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महाराष्ट्र में हिंसक हुआ मराठा आरक्षण आंदोलन, कई जगह वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी

महाराष्ट्र में हिंसक हुआ मराठा आरक्षण आंदोलन, कई जगह वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी

मुंबई। महाराष्ट्र में मराठाओं को आरक्षण देने की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। मंगलवार को महाराष्ट्र बंद के दौरान कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। औरंगाबाद में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने ट्रकों को आग के हवाले कर दिया और औरंगाबाद जिले के कैगांव में एक दमकल वाहन में आग लगा दी। यहां एक 28 वर्षीय काकासाहेब दत्तात्रेय शिंदे ने सोमवार शाम आरक्षण की मांग को लेकर गोदावरी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मंगलवार को दो और युवकों ने नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की।

हिंगोली में भी प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस की जीप में आग लगा दी गई। इस घटना में एक पुलिसकर्मी और दो अन्य लोग घायल हो गए। शिंदे की मौत के प्रतिक्रियास्वरूप राज्य में कई जगहों पर बंद किया गया, सड़क और रेल मार्गो में व्यवधान उत्पन्न किया गया। कई जगह जुलूस निकाले गए और आगजनी की घटनाएं हुईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध में अपने सिर मुंडवा लिए। बंद का सबसे ज्यादा असर औरंगाबाद और मराठवाड़ा इलाके में दिख रहा है। यहां स्कूल और कॉलेज बंद हैं।

बंद के चलते पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है, लेकिन प्रदर्शनकारियों के आगे पुलिस बेबस नजर आ रही है। औरंगाबाद-पुणे मार्ग प्रदर्शकारियों ने जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनो की लंबी कतारें लग गई। औरंगाबाद में सरकारी बसों की सेवा बंद है। इसी बीच कांग्रेस के अशोक चव्हाण और सचिन सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जितेंद्र अव्हाड और अन्य समेत सभी बड़े राजनीतिक दलों ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार से मराठा आरक्षण के मुद्दे को तत्काल सुलझाने का आग्रह किया है।
 

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