यौन कदाचार के आरोपों पर अकबर ने कहा- रमानी को सोशल मीडिया पर आरोप लगाने के बजाए कानून की शरण में जाना चाहिए था

यौन कदाचार के आरोपों पर अकबर ने कहा- रमानी को सोशल मीडिया पर आरोप लगाने के बजाए कानून की शरण में जाना चाहिए था

यौन कदाचार के आरोपों पर अकबर ने कहा- रमानी को सोशल मीडिया पर आरोप लगाने के बजाए कानून की शरण में जाना चाहिए था

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि पत्रकार प्रिया रमानी को सोशल मीडिया पर उनपर यौन कदाचार के आरोप लगाने के बजाय कानून की शरण में जाना चाहिए था. अकबर ने वरिष्ठ वकील गीता लथूरा के जरिए अदालत में दी गई दलील में यह बात कही है.

अकबर ने रमानी के खिलाफ की थी आपराधिक मानहानि की शिकायतः 
दरअसल, रमानी ने 20 वर्ष पहले अकबर के पत्रकार रहने के दौरान उनपर यौन कदाचार का आरोप लगाया है. इसे लेकर अकबर ने रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत की है जिसपर अंतिम सुनवाई चल रही है. रमानी ने 2018 में “मी टू“ अभियान के तहत अकबर पर यौन कदाचार के आरोप लगाए थे. सुनवाई के दौरान, वकील ने प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी को “अहम कारक“ बताया है. 

सोशल मीडिया की जग उन्हे अदालत आना चाहिए थाः
उन्होंने कहा कि आप सोशल मीडिया पर क्या कर सकते हैं? आप हर किसी से नहीं लड़ सकते हैं. पत्रकार जैसे जिम्मेदार लोगों को सोशल मीडिया पर इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए. उन्हें इसके बजाए अदालत आना चाहिए था, आपने (रमानी ने) किसी कानून की शरण नहीं ली. वकील ने कहा कि रमानी ने बिना नेक नीयती के 2018 में अकबर का नाम लिया. उन्होंने कहा कि सभी की प्रतिष्ठा उन्हें प्रिय होती है. ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें अपनी प्रतिष्ठा जान से ज्यादा प्रिय होती है. अदालत मामले पर अगली सुनवाई 24 दिसंबर को करेगी.

अकबर ने यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों को किया खारिजः
रमानी ने कहा था कि अकबर के खिलाफ यौन कदाचार के उनके आरोप सच हैं और उन्होंने नेक नीयती से उन्हें सार्वजनिक किया था. रमानी ने अकबर के इस दावे का खंडन किया था कि उनकी काफी प्रतिष्ठा है, जो पत्रकार के आरोपों से धूमिल हुई है. अकबर ने 15 अक्टूबर 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी. उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से 17 अक्टूबर 2018 को इस्तीफा दे दिया था. करीब 20 महिलाओं ने पत्रकार के तौर पर अकबर के मातहत काम करने के दौरान उनका यौन उत्पीड़न करने का अकबर पर आरोप लगाया है. अकबर ने "मीटू" अभियान के दौरान उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सभी महिलाओं के आरोपों को खारिज किया है.
सोर्स भाषा
 

और पढ़ें