Maha Shivratri 2019: ऐसे करें भोलेनाथ की पूजा, शिव होंगे प्रसन्न

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/04 10:10

नई दिल्ली। देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। भोले के भक्तों की मंदिरों में अलसुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। रौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसिलिए इस दिन को महाशिवरात्रि पर्व के रुप में मनाया जाता है। भक्त भंग धतुरों से शिव की पूजा करके उन्हें रिझाते हैं। कहते हैं इस दिन शिव मध्यरात्रि नृत्य करते हैं।

हर महीने की कृष्णपक्ष चतुर्दशी को मास शिवरात्रि होती है,लेकिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में पूजा जाता है।साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

इस दिन किसी भी समय शिव जबसे शिवरात्रि आरम्भ होती है और समाप्त होने तक दिन रात शिव पूजा कर सकते हैं। यह बात वैदिक और पौराणिक है।
शिवरात्रि को भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान हमारी मनोकामना पूरी करते हैं। इस दिन महामृत्युंजय मंत्र के जप से रोगों से मुक्ति मिलती है तथा व्यक्ति दीर्घायु होता है।

गंभीर रोग से पीड़ित लोग निश्चित संख्या मवन शिवमंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का अनुष्ठान बैठाएं। महाशिवरात्र‍ि के दिन शिव जी का विभिन्न पवित्र वस्तुओं से पूजन एवं अभिषेक किया जाता है और बिल्वपत्र, धतूरा, अबीर, गुलाल, बेर, उम्बी आदि  अर्पित किया जाता है। भगवान शिव को भांग बेहद प्रिय है अत: कई लोग उन्हें भांग भी चढ़ाते हैं। दिनभर उपवास रखकर पूजन करने के बाद शाम के समय फलाहार किया जाता है।
 

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