इंदौर (मध्यप्रदेश) Madhya Pradesh: दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को फोन कर 3 बार बोला तलाक, कहा- आज से हमारा रिश्ता खत्म, आरोपी शौहर पर मामला दर्ज

Madhya Pradesh: दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को फोन कर 3 बार बोला तलाक, कहा- आज से हमारा रिश्ता खत्म, आरोपी शौहर पर मामला दर्ज

Madhya Pradesh: दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी को फोन कर 3 बार बोला तलाक,  कहा- आज से हमारा रिश्ता खत्म, आरोपी शौहर पर मामला दर्ज

इंदौर (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के इंदौर में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर फोन कॉल के जरिये पत्नी को तीन तलाक (तलाक-उल-बिद्दत) देने का मामला सामने आया है. 

पुलिस ने विवाहिता को प्रताड़ित करने के आरोपों में उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. एमआईजी पुलिस थाने के प्रभारी अजय वर्मा ने रविवार को बताया कि 32 वर्षीय महिला ने शनिवार रात दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि उसके शौहर आस मोहम्मद खान ने 21 सितंबर को उसे फोन कॉल पर कि तलाक, तलाक, तलाक" बोलकर कहा कि दोनों के बीच वैवाहिक रिश्ते को तुरंत खत्म माना जाए. 

यूपी के हापुड़ की रहने वाली है महिला: 
उन्होंने बताया कि महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसके मायके वालों से दहेज के रूप में पांच लाख रुपये की मांग कर उसे परेशान कर रहे थे और यह मांग पूरी न किए जाने के चलते उसके शौहर ने उसे फोन कॉल पर तलाक, तलाक, तलाक बोलकर छोड़ दिया. वर्मा ने बताया कि पीड़ित महिला का मायका इंदौर में है, जबकि उसका ससुराल उत्तरप्रदेश के हापुड़ जिले में है. उन्होंने बताया कि महिला के मायके वालों ने उसके पति को इंदौर में फ्लैट भी दिलवा दिया था और वह अपने पति के साथ इंदौर में ही रह रही थी. थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की शिकायत पर उसके पति व ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 , भारतीय दंड विधान की धारा 498-ए (किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता) और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. वर्मा ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. 

गौरतलब है कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 एक साथ तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध खत्म करने की प्रथा पर रोक लगाता है, इस कानून में दोषी के लिए तीन साल तक के कारावास का प्रावधान है. सोर्स-भाषा

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