महाराष्ट्र : बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बीड के गांवों में बाढ़ का खतरा, पड़ोसी जिलों में अलर्ट

महाराष्ट्र : बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बीड के गांवों में बाढ़ का खतरा, पड़ोसी जिलों में अलर्ट

महाराष्ट्र : बांध से पानी छोड़े जाने के कारण बीड के गांवों में बाढ़ का खतरा, पड़ोसी जिलों में अलर्ट

औरंगाबाद (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र में मंजारा बांध से सटे इलाकों में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने पानी की निकासी के लिए बांध के सभी 18 गेट खोल दिए जिससे बीड जिले के कुछ गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, वहीं आस पास के कुछ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों से कई परिवारों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया और अब तक किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है. सोमवार रात को भारी बारिश के कारण बीड जिले में मंजारा और मजलगांव बांधों में क्षमता से अधिक पानी भर गया.अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार तड़के मंजारा बांध के सभी 18 और मजलगांव बांध के 11 गेट खोल दिए, जिससे उनमें से क्रमश: 78,397 क्यूसेक और 80,534 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. अंबाजोगई के तहसीलदार विपिन पाटिल ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मंजारा बांध से पानी छोड़े जाने से बीड जिले के कैज और अंबाजोगई तालुका के गांवों में बाढ़ आ गई.

मंजारा नदी के किनारे स्थित इस्थल (कैज तालुका में), अपेगांव, तडोला, कोपरा, अंजनपुर, देवड़ा, टाट बोरगांव, अकोला (सभी अंबाजोगई तालुका में) जैसे गांव बाढ़ और जल-जमाव का सामना कर रहे हैं. इनमें से कुछ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से करीब 110 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.मजलगांव सिंचाई विभाग के कार्यालय ने भी बीड, परभनी और नांदेड़ के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में सिंधफणा और गोदावरी नदियों के किनारे स्थित गांवों में अलर्ट जारी करने को कहा है. बीड जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी उमेश शिर्के ने कहा कि अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं. अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

बीड के जिलाधिकारी राधाबिनोद शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन अलर्ट पर है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. इस्थल गांव निवासी पंढारी टोकले ने बताया कि सोमवार की रात से ही उनके क्षेत्र में पानी बढ़ना शुरू हो गया था. उन्होंने बताया कि पानी लगभग तीन फुट तक बढ़ गया. निवासियों को मंगलवार सुबह चार बजे से सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम शुरू हुआ. गांव में अब कोई व्यक्ति या मवेशी नहीं है. कमोबेश यही स्थिति अंबाजोगाई तालुका के अंजनपुर और अपेगांव गांवों की भी है.

संपर्क किए जाने पर पड़ोसी लातूर जिले के कलेक्टर पृथ्वीराज बी पी ने बताया कि उनके जिले के 158 गांव मंजारा बांध से पानी छोड़े जाने से प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि हम उन गांवों की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं, जहां तेर्ना और मंजारा नदियों का संगम है और जहां मंजारा नदी का मार्ग बदलता है. (भाषा) 

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