर कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका गया. 
-अभी तक रामंगज क्षेत्र के 666 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आने वाले 3000 से अधिक लोगों को क्वॉरंटीन कर उनकी सैम्पलिंग की गई.
-इस प्रकार आईएलआई, हाइरिस्क और पॉजिटिव के कॉन्टेक्ट की इस क्षेत्र में 15000 से अधिक सैम्पलिंग की जा चुकी है.

चिकित्सा विभाग की राजधानी जयपुर की इलाके वार सूची पर गौर फरमाए तो न सिर्फ रामगंज, बल्कि पूरे परकोटे इलाके में ही कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है.हालांकि, विरोधी इसे कम सैम्पलिंग से जोड़कर देख रहे है, लेकिन अधिकारियों की माने तो अभी भी रोजाना 100 से 200 सैम्पल अकेले रामगंज से उठाए जा रहे है.

चारदिवारी में अब सिर्फ 45 बचे एक्टिव केस:
-रामगज थाना क्षेत्र में 666 पॉजिटिव मरीजों में से 640 नेगेटिव,  23 की मौत, अब सिर्फ तीन एक्टिव केस
-नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में 51 पॉजिटिव मरीजों में से 44 नेगेटिव,  3 की मौत, अब सिर्फ 4 एक्टिव केस
-सुभाष चौक थाना क्षेत्र में 102 पॉजिटिव मरीजों में से 90 नेगेटिव,  11 की मौत, अब सिर्फ 1 एक्टिव केस
-माणक चौक थाना क्षेत्र में 127 पॉजिटिव मरीजों में से 105 नेगेटिव,  6 की मौत, अब सिर्फ 16 एक्टिव केस
-ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 37 पॉजिटिव मरीजों में से 29 नेगेटिव,  1 की मौत, अब सिर्फ 7 एक्टिव केस
-कोतवाली थाना क्षेत्र में 151 पॉजिटिव मरीजों में से 121 नेगेटिव,  16 की मौत, अब सिर्फ 14 एक्टिव केस

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अभी सर्विलांस और जागरूकता की जरूरत:
राजधानी जयपुर का परकोटा भले ही देशभर में मॉडल के रूप में उभर रहा हो.कई दूसरे राज्य यहां की एक्टिविटी को अपना रहे हो, लेकिन जिस गति से जुलाई माह में फिर से कोरोना के केस बढ़े है, उसको देखते हुए अभी सर्विलांस और जागरूकता की जरूरत है.जरा सी लापरवाही से बड़ा कोरोना विस्फोट बनने में देर नहीं लगती है.ऐसे में उम्मीद ये है कि चिकित्सा और पुलिस की टीमें अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती रहेगी, साथ ही लोग भी जागरूकता का परिचय देंगे.ऐसा हुआ तो कोरोना पर न सिर्फ परकोटा, बल्कि पूरे प्रदेश में जीत हासिल की जा सकेगी.

VIDEO: पेट्रोल और डीजल के नाम पर लूट! 300 प्रतिशत टैक्स वसूल रही सरकार, आमजन अभी तक खेल से अनजान

जयपुर: क्या आपको पता है जिस पेट्रोल के लिए आप प्रति लीटर 87 रुपए 55 पैसे चुका रहे हो उसकी वास्तविक कीमत महज 26 रुपए एक पैसे और डीजल की 28 रुपए 11 पैसे है. जी हां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पेट्रोल, डीज़ल पर 300 फीसदी तक ज्यादा टैक्स वसूल रही हैं. पेट्रोल, डीज़ल की आसमान छूती कीमतों से त्रस्त प्रदेश की जनता को आज हम बताने जा रहे हैं पेट्रोल, डीज़ल पर टैक्स को अनसुलझा खेल, जिससे आमजन अभी तक अनजान थे. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ की खास रिपोर्ट:

पेट्रोल
पेट्रोल बेस प्राइज़                26.01 रुपए
सेंट्रल एक्साइज़                  32.98 रुपए
स्टेट वैट                            22.41 रुपए
रोड सैस                              1.50 रुपए
 लाइसेंस फीस प्रति लीटर           19 पैसे
डीलर कमीशन पर वैट          1.27 रुपए
डीलर कमीशन                    3.19 रुपए
कुल                              87.55 रुपए

डीज़ल
डीज़ल बेस प्राइज़                  28.11 रुपए
सेंट्रल एक्साइज़                     31.83 रुपए
स्टेट वैट                              16.78 रुपए
रोड सैस                                1.75 रुपए
लाइसेंस फीस प्रति लीटर             16 पैसे
डीलर कमीशन पर वैट                62 पैसे
डीलर कमीशन                       2.05 रुपए
कुल                                    81.30 रुपए

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल के भाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहे. पेट्रोल, डीज़ल की कीमतों में वृद्धि से रोटी, कपड़ा और मकान सबकुछ महंगा हो चुका है. अब सवाल उठता है कि क्या पेट्रोल, डीज़ल की वास्तविक कीमत वही हैं. जो हम जेब से चुका रहे हैं या फिर इनमें भी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कमाई का जरिया तय कर चुकी हैं. जी हां पेट्रोल, डीज़ल की वास्तविक कीमत हमारे द्वारा चुकाई जा रही कीमतों से तीन सौ प्रतिशत तक कम हैं. फिर क्या कारण है कि हमारी जेब से वास्तविक कीमतों से तीन गुना तक ज्यादा वसूला जा रहा है.

