जयपुर VIDEO: मेजर मिनरल की दिशा में खान विभाग की बड़ी उपलब्धि, राजस्थान का पहला मैंगनीज ब्लॉक नीलाम, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: मेजर मिनरल की दिशा में खान विभाग की बड़ी उपलब्धि, राजस्थान का पहला मैंगनीज ब्लॉक नीलाम, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: मेजर मिनरल के ब्लॉक्स को नीलाम करने के खान विभाग के प्रयासों को जोरदार सफलता मिली है. खान विभाग ने प्रदेश का पहला मैंगनीज का ब्लॉक एमएसटीसी के जरिए नीलाम किया है. इस ब्लॉक की रिजर्व प्राइस के 12.11 प्रतिशत बोली लगाई गई. मध्यप्रदेश के रतलाम की फर्म सैयद अख्तर अली ने इस ब्लॉक को नीलामी में खरीदा. इस फर्म को कंपोजिट लाइसेंस के लिए पात्र माना है. 

मेजर मिनरल की दिशा में खान विभाग की बड़ी उपलब्धि :
- बांसवाड़ा के काला खूंटा का मैंगनीज ब्लॉक हुआ नीलाम
- मेसर्स सैयद अख्तर अली ने रिजर्व प्राइस की 12.11 फीसदी की बोली लगा ब्लॉक किया अपने नाम
- MSTC के जरिए ब्लॉक की रखी गई थी ऑनलाइन नीलामी
- मध्यप्रदेश के रतलाम की फर्म सैयद अख्तर अली को मिला कम्पोजिट लाइसेंस 
- अब इस फर्म द्वारा किया जाएगा एक्सप्लोरेशन 

खान विभाग ने प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में मेजर मिनरल के कुल 13 ब्लाॅक्स नीलाम किए हैं. इससे विभाग को तीन लाख करोड़ से ज्यादा का राजस्व अगले 50 वर्षों में मिलेगा. इसी कड़ी में खान विभाग ने बांसवाड़ा के काला खूंटा का मैंगनीज ब्लॉक नीलाम करने के लिए एमएसटीसी के जरिए ऑन लाइन नीलामी के प्लेटफार्म पर डाला था. यह ब्लॉक 6.30 वर्ग किलोमीटर का है. इसमें खान विभाग ने 297 मीटर के पांच बोर होल्स करवाए थे जिनमें 6.552 मिलियन टन मैंगनीज के भंडार का पता चला है. खान विभाग क्षरा करवाई गई नीलामी में मध्यप्रदेश के रतलाम की फर्म सैयद अख्तर अली द्वारा सर्वाधिक बोली लगाई गई थी. 

अब इस फर्म द्वारा कंपोजिट लाइसेंस मिलने के बाद यहां एक्सप्लोरेशन करवाया जाएगा और मिनरल रिजर्व के हिसाब से खान विभाग को राशि दी जाएगी. दरअसल अभी तक  लाइमस्टोन ब्लॉक ही नीलाम होते रहे हैं. अब आयरन ओर, कॉपर, गोल्ड और मैंग्नीज जैसे बेशकीमती खनिजों के ब्लॉक्स नीलाम होने से राजस्थान भी देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है जहां बेशकीमती खनिजों का खनन आर उत्पादन किया जाएगा. जीएसआई से मिली रिपोर्ट की माने तो राजस्थान में यूरेनियम, बेस मेटल और रेयर अर्थ जैसे खनिज भी प्रचुर मात्रा में पाए गए हैं.

खान विभाग के एसीएस डाॅ सुबोध अग्रवाल की माने तो प्रदेश में माइनर मिनरल के साथ ही मेजर मिनरल के ब्लॉक्स की नीलामी से राजस्व में तो वृद्धि हुई है. वहीं खनिज उत्पादन की दिशा में मोटा निवेश भी मिलने लगा है. पिछले 3 साल में प्रदेश में खनन क्षेत्र में काफी बदलाव देखने को मिले हैं. बजरी से रोक हटी तो, माइनर और मेजर मिनरल के ब्लॉक्स की नीलामी से मोटा निवेश भी आया. अवैध खनन पर अंकुश से भी खान विभाग के राजस्व में वृद्धि हुई है. कहा जा सकता है कि आने वाले कुछ वर्षों में खनन सेक्टर और मजबूत होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था ज्यादा मजबूत होगी.

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