लंदन भारतीय बल्लेबाजों का सामना करना इंग्लैंड के स्पिनरों के लिए बड़ी चुनौती: महेला जयवर्धने

भारतीय बल्लेबाजों का सामना करना इंग्लैंड के स्पिनरों के लिए बड़ी चुनौती: महेला जयवर्धने

भारतीय बल्लेबाजों का सामना करना इंग्लैंड के स्पिनरों के लिए बड़ी चुनौती: महेला जयवर्धने

लंदनः  हाल ही में पूर्व श्रीलंकाई कप्तान महेला जयवर्धने का मानना है कि भारत के खिलाफ पांच फरवरी से शुरू होने वाले चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला उनके लिए बड़ी चुनौती होगी. गौरतलब है कि इंग्लैंड के स्पिनर डॉम बेस और जैक लीच हाल में समाप्त हुई श्रृंखला में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर अपना प्रभाव छोड़ने में काफी हद तक सफल रहे थे. बायें हाथ के स्पिनर लीच ने दो मैचों की श्रृंखला में 10 जबकि ऑफ स्पिनर बेस ने 12 विकेट लिए थे. इंग्लैंड ने यह श्रृंखला 2-0 से जीती थी.

जयवर्धने ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा है कि मुझे लगता है कि यह बेहद आकर्षक श्रृंखला होगी. यह इन खिलाड़ियों के लिये अच्छी चुनौती होगी. इसी का नाम क्रिकेट है. आपको विदेशों में जाकर टेस्ट श्रृंखलाएं जीतनी होती हैं. उन्होंने कहा है कि इन दो स्पिनरों (बेस और लीच) ने काफी अनुभव हासिल किया होगा लेकिन भारत में उनके लिये बड़ी चुनौती होगी. जयवर्धने का हालांकि मानना है कि इंग्लैंड भारतीय श्रृंखला के लिए अच्छी तरह से तैयार है विशेषकर इस श्रृंखला में उसे आलराउंडर बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की सेवाएं मिलेंगी.

वहीं, स्टोक्स और आर्चर दोनों को श्रीलंका श्रृंखला में विश्राम दिया गया था. जयवर्धने ने कहा है कि बेन स्टोक्स की वापसी इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा फायदा होगा क्योंकि वह अनुभवी हैं तथा उनके शीर्ष क्रम में बायें हाथ का एक और बल्लेबाज आ जाएगा जो कि महत्वपूर्ण होगा. उन्होंने कहा है कि जोफ्रा आर्चर अपनी तेजी से विशेषकर धीमे विकेटों पर कुछ खास कर सकते है. कुल मिलाकर वे बहुत अच्छी तरह से तैयार हैं. भारतीय श्रृंखला के लिये सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स को भी इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है लेकिन जयवर्धने ने कहा कि उनके लिए यह चुनौती आसान नहीं होगी.

उन्होंने कहा है कि रोरी बर्न्स अगर पारी का आगाज करते हैं तो उनके लिए यह चुनौती होगी. उन्होंने हाल में बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेली है. जयवर्धने ने विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टॉ को टीम में शामिल नहीं करने पर निराशा जताई है. उन्होंने कहा है कि वह अनुभवी हैं और विशेषकर जिस तरह से उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में बल्लेबाजी की थी उसे देखते हुए उन्हें टीम में शामिल होना चाहिए था. केविन पीटरसन भी बेयरस्टॉ को टीम में शामिल करने की वकालत कर चुके हैं. (सोर्स-भाषा)

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