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दिन दहाड़े परिवार को बंधक बनाकर की लूट

दिन दहाड़े परिवार को बंधक बनाकर की लूट

सहारनपुर। प्रदेश में अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद है कि वे दिन दहाड़े वारदात को अंजाम देने में जरा भी नहीं कतराते। ऐसा ही एक मामला सहारनपुर थाना सदर बाजार के पंत बिहार वीआईपी कालोनी में सामने आया है। जहां नकाब पॉश कार सवार चार बदमाशों ने दिन दहाड़े ट्रांसपोर्टर के घर परिवार को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया और फरार हो गये। 

ट्रांसपोर्टर चन्द्र भटेजा ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, 'उनके परिवार में पांच लोग हैं, जिसमे तीन बच्चे हैं। उस समय घर पर सिर्फ पत्नी और बच्चे थे। मैं कुछ काम से बाहर गया था। चार लोग आये और पत्नी से कहने लगे कि आपने हमारे आदमी से चोरी का सामान खरीदा है। जिसे लेकर उन्होंने परिवार को बंधक बनाकर घर में लूट की। जब मैं आया तो मेरे से कहने लगे की तुमने चोरी किया हुआ सामान खरीदा है और घर में खींच मारपीट करने लगे। उस समय दूध वाला आया तो उसने आवाज लगाई, तभी हमने उनका विरोध किया तो निकल कर भागने लगे। एक बदमाश को पकड़ कर हमने पीटा और पकड़ लिया और दूध वाले ने भी हमारा साथ दिया। अन्य दूसरे बदमाशों ने पिस्टल तान ली और उसे छुड़ा ले गये।'

मौके पर पुलिस भी पहुंची और पूछताछ कर जाँच में जुट गई। एस एस पी बबलू कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आलाधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और जाँच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कारवाही होगी। 
 

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फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी, अब तक कर चुका है हजारों ऑपरेशन

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यूपी के सहारनपुर में एक फ़िल्मी वाक़या सामने आया है फिल्म मुन्नाभाई और थ्री इडियट्स की तर्ज़ पर 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है.सहारनपुर (ग्रामीण) के एसपी विद्यासागर मिश्र के अनुसार, 'देवबंद में ओमपाल (50) नामक शख्स यहां के लोकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फर्जी डिग्री और फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर खुद को डॉक्टर राजेश आर के तौर पर दर्शा कर प्रैक्टिस कर रहा था. वह एक नर्सिंग होम भी चला रहा था। आरोपी अभी तक हजारों ऑपरेशन कर चुका था.इस शख्स ने मैसूरु यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एक डॉक्टर के नाम से फर्जी डिग्री बनवा ली.

वह  सहारनपुर में सीएचसी में कॉन्ट्रैक्ट पर जुड़ा हुआ था. आरोपी के फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब फिरौती से जुड़ी एक कॉल के बाद वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गया.एसपी ने बताया, 'आरोपी पहले मंगलुरु में एयर फोर्स बेस हॉस्पिटल में बतौर पैरामेडिक कार्यरत था, जिसकी पेंशन उसे अभी भी मिलती है. उसके साथ राजेश आर नामक एक डॉक्टर भी काम करते थे, जिसके बाद वह विदेश चले गए.राजेश के विदेश जाने के बाद ओमपाल ने उसकी एमबीबीएस की डिग्री पर अपनी तस्वीर लगाकर फर्जीवाड़ा कर लिया.

आरोपी का खेल तब खत्म हुआ, जब उसे किसी अज्ञात शख्स ने फोन कर असली पहचान का खुलासा करने के एवज में 40 लाख रुपयों की डिमांड की. इसकी शिकायत करने वह पुलिस के पास गया, जहां पर उसकी पोल खुल गई.डिग्री के आधार पर ही उसे सीएचसी में सर्जन की नौकरी मिली और उसने सर्जरी के कई सारे डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बनवा लिए.

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