बचपन को रचानात्मक बनाने आ रहे है विधायक जोगिंदर सिंह अवाना, 'डिजिटल बाल मेला सीजन 2' में आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

बचपन को रचानात्मक बनाने आ रहे है विधायक जोगिंदर सिंह अवाना, 'डिजिटल बाल मेला सीजन 2' में आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

बचपन को रचानात्मक बनाने आ रहे है विधायक जोगिंदर सिंह अवाना, 'डिजिटल बाल मेला सीजन 2' में आज शाम 4 बजे बच्चों से करेंगे सीधा संवाद

जयपुर: फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित रचनात्मक मंच 'डिजिटल बाल मेला2021' इन दिनों हर जगह सुर्खियां बटोरे हुए है. बालमन को सुनने वाला ये मंच अब ना सिर्फ बच्चों के बीच अपनी ​छवि बनाये हुए है बल्कि उनके माता-पिता को भी आकर्षित कर रहा है. 15 जून को इस मंच का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने किया था.जहां उन्होंने इस मंच को बच्चों के लिए सुनहरा भविष्य बताया. इसी के साथ उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए 14 नवंबर 'बाल दिवस' के दिन डिजिटल बाल मेले का पहला अधिवेशन विधानसभा में कराने का वादा किया है. बच्चों के लिए ये पहली बार होने जा रहा है जब वो एक मंच के जरिए विधानसभा में जाएंगे और वहां की कार्यप्रणाली को करीब से समझेंगे. 

15 जून को शुरू हुए डिजिटल बाल मेला 2021 के सीधे संवाद में हमारे आज के राजनेता कांग्रेस विधायक जोगिंदर अवाना है जो आज शाम 4 बजे डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित किए गए गूगल मीट पर बच्चों संग सीधा संवाद करेंगे.इस संवाद में विधायक बच्चो को बचपन रचनात्मक बनाने के टिप्स देंगे और कोरोना महामारी में बोर हो रहे बच्चों को घर बैठे कुछ करने का हौसला देंगे उनके साहस को एक बार फिर नई रोशनी देंगे. इस संवाद में बच्चे अपने मन की हर बात विधायक के सामने रख सकते है.

कांग्रेस विधायक जोगिंदर अवाना का परिचय:
कांग्रेस विधायक जोगिंदर अवाना मूल रूप से दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा के​ निवासी हैं. नोएडा से राजस्थान में जाकर विधायक बनने का उनका सफर भी काफी रोचक रहा है.एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे जोगेंद्र सिंह अवाना ने नोएडा देहात मोर्चा से अपना सियासी सफर शुरू किया था. ऐसे में राजनीति में पहचान बनाने के लिए जोगेंद्र सिंह अवाना अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म करने के साथ ही कांग्रेस से जुड़ गए और एमएलसी का चुनाव लड़ा. हालांकि उन्हें एमएलसी चुनाव में हार मिली लेकिन उनका असली सफर तो यही से शुरू माना जाता है. इस हार के बाद जोगिंदर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव में नोएडा विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट मांगा लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला और वो अपने करियर की साख को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस छोड़ बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए. लेकिन इसके बाद से लगातार जोगेंद्र राजस्थान की नदवई विधानसभा सीट पर मेहनत कर रहे थे और कहते है ना मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती ऐसे में जो​गिंदर अवाना के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. 

उन्होंने नदबई सीट पर कृष्णेंद्र कौर को मात दी थी. जो राजा मानसिंह की बेटी है और इससे पहले  वसुंधरा राजे सरकार में पर्यटन मंत्री रह चुकी है.सिर्फ इतना ही नहीं वो नदवई सीट से तीन बार विधायक भी रह चुकी हैं. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो​गिंदर सिंह अवाना के लिए ये मुकाबला कितना कठिन था लेकिन उन्होंने अपना विश्वास बनाए रखा और आखिरकार नदबई का नेता बनकर ही दम लिया.एक विधायक के तौर पर खुद को साबित कर रहे जो​गिंदर सिंह अपने राजनीति करियर से काफी सुर्खियों में रहते है. इसी के साथ 18 जून को वो बच्चों से सीधा संवाद करने जा रहे है जहां वो बच्चों की सरकार कैसी हो जैसे अहम विषय पर बच्चों से बात करेंगे और उनसे अपने अनुभव साझा करने के साथ ही उनके सवालों के जवाब भी देंगे.

आज शाम 4 बजे कांग्रेस विधायक जोगिंदर अवाना से सीधा संवाद:
आज शाम 4 बजे विधायक जोगिंदर सिंह अवाना बचपन को रचनात्मक बनाने के विषय पर चर्चा करेंगे किस प्रकार महामारी के इस दौर में तनाव का शिकार हो रहे बच्चे अपने बचपन को रचनात्मक और यादगार बना सकते है. जो उनके भविष्य में भी उनके काम आये. गौरतलब है ​कि डिजिटल बाल मेला 2021 एक मंच ही ऐसा है जहां बच्चे अपनी कला का देशभर के सामने प्रदर्शन कर सकते है अपनी सरकार को अपने सुझाव दे सकते है उनसे सीधे सवाल कर सकते है और वही अपनी सरकार बनाने में अपना योगदान दे सकते है. 

जहां पिछले तीन संवादों में बच्चों ने बालश्रम, वोट देने के अधिकार और अपने तनाव को दूर करने के बारे में जाना वही अब बच्चे इस नयी दुनिया में हर रोज एक नये अहम विषयों पर बात करेगें. जहां ना सिर्फ बच्चों को ​कुछ ​सीखने को मिलेगा बल्कि देश भी जानेगा कि आखिरकार बच्चे अपनी सरकार से क्या चाहते है.


 

और पढ़ें