हैदराबाद Agneepath Scheme: सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हुई आगजनी के मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Agneepath Scheme: सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हुई आगजनी के मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Agneepath Scheme: सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हुई आगजनी के मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद: तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर 17 जून को हुई आगजनी की कथित साजिश रचने के आरोप में एक पूर्व सैन्यकर्मी को गिरफ्तार किया गया है. रेलवे पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी.

केंद्र सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन के दौरान 17 जून को यहां रेलवे स्टेशन पर हिंसा हुई थी. इसके बाद पुलिस द्वारा कथित रूप से प्रदर्शनकारियों पर की गई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. पुलिस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सेना में नर्सिंग सहायक के रूप में काम कर चुके अवुला सुब्बा राव अब आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के नरसरावपेटा में साई रक्षा अकादमी चलाते हैं. पुलिस ने बताया कि सुब्बा राव और उनके तीन साथियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों ने कथित तौर पर उन लोगों से तीन लाख रुपये का बांड लिया था, जिन्होंने सेना में भर्ती की कोचिंग के लिए उनके संस्थान में दाखिला लिया था. पुलिस के अनुसार अग्निपथ योजना के संबंध में केंद्र सरकार की घोषणा और फिर सेना में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा रद्द किये जाने के बाद उम्मीदवार एक प्रतिवेदन देने के लिए एआरओ (सेना भर्ती कार्यालय) में रैली निकालना चाहते थे.

पुलिस ने कहा कि सुब्बा राव और अन्य ने अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाए और संदेश फैलाया कि सभी सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पहुंचें और हिंसा में शामिल हों. विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सुब्बा राव की अकादमी और अन्य अकादमियों को अग्निपथ योजना के कार्यान्वयन से अपना कामकाज बंद होने का डर था. पुलिस के अनुसार, 'उन्होंने हिंसा का षड़यंत्र रचा और सेना के उम्मीदवारों को उकसाया क्योंकि उन्हें अग्निपथ योजना के कारण अपनी रक्षा अकादमी बंद होने का खतरा रहा होगा. उन्हें भारी नुकसान होने की आशंका थी... इसलिए अग्निपथ योजना वापस लेने के लिए भारत सरकार पर दबाव डालने के मकसद से उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करके उनकी मदद की.' विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिंसक प्रदर्शनों का समर्थन करने वाली अन्य रक्षा अकादमियों के निदेशकों की पहचान की जा रही है. सोर्स- भाषा

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