भोपाल मध्यप्रदेश: शिवराज सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए कार्य बल गठित किया

मध्यप्रदेश: शिवराज सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए कार्य बल गठित किया

मध्यप्रदेश: शिवराज सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए कार्य बल गठित किया

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारी बारिश के कारण आई बाढ़, वाले इलाकों में लोगों की मदद के लिए अनेक उपायों की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की देखरेख के लिए एक कार्यबल का गठन किया है,जिसमें 12 मंत्री शामिल हैं. रविवार देर शाम जारी एक बयान में चौहान ने कहा कि बाढ़ के कारण मरने वाले लोगों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

प्रभावित इलाकों से हजारों लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया:
इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि पिछले सप्ताह उत्तरी मध्य प्रदेश के चंबल-ग्वालियर क्षेत्र में बारिश और बाढ़ के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई. प्रभावित इलाकों से हजारों लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. चौहान ने बताया कि वायु सेना, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने बाढ़ प्रभावित जिलों में विभिन्न स्थानों में फंसे 8,900 लोगों को बचाया है वहीं 32,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

कार्य बल में 12 कैबिनेट मंत्री और सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल:
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने एक कार्य बल का गठन किया है जिसमें 12 कैबिनेट मंत्री और सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी शामिल हैं. मैं स्वयं, और मंत्रियों तथा अधिकारियों की टीम राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों की देखरेख करेगी. उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को नियमित राशन के अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों को 50 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज दिया जाएगा.

परिवारों को खोने वाले पीडितों को तुरंत 6000 रुपए दिए जा रहे:
उन्होंने कहा कि जहां भी संभव होगा हम प्रभावित परिवारों को आटा उपलब्ध कराएंगे ताकि वे तुरंत अपने भोजन की व्यवस्था कर सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, जिन परिवारों ने अपने घर खो दिए हैं, उन्हें तुरंत 6000 रुपए दिए जा रहे हैं ताकि वे किराए के मकानों में रह सकें. उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के बाद प्रदेश सरकार उन लोगों को भी सहायता प्रदान करेगी जिनके घरेलू सामानों को नुकसान पहुंचा है. प्रदेश सरकार बाढ़ में तबाह हुए घरों के निर्माण के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था कर रही है.

दुधारू मवेशी खोने वालों को 30 हजार रुपए दिए जाएंगे:
उन्होंने कहा कि दुधारू मवेशी खोने वालों को 30 हजार रुपए दिए जाएंगे जबकि अन्य पशुओं के लिए 25 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा बाढ़ से फसल को हुए नुकसान के लिए भी राहत मुहैया कराई जाएगी. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने में विफल रहने का आरोप लगाया.

कमलनाथ ने रविवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जब मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी तो जिलों में सरकार ने कोई इंतजाम क्यों नहीं किया? उन्होंने दावा किया कि राहत के उपाय केवल प्रदेश सरकार की घोषणाओं तक ही सीमित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल बचाव कार्य का प्रचार कर रही है और आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है. (भाषा) 

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