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यादों के झरोखे में बीजेपी के 'मदन' ! कोई भी कार्यकर्ता आ जाये सैनी लिख देते थे डिजायर

यादों के झरोखे में बीजेपी के 'मदन' ! कोई भी कार्यकर्ता आ जाये सैनी लिख देते थे डिजायर

जयपुर: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी भले ही हमारे बीच में नहीं रहे लेकिन उनकी यादों के झरोखों को कोई भी नहीं भूला सकता. ऐसा ही एक किस्सा हम आपको राजे सरकार के समय का बताते है जब कोई भी कार्यकर्ता सैनी के पास आ जाते थे तो वह डिजायर लिख देते थे. सैनी पार्टी पदाधिकारी के नाते खूब डिजायर लिखते थे. 

डिजायर की संख्या हो जाती थी लगभग 1500
मदन लाल सैनी ने कभी भी डिजायर लिखने से किसी को मना नहीं किया. उनकी सोच थी कि अगर चिट्ठी से किसी का भला हो जाये तो अच्छा है. इस सोच के कारण उनकी डिजायर की संख्या लगभग 1500 हो जाती थी. कोई भी पार्टी पदाधिकारी इस संख्या को छू नहीं पाता था. हां कभी-कभी रामकिशोर मीना उनके मुकाबले में डिजायर लिखते थे. 

दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस
सोमवार शाम को उनके निधन का समाचार सुनते ही पार्टी के आला नेता अंतिम दर्शन के लिए एम्स पहुंचे. सैनी को तीन दिन पहले स्वास्थ्य खराब होने के चलते जयपुर से दिल्ली एम्स स्थानांतरित किया गया था. शाम चार बजे सीकर में सैनी का अंतिम संस्कार किया जाएगा. सैनी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल कल्याण सिंह, सीएम अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समेत बीजेपी-कांग्रेस के कई मंत्रियों और नेताओं ने शोक जताया है. 
 

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जयपुर: प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थी परिवारों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नवम्बर 2020 तक निःशुल्क अनाज देने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में एनएफएसए से जुड़े सभी परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिल रहे 5 किलो गेहूं प्रतिव्यक्ति तथा 1 किलो चना प्रति परिवार के साथ-साथ एनएफएसए के तहत देय अनाज का निःशुल्क वितरण किया जाएगा.  

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राशन वितरण की व्यवस्था की समुचित निगरानी के निर्देश:  
सीएम गहलोत ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री निवास पर यह घोषणा की. उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में राशन वितरण की व्यवस्था की समुचित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि गरीब आदमी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उसे समय पर राशन मिले. 

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जयपुर: राजस्थान में तेजी से बदल रहे सियासी राजनैतिक घटनाक्रम पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुनबा बिखर गया आखिर आलाकमान को बीच में दखल देनी पड़ी. यह नाकामयाबी ही मानी जाएगी. वहीं राठौड़ ने वसुंधरा राजे पर बोलते हुए कहा कि गठबंधन धर्म की पालना करनी चाहिए. अनर्गल आरोप लगाना कदापि उचित नहीं है. जिन किसी ने भी उन पर आरोप लगाए हमने उनको समझाया. वसुंधरा राजे हमारी पूर्व मुख्यमंत्री है प्रदेश की नेता हैं और नेता रहेंगी.  

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तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे: 
अविश्वास प्रस्ताव और विश्वास प्रस्ताव जैसी बात पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार को बेनकाब करने के लिए कोशिश करेंगे. तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे. भारतीय जनता पार्टी मजबूत प्रतिपक्ष है इसलिए हमारे सामने कोई चुनौती नहीं है. 13 तारीख की विधायक दल की बैठक के बाद हमारी रणनीति फाइनल होगी. 

हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही: 
वहीं गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए राठौड़ ने कहा कि हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही है. लेकिन भूचाल आया है वह अपने निशान छोड़ कर चला गया. उन्होंने कहा कि सत्र निश्चित तौर पर हंगामेदार और शानदार रहेगा. सरकार के नाकामी, टिड्डी का आक्रमण, कोरोना का कहर, सूखे की संभावना व जर्जर कानून व्यवस्था के मुद्दों पर विपक्ष का आक्रमण होगा. हम सदन से सड़क दक कुशासन से लड़ेंगे. 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित: 
राठौड़ ने कहा कि टेलीफोन टेप हुए पुलिस की एजेंसी विधायकों को ढूंढती रही लेकिन पपला गुर्जर को पुलिस ढूंढती तो अच्छा होता. वहीं पांच साल सरकार चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किला अगर ढह जाता है और बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित है. ऐसे में यह तो समय की रफ्तार और समय की धार बताएगी. 

VIDEO- मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात के बाद बोले विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, कहा...

जयपुर: राजस्थान में तेजी से सियासी घटनाक्रम में बदलाव हो रहे हैं. इसी बीच तीन निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, सुरेश टांक व खुशबीर सिंह ने मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे कर सीएम गहलोत से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद फर्स्ट इंडिया से बात करते हुए निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला ने कहा कि कुछ समय पहले हमारे खिलाफ SOG में एक मुकदमा दर्ज हुआ था सरकार ने वो वापस ले लिया. 