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पेट्रोल की मूल कीमत:
इस सवाल का जवाब केंद्र और राज्य सरकारों के उन टैक्स में छुपा है जिसकी आम जनता को जानकारी नहीं. दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की भारतीय पॉकेट की कीमत 38 डॉलर प्रति बैरल तक है. इस कीमत से देश में पेट्रोल की मूल कीमत 26 रुपए एक पैसे है. इस पर केंद्र सरकार हमसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तौर पर प्रति लीटर 32 रुपए 98 पैसे वसूल रही है और राज्य सरकार 22 रुपए 41 पैसे. इसके अलावा रोड सैस, लाइसेंस फीस, डीलर कमीशन पर वैट और डीलर का कमीशन भी इसमें जोड़ दिया जाए तो पेट्रोल पर हम मूल कीमत के बाद 61 रुपए 54 पैसे प्रति लीटर ज्यादा दे रहे हैं.

राज्य सरकार ने बढ़ाया दो बार वैट: 
इसी तरह डीज़ल की बेस प्राइस 28 रुपए 11 पैसे प्रति लीटर है जिस पर हमसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 53 रुपए 19 पैस तक टैक्स वसूल रहे हैं. कोरोना संकट के दौर में राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर दो बार वैट बढ़ाया है. प्रदेश में अब पेट्रोल पर 38 फीसदी और डीज़ल पर 30 फीसदी वैट है. अब बात रकें पड़ौसी राज्यों में पेट्रोल डीज़ल की तो हालत और खराब दिखाई देती है. हरियाणा, पंजाब, गुजरात और यूपी के मुकाबले राजस्थान में पेअ्रोल, डीज़ल पर टैक्स 10 रुपए तक ज्यादा है. इससे हमारे ट्रांसपोर्टर ही नहीं दूसरे राज्यों के ट्रांसपोर्टर भी डीज़ल राजस्थान की अपेक्षा पड़ौसी राज्यों से ले रहे हैं. इससे प्रदेश में पेट्रोलियम की बिक्री 50 फीसदी से ज्यादा गिरी है. उम्मीद की जानी चाहिए कि राज्य सरकार भी पड़ौसी राज्यों की तुलना में जल्द ही पेट्रोल, डीज़ल के दामों में प्रदेश की जनता को राहत देगी ताकि कोरोना संकट के दौर में आमजन को राहत मिल सके. 

राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, वाइब्रेंट डेमोक्रेसी यानी जीवंत लोकतंत्र भारत की मुख्य ताकत, चीन नहीं कर सकता भारत का मुकाबला

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जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने सोमवार को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के फेसबुक पेज पर लाइव किया. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी विषय पर व्याख्यान दिया. राज्यपाल ने कहा है कि वाइब्रेंट डेमोक्रेसी यानी जीवंत लोकतंत्र भारत की मुख्य ताकत है. चीन भारत का मुकाबला नहीं कर सकता है. जो उद्यमी और निर्माता लोकतंत्र, मानवाधिकार और बाल शोषण के उन्मूलन को महत्व देते हैं, वे साम्यवादी चीन के स्थान पर भारत के साथ डील करना चाहेंगे. कोविड-19 के बाद की दुनिया में एक बार फिर भारत को नई शुरुआत करनी होगी, जिसके लिए कई छोटे और मध्यम उद्यमियों को सरकारी प्रोत्साहन की आवश्यकता होगी.

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आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी विषय पर व्याख्यान:
राज्यपाल ने सोमवार को राजभवन से व्याख्यान में कहा कि भारत में स्वदेशी एक विचार के रूप में देखा जाता है, जो भारत की संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था का आर्थिक मॉडल रहा है. राष्ट्र इस विचार की वकालत भी करता रहा है. आत्मनिर्भर भारत बनाने में स्वदेशी का विचार अत्यधिक उपयोगी है. खादी ग्राम उद्योग के उत्पादों की बढती मांग इसका उदाहरण है. भारत की आत्म-निर्भरता का मतलब दुनिया से कनेक्शन तोड़ लेना नहीं है.

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आयुर्वेदिक काढ़े और जड़ी-बूटियों आदि की मांग बढ़ी: 
हमें लोकल चीजों को लेकर वोकल होना चाहिए. यानी भारतीयों को स्थानीय चीजों के बारे में ज्यादा बात करनी चाहिए. वर्तमान प्रचलित उपचार पद्धति कहती है कि कोरोना की दवा किसी के पास नहीं, परंतु भारत की हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन जैसी दवा मांगने के लिए दुनिया के तमाम देशों ने गुहार लगाई. आयुर्वेदिक काढ़े व जड़ी-बूटियों आदि की मांग भी बढ़ रही है. प्रारम्भ में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने व्याख्यानमाला की जानकारी दी.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

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