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उन्होंने कहा कि उस मुकदमे को लेकर सरकार और हमारे बीच एक आपसी तनाव पैदा हुआ था. हमे खुशी है इस बात की कि सरकार ने वह मुकदमा वापस ले लिया. आज हमने जो भी गिले-शिकवे थे वो सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दूर किए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है कि हमारे क्षेत्र की जनता का विकास कैसे हो. सुनिए और क्या कुछ कहा...

 

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जयपुर: आखिर एक महीने की सियासी जंग के बाद पायलट की फिर घर वापसी हो गई. इसके बाद आज सचिन पायलट काफी लंबे वक्त बाद मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए. हमने जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है हर नेता और हर समाज को साथ लेकर काम किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने आलाकमान के सामने कोई मांग नहीं रखी. मैंने आलाकमान के ऊपर सारा फैसला छोड़ दिया है. हाईकमान ने हमारी बातों को गंभीरता से सुना है. समस्याओं के निराकरण के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई है.

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कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को लेकर इश्यू था:  
पायलट ने कहा कि जिसका सरकार बनाने में योगदान हो उसे सम्मान मिलना चाहिए. मैंने गहलोत जी के साथ मिलकर संघर्ष किया है. इसके साथ ही उन्होंने ने कहा कि झूठ फैलाने वालों को सच्चाई का सामना करना पड़ेगा. सचिन पायलट ने कहा कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को लेकर इश्यू था. मुझे सौभाग्य मिला कि 6 साल तक कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष रहा. जब हमारी सरकार नहीं थी तब हमने 5 साल तक लगातार मेहनत की. धरने, भूख हड़ताल कर हमने जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए. 2018 में कड़ी मेहनत के कारण 21 से बढ़कर 100 तक सीटें पहुंची है. लेकिन डेढ़ साल में उस गति से काम नहीं कर पाए. 

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जब-जब पार्टी ने मुझे दायित्व दिया है मैंने निष्ठा के साथ निभाया:
उन्होंने कहा कि हमने सबको साथ लेकर काम किया है. कठिन परिस्थितियों में किसानों और युवाओं को साथ में लेकर मेहनत की. समयबद्ध तरीके से सभी इश्यू का निराकरण किया जाएगा. मैंने कभी भी किसी के लिए अमार्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. अशोक गहलोत जी मेरे से उम्र में बड़े है लेकिन जिस तरह टीका टिपण्णी हुई उससे मुझे भी दुख हुआ है. जिस तरह के आरोप लगाए है वो सच आपके सामने है. पायलट ने कहा कि सत्ता और संगठन को मिलकर काम करना चाहिए. मुझे दुख है कि देशद्रोह का नोटिस भेजा गया, ACB, SOG की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी. लेकिन पार्टी आलाकमान ने हमारी बातों को सुना है. जब-जब पार्टी ने मुझे दायित्व दिया है मैंने निष्ठा के साथ निभाया है. दूसरे दल क्या करते है क्या नहीं वो जाने. मैंने पार्टी विचारधारा और पार्टी के खिलाफ कोई बात नहीं बोली. 


 

VIDEO: बीजेपी ने विधायक दल की बैठक टाली, अब 13 अगस्त को सुबह 11बजे होगी बैठक

जयपुर: राजस्थान में आज भाजपा विधायक दल की बैठक होनी थी लेकिन अब वह बैठक टाल दी गई है. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने फर्स्ट इंडिया न्यूज से बातचीत में बताया कि हमने विधायक दल की बैठक बुलाई थी लेकिन हमारे कुछ विधायक गुजरात में होने के चलते आज नहीं आ पाएंगे. इसके बाद कल जन्माष्टमी है. इसलिए सभी ने सुझाव दिया की मीटिंग जन्माष्टमी के बाद की जाए. 

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विधायक दल की बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा:
उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. बैठक वी. सतीश की मौजूदगी में होगी, वहीं अन्य केंद्रीय नेताओं के भी आने का कार्यक्रम है. हमारी पार्टी में फूट नहीं है लोगों ने ऐसा करने का प्रयास किया. हनुमान बेनीवाल से भी कल हमारी बात हुई, पूर्व मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई है वो भी भाजपा की बैठक में मौजूद रहेगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की वजह से बिना मन गहलोत को पायलट से मिलना पड़ेगा. 
 

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: राजस्थान में एक महीने से चल रहा सियासी घमासान अब शांत होने के कगार पर पहुंच चुका है. इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज मीडिया से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंन कहा कि बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया. हमारी सरकार मजबूत है और मजबूत रहेगी. इसके साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि आलाकमान जो फैसला करेगा वो हमें मान्य है. 3 लोगों की कमेटी बनाई गई है. 

VIDEO: सीएम गहलोत से मुलाकात के बाद बोले पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा, मेरा पार्टी से कोई गिला-शिकवा नहीं 

जब तक मैं हूं आपका अभिभावक रहूंगा:
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी को कहा है जब तक मैं हूं आपका अभिभावक रहूंगा. कल जो फैसले हुए हैं उन पर आगे की रणनीति बनाएंगे. हमारे विधायकों ने एकजुटता दिखाई है, विधायकों की नाराजगी दूर की जाएगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बीजेपी का असली चेहरा सामने आ गया है. राजस्थान की जनता ने भी सहयोग दिया है. ऐसे में बीजेपी नेताओं की धज्जियां उड़ गई है. सरकार बहुमत में पहले भी थी और अब भी रहेगी और आगे भी रहेगी. 

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फॉर्मूले पर हाईकमान फैसला करेगा:
वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉर्मूले पर हाईकमान फैसला करेगा. कल जो फैसले हुए है उसके बाद आगे की रणनीति बनाएंगे. बीजेपी नेताओं ने सरका को गिराने का पूरा षड्यंत्र किया. वहीं पायलट गुट के विधायकों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो नाराजगी है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा. मैं जब तक हूं आपका अभिभावक बना रहूंगा. हमारी सरकार 5 साल तक चलेगी और अगला चुनाव भी जीतकर आएंगे. उन्होंने कहा कि पायलट कैंप को हाईकमान पर विश्वास है. उस विश्वास को हम हर कीमत पर बनाए रखेंगे. जो लोग आए वो किन परिस्थितियों में गए थे मेरे से क्या नाराजगी है उससे जानने के प्रयास किए जांगे. अगर कोई मुझजे नाराज है तो उसको दूर करना मेरी जिम्मेदारी है. 


 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज जाएंगे जैसलमेर, कल सभी विधायक आएंगे जयपुर

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जयपुर: राजस्थान में एक महीने से चल रहा सियासी घमासान अब शांत होने के कगार पर पहुंच चुका है. इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज विधायकों को लाने जैसलमेर जाएंगे. इस दौरान शांति धारीवाल, महेंद्र चौधरी, संयम लोढा व रामकेश उनके साथ जाएंगे. उसके बाद मुख्यमंत्री आज रात जैसलमेर में ही रुकेंगे. 

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कल मुख्यमंत्री के साथ सभी विधायक आएंगे जयपुर: 
शाम को जैसलमेर में ही विधायक दल की बैठक होगी. बैठक के बाद कल मुख्यमंत्री के साथ सभी विधायक जयपुर आएंगे. इसके लिए 4 चार्टर प्लेन की व्यवस्था की गई है. उसके बाद सभी विधायक कल से जयपुर के फेयरमोंट होटल में रुकेंगे. बता दें कि गहलोत जयपुर से जैसलमेर भी विधायकों को अपने साथ ले गए थे. अब वापस लाने के लिए भी मुख्यमंत्री जैसलमेर जा रहे हैं.  

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सचिन समेत 19 विधायक आज लौट सकते जयपुर:
वहीं दूसरी ओर राहुल-प्रियंका से दिल्ली में 2 घंटे मुलाकात के बाद सचिन समेत 19 विधायक आज जयपुर लौट सकते हैं. इससे पहले कल हुई मुलाकात में सचिन पायलट को इस बात का आश्वासन दिया गया है कि उनके और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. इसके साथ ही बागी विधायकों को उनके पद दोबारा देने और कमेटी गठित करने जैसे समझौते पर भी बात हुई है. 


 

VIDEO: गहलोत-पायलट समझौते का बसपा "इफेक्ट"!

जयपुर: सचिन पायलट की करीब एक महीने की बगावत के बाद कांग्रेस में घर वापसी तय हो गई है. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि गहलोत-पायलट समझौते का बसपा-कांग्रेस विलय प्रकरण पर क्या असर होगा. आज सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़े सभी मुद्दों पर जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बैंच सुनवाई करेगी. 

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मौजूदा हालात में TRUST VOTE जीतने पर इसका कोई असर नहीं होगा:
ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट बसपा विधायकों की "वोटिंग राइट्स" पर रोक लगा देता है तो फिर इसका असर गहलोत के TRUST VOTE के परिणाम पर क्या होगा? इस बारे में गहलोत कैम्प से जुड़े सूत्रों ने संकेत देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में TRUST VOTE जीतने पर इसका कोई असर नहीं होगा, और फिर रही-सही कसर बागी विधायकों की कांग्रेस वापसी से पूरी हो जाएगी. तेजी से बदलते इस घटनाक्रम से गहलोत कैम्प में जबरदस्त खुशी का माहौल है. 

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विधानसभा सत्र से पहले ही कांग्रेस ने अपने घर को समेट लिया:  
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को सचिन पायलट और उनके साथी विधायकों से मुलाकात की, सभी की बातें सुनी गईं. जिसके बाद मंगलवार को सभी विधायक जयपुर जा सकते हैं. यानी 14 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले ही कांग्रेस ने अपने घर को समेट लिया है. वहीं राहुल-प्रियंका से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने मीडिया से बात की, उन्होंने कहा कि पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है. हम आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ रहे थे.


 

